त्रिपुरा वायरल कैश वीडियो: धलाई में चार गिरफ्तार, तीन सुरक्षाकर्मी निलंबित; करोड़ों के अवैध रैकेट की जांच

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त्रिपुरा वायरल कैश वीडियो: धलाई में चार गिरफ्तार, तीन सुरक्षाकर्मी निलंबित; करोड़ों के अवैध रैकेट की जांच

सारांश

त्रिपुरा में एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी के घर में करोड़ों की नगदी दिखाने वाला वीडियो वायरल हुआ — और उसके पीछे निकला एक संगठित अवैध निवेश सिंडिकेट, जो धमकियों और ड्रग मनी के संदिग्ध जाल में उलझा है। चार गिरफ्तारियां, तीन निलंबन, और जांच अभी जारी है।

मुख्य बातें

त्रिपुरा के धलाई जिले में पुलिस कांस्टेबल की पत्नी के घर में करोड़ों रुपये की नगदी दिखाने वाला वीडियो वायरल हुआ।
वीडियो में 100, 500 और 2,000 रुपये के नोटों की गड्डियां दिखाई गईं।
अब तक चार लोग गिरफ्तार — दो महिलाएं, एक पुलिसकर्मी, एक स्वास्थ्य विभाग कर्मचारी; सभी न्यायिक हिरासत में।
त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के एक जवान सहित तीन सुरक्षाकर्मी निलंबित ।
लगभग 15 लोगों से पूछताछ ; अंतरराज्यीय गिरोह और नशीले पदार्थों की तस्करी की आशंका।
मुख्यमंत्री माणिक साहा और पुलिस महानिदेशक अनुराग ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।

त्रिपुरा के धलाई जिले में एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी द्वारा घर में करोड़ों रुपये की नगदी दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने 19 मई 2026 तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और तीन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक बड़े संगठित अवैध निवेश रैकेट से जुड़ा प्रतीत होता है, जिसमें अंतरराज्यीय गिरोह की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।

मुख्य घटनाक्रम

वायरल वीडियो में 100, 500 और 2,000 रुपये के नोटों की गड्डियां दिखाई गई थीं, जिनकी कुल कीमत करोड़ों रुपये होने का अनुमान है। वीडियो सामने आते ही पूरे राज्य में सनसनी फैल गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अब तक लगभग 15 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की है।

गिरफ्तार चार आरोपियों में दो महिलाएं, एक पुलिसकर्मी, एक स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी और एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी शामिल हैं। सभी को स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

निलंबित सुरक्षाकर्मी और शिकायतकर्ता

इस मामले में त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के एक जवान और दो पुलिसकर्मियों — जिनमें एक महिला कांस्टेबल भी शामिल है — को निलंबित किया गया है। वहीं पुलिस कांस्टेबल रूपक साहा (30) ने भी आरोपियों की अवैध और गुप्त वित्तीय गतिविधियों के संबंध में अलग से शिकायत दर्ज कराई है।

अवैध निवेश रैकेट की परतें

जांच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी एक संगठित और प्रभावशाली अवैध निवेश सिंडिकेट का हिस्सा हैं, जो व्यापारियों और आम लोगों से अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा करता था। जब निवेशक अपनी रकम वापस मांगते, तो आरोपी कथित तौर पर उन्हें डराने-धमकाने और जान से मारने तक की धमकी देते थे।

पुलिस को संदेह है कि धोखाधड़ी से जुटाई गई यह राशि अवैध गतिविधियों में लगाई गई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इसमें नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़ा अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है। हालांकि पुलिस अब तक उस महिला के घर से कोई नगदी बरामद नहीं कर पाई है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि सोशल मीडिया पर वीडियो देखने के तुरंत बाद उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस महानिदेशक अनुराग ने भी इस घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचने और कठोर कदम उठाने का आदेश दिया।

क्या होगा आगे

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह धनराशि किस स्रोत से आई — क्या यह सीधे वित्तीय धोखाधड़ी का हिस्सा है या नशीले पदार्थों की तस्करी से अर्जित काला धन। जांचकर्ताओं को एक बड़े संगठित नेटवर्क की संलिप्तता का संदेह है और मामले में और गिरफ्तारियां संभव हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

त्रिपुरा वायरल कैश वीडियो मामला क्या है?
धलाई जिले में एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी के घर में 100, 500 और 2,000 रुपये के नोटों की गड्डियां दिखाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में यह मामला एक संगठित अवैध निवेश रैकेट से जुड़ा पाया गया है।
इस मामले में अब तक कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
19 मई 2026 तक कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं, एक पुलिसकर्मी और एक स्वास्थ्य विभाग का कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 15 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है।
किन सुरक्षाकर्मियों को निलंबित किया गया है?
त्रिपुरा स्टेट राइफल्स के एक जवान और दो पुलिसकर्मियों — जिनमें एक महिला कांस्टेबल भी शामिल है — को इस मामले में निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक अनुराग के निर्देश पर हुई।
यह अवैध निवेश रैकेट कैसे काम करता था?
आरोपी व्यापारियों और आम लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये जमा करते थे। जब निवेशक रकम वापस मांगते, तो उन्हें कथित तौर पर डराया-धमकाया जाता और जान से मारने की धमकी दी जाती थी।
क्या इस मामले में नशीले पदार्थों की तस्करी का भी संदेह है?
हां, पुलिस को संदेह है कि इसमें अंतरराज्यीय गिरोह शामिल हो सकता है जो अवैध वित्तीय लेन-देन और नशीले पदार्थों की तस्करी दोनों से जुड़ा है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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