21 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रोफेसर हत्याकांड: 3 जून को दो नकाबपोश पहुंचे थे घर, 'फ्रेंडली एंट्री' की आशंका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रोफेसर हत्याकांड: 3 जून को दो नकाबपोश पहुंचे थे घर, 'फ्रेंडली एंट्री' की आशंका

सारांश

दिल्ली यूनिवर्सिटी की प्रोफेसर देबस्मिता पॉल हत्याकांड में जांचकर्ताओं को बड़ा सुराग मिला है — हत्या वाले दिन दो नकाबपोश युवक-युवती आधे घंटे तक फ्लैट में रहे, सीढ़ियों से आए-गए, और निकलते वक्त कपड़े बदले हुए थे। पुलिस 'फ्रेंडली एंट्री' की संभावना तलाश रही है।

मुख्य बातें

3 जून की दोपहर 3:20 बजे एक युवक और युवती — मास्क पहने, बैग लिए — निजी कैब से सत्यम अपार्टमेंट पहुंचे थे।
सीसीटीवी फुटेज में दोनों को लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों से जाते देखा गया; करीब आधे घंटे बाद अलग कपड़ों में निकले।
घटनास्थल पर जबरन प्रवेश के कोई निशान नहीं — पुलिस 'फ्रेंडली एंट्री' की संभावना जांच रही है।
पीड़िता के सिर पर भारी वस्तु से चोट; लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम जारी।
कैब चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया; पड़ोसियों और घरेलू कर्मचारियों से भी पूछताछ।
देबस्मिता वर्ष 2022 से पति से अलग रह रही थीं; पति बेंगलुरु में हैं।

पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव में शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देबस्मिता पॉल की हत्या की जांच में एक अहम सुराग सामने आया है। जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, हत्या वाले दिन 3 जून की दोपहर करीब 3:20 बजे एक युवक और एक युवती — दोनों के चेहरे पर मास्क और हाथों में बैग — एक निजी कैब से सत्यम अपार्टमेंट पहुंचे थे। पुलिस अब यह निर्धारित करने में जुटी है कि इन दोनों की मौजूदगी हत्या से पहले की थी या बाद की।

सीसीटीवी में कैद हुई संदिग्धों की हरकत

सूत्रों के मुताबिक, कैब चालक अपार्टमेंट के बाहर ही प्रतीक्षा करता रहा, जबकि दोनों संदिग्ध बैग लेकर इमारत के भीतर चले गए। सीसीटीवी फुटेज में दोनों को लिफ्ट की बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करते हुए फ्लैट की ओर जाते देखा गया है — जो जांचकर्ताओं को विशेष रूप से संदिग्ध लग रहा है। सूत्रों का दावा है कि करीब आधे घंटे बाद जब दोनों बाहर निकले, तो उनके कपड़े पहले से अलग दिखाई दे रहे थे। इसी आधार पर पुलिस उनकी भूमिका की गंभीरता से पड़ताल कर रही है।

घटनास्थल पर जबरन प्रवेश के कोई निशान नहीं

प्रारंभिक जांच में फ्लैट के दरवाज़े या खिड़कियों पर जबरन प्रवेश का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। इससे पुलिस को संदेह है कि देबस्मिता पॉल हमलावरों को व्यक्तिगत रूप से जानती थीं और उन्होंने स्वयं उन्हें घर में आने दिया। जांच एजेंसियां इसे 'फ्रेंडली एंट्री' की संभावना के रूप में देख रही हैं। पुलिस के अनुसार, प्रोफेसर के सिर पर किसी भारी वस्तु से गंभीर चोट पहुंचाई गई थी और उनकी कलाई पर भी चोट के निशान पाए गए हैं।

मामले का खुलासा कैसे हुआ

देबस्मिता अपनी बहन के फ्लैट में अकेली रह रही थीं। 5 जून को उनकी बहन देवरती पॉल ने बार-बार फोन करने पर कोई जवाब न मिलने पर फ्लैट पहुंचने का फैसला किया। फ्लैट बाहर से बंद मिला और अंदर जाने पर उन्होंने देबस्मिता को खून से लथपथ हालत में पाया। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। शुरुआती जांच के आधार पर माना जा रहा है कि हत्या 3 जून को ही हुई थी।

पीड़िता की पृष्ठभूमि

देबस्मिता पॉल शिवाजी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत थीं। वर्ष 2022 में वैवाहिक विवाद के बाद उनका अपने पति से अलगाव हो गया था। उनके पति वर्तमान में बेंगलुरु में रहते हैं। मौत के सटीक कारण और समय की पुष्टि के लिए लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

जांच की स्थिति

पुलिस ने कैब चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और यात्रा से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। पड़ोसियों, घरेलू कर्मचारियों और मामले से जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ जारी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य भौतिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांचकर्ता दोनों नकाबपोश संदिग्धों की पहचान को प्राथमिकता दे रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह हत्या पूर्वनियोजित और परिचित व्यक्ति द्वारा अंजाम दिए जाने का संकेत देती है। दिल्ली में शिक्षाविदों और एकल महिलाओं की सुरक्षा को लेकर यह मामला गंभीर सवाल उठाता है। सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध होने के बावजूद संदिग्धों की पहचान अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है, जो जांच की गति पर सवाल खड़े करता है। वैवाहिक अलगाव और एकांत में रहने की परिस्थितियाँ इस मामले को और जटिल बनाती हैं — पुलिस को व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों कोणों से जांच करनी होगी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देबस्मिता पॉल हत्याकांड में दो नकाबपोश कौन थे?
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, 3 जून को एक युवक और एक युवती मास्क पहने और बैग लिए निजी कैब से सत्यम अपार्टमेंट पहुंचे थे। उनकी पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो पाई है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन्हें ढूंढ रही है।
देबस्मिता पॉल की हत्या कब और कहां हुई?
शुरुआती जांच के अनुसार हत्या 3 जून 2026 को पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में हुई। शव 5 जून को उनकी बहन देवरती पॉल ने खोजा, जब बार-बार फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला।
'फ्रेंडली एंट्री' से पुलिस का क्या मतलब है?
घटनास्थल पर जबरन प्रवेश के कोई निशान न मिलने से पुलिस को संदेह है कि देबस्मिता पॉल ने हमलावरों को खुद घर में आने दिया था। इसका अर्थ है कि पीड़िता संभवतः अपने हमलावरों को जानती थीं।
देबस्मिता पॉल कौन थीं?
देबस्मिता पॉल दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज में सहायक प्रोफेसर थीं। वर्ष 2022 में वैवाहिक विवाद के बाद वे अपने पति से अलग रह रही थीं और अपनी बहन के फ्लैट में अकेली निवास करती थीं।
इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?
पुलिस ने कैब चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे हैं। पड़ोसियों और घरेलू कर्मचारियों से पूछताछ जारी है, और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल में पोस्टमार्टम से मौत के सटीक कारण और समय की पुष्टि की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले