UP कैंसर मुक्त प्रदेश अभियान: ब्रजेश पाठक ने 75 जिलों में 100-शैय्या अस्पताल का खाका रखा
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने 16 मई 2025 को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रदेश को कैंसर मुक्त बनाने के लक्ष्य पर गंभीरता से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिकों से ही सशक्त प्रदेश और विकसित राष्ट्र की नींव स्थापित होती है। लखनऊ स्थित विधानसभा सभागार में आयोजित एक उच्चस्तरीय प्रस्तुतीकरण बैठक में यह संकल्प दोहराया गया।
बैठक का उद्देश्य और प्रमुख मिशन
शुक्रवार को आयोजित इस बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कैंसर मिशन, उत्तर प्रदेश सर्जिकल सर्विसेज सशक्तीकरण मिशन और उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क को और अधिक मज़बूत बनाने के लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा तैयार रोडमैप प्रस्तुत किया गया। बैठक में आगामी वर्षों की विस्तृत योजना, मैनपावर की आवश्यकता और अपेक्षित व्यय का ब्योरा भी साझा किया गया।
उपमुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर गहन चर्चा की और कहा कि जो प्रस्ताव अभी लंबित हैं, उन पर जल्द एकमत होकर क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही अगली बैठक बुलाने की घोषणा भी की गई।
75 जिलों में 100-शैय्या कैंसर अस्पताल का प्रस्ताव
बैठक में चर्चा हुई कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में 100 शैय्याओं से युक्त कैंसर अस्पताल स्थापित किए जाएँ। साथ ही प्रारंभिक चरण में ही बीमारी की पहचान के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने पर भी सहमति बनी। विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती पहचान से उपचार की सफलता दर में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में कैंसर के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता अब भी असमान है।
सर्जिकल सर्विसेज और ट्रॉमा नेटवर्क को मज़बूती
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि मेडिकल क्षेत्र में सर्जिकल सर्विसेज अत्यंत महत्वपूर्ण हैं और यह योजना मरीजों के लिए काफी कारगर सिद्ध होगी। उत्तर प्रदेश ट्रॉमा एवं इमरजेंसी नेटवर्क को सशक्त बनाने के लिए भी विस्तृत प्लान प्रस्तुत किया गया, जिसमें नेटवर्क विस्तार की रणनीति शामिल है।
उन्होंने सरकारी एंबुलेंस सेवाओं — 108 और 102 — के संदर्भ में भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए, ताकि आपात स्थिति में त्वरित सहायता सुनिश्चित हो सके।
नकली ट्रॉमा सेंटरों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक में उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जो निजी अस्पताल ट्रॉमा सेंटर के निर्धारित मानकों को पूरा नहीं करते, लेकिन अपने परिसर के बाहर ट्रॉमा सेंटर का बोर्ड लगाए हुए हैं, उन्हें नोटिस देकर नगर निगमों के माध्यम से वे बोर्ड हटवाए जाएँ। इसके अतिरिक्त, सरकारी अस्पतालों के आसपास भी मरीजों और उनके परिजनों को भ्रमित करने वाले निजी अस्पतालों के बोर्ड हटाने के आदेश दिए गए।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष, स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ चिकित्सक उपस्थित रहे। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका निर्णायक होगी। अगली बैठक में लंबित बिंदुओं पर अंतिम निर्णय लेकर योजनाओं को लागू करने की तैयारी है।