23 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

उदित राज का BJP पर पलटवार: 'विदेशी साजिश है तो अमित शाह और NIA-RAW क्या कर रहे हैं?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
उदित राज का BJP पर पलटवार: 'विदेशी साजिश है तो अमित शाह और NIA-RAW क्या कर रहे हैं?'

सारांश

BJP के विदेशी साजिश वाले दावे पर कांग्रेस के उदित राज ने पलटवार किया — अगर साजिश सच है तो गृह मंत्री अमित शाह और NIA-RAW की जवाबदेही कहाँ है? साथ ही RSS की अमेरिका-इंग्लैंड में पंजीकृत संस्थाओं की विदेशी फंडिंग जाँच की माँग उठाई।

मुख्य बातें

कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने 23 अक्टूबर 2026 को BJP के विदेशी साजिश के दावे पर प्रमाण माँगा और गृह मंत्री अमित शाह , NIA व RAW की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
उदित राज ने कहा कि RSS के छह-सात सौ संगठन अमेरिका और इंग्लैंड में पंजीकृत हैं — विदेशी फंडिंग की जाँच वहाँ से होनी चाहिए।
RSS मुख्यालय की लागत लगभग ₹300 करोड़ और BJP के 290 से अधिक कार्यालयों के धन की जाँच की माँग।
2023 के चुनाव आयुक्त कानून को 'खतरनाक' बताया; कहा कि पद पर रहते किसी चुनाव आयुक्त के विरुद्ध कार्रवाई असंभव।
बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटाने को 'BJP सरकार का दबाव' करार दिया।

कांग्रेस प्रवक्ता उदित राज ने 23 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उस दावे पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें भारत में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को फ्रांस में फैली अशांति से जोड़ा गया था। उदित राज ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए BJP से इस दावे के ठोस प्रमाण पेश करने की माँग की।

BJP के दावे पर उदित राज का सवाल

उदित राज ने कहा, 'इसका प्रमाण प्रस्तुत करना चाहिए। खबर तो खबर होती है, कोई निश्चित बात नहीं कही गई है, सिर्फ संभावनाएं व्यक्त की हैं। अगर ऐसी कोई संभावना है भी, तो हमारे गृह मंत्री क्या कर रहे हैं? क्या वह केवल चुनाव लड़ने में लगे हुए हैं? NIA और RAW क्या कर रही हैं? अगर देश में ऐसी कोई साजिश चल रही है, तो उसे रोका जाना चाहिए और भारत में मौजूद उसके एजेंटों और उत्प्रेरकों पर पहले काबू पाना चाहिए।'

उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि अगर यह किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की साजिश है, तो यह मीडिया में चर्चा का विषय नहीं होना चाहिए। उदित राज ने सवाल उठाया कि BJP नेता इस तरह की संवेदनशील बातों को मीडिया में क्यों ले जाते हैं और कहा, 'यह इंटेलिजेंस का मामला है — जो चीज होती है, वह दिखती नहीं और जो दिखती है, वह होती नहीं।'

RSS और BJP की विदेशी फंडिंग पर पलटवार

कांग्रेस प्रवक्ता ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता इंद्रेश कुमार द्वारा भारत में हो रहे प्रदर्शनों के पीछे विदेशी फंडिंग का आरोप लगाए जाने पर भी जवाब दिया। उदित राज ने कहा कि RSS के ही छह-सात सौ संगठन अमेरिका और इंग्लैंड में पंजीकृत हैं और यदि विदेशी फंडिंग की जाँच करनी ही है, तो सबसे पहले उन संगठनों की जाँच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा, 'आरएसएस का जो मुख्यालय बना है, वह लगभग ₹300 करोड़ का होगा। उसके धन की जाँच कराई जानी चाहिए। जगह-जगह RSS की क्षेत्रीय इमारतें बनी हुई हैं, उनके धन की भी जाँच होनी चाहिए। BJP के 290 से ज़्यादा कार्यालय बन चुके हैं, उनकी भी जाँच होनी चाहिए। ये दूसरों पर उँगली उठाते हैं, जबकि इनके खुद के दामन में दाग है।'

चुनाव आयुक्त कानून पर चिंता

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला के उस बयान पर भी उदित राज ने प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने की प्रक्रिया वैसी ही है जैसी सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश की है। उदित राज ने कहा कि 2023 में सरकार द्वारा बनाया गया चुनाव आयुक्तों से संबंधित कानून 'बेहद खतरनाक' है।

उन्होंने कहा, 'इस कानून में ऐसी इम्युनिटी दी गई है जो किसी को नहीं मिलती। ज्ञानेश कुमार या कोई भी चुनाव आयुक्त कुछ भी गलत करे, तो उसके खिलाफ जब तक वह पद पर है, तब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकती।' उदित राज ने आरोप लगाया कि सरकार ने लोकसभा में अपने बहुमत के दम पर यह कानून बनाया है ताकि सत्ता परिवर्तन तक चुनाव आयुक्त को हटाना व्यावहारिक रूप से असंभव बना दिया जाए।

रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से तस्वीरें हटाने पर आपत्ति

बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की प्रदर्शनी से 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने के मामले पर भी उदित राज ने अपनी बात रखी। बीकानेर हाउस प्रबंधन का कहना था कि कुछ तस्वीरें उनकी नीतियों के विरुद्ध थीं और राजनीतिक थीं। उदित राज ने इसे 'सरकार का पूर्वाग्रह' करार देते हुए कहा, 'पेंटिंग, कला और संस्कृति एक व्यक्ति की अभिव्यक्ति होती है — इसकी कोई नीति नहीं हो सकती। इन्होंने BJP सरकार के दबाव में तस्वीरें हटाई हैं।'

यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच संस्थागत जवाबदेही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका को लेकर तीखी बहस चल रही है। आने वाले दिनों में इन मुद्दों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो उसे मीडिया में उछालना और खुफिया तंत्र को सक्रिय न करना दोनों बातें एक साथ कैसे चल सकती हैं? RSS की विदेशी संस्थाओं पर जाँच की माँग BJP को रक्षात्मक स्थिति में डालती है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज इस संरचनात्मक विरोधाभास को अनदेखा कर देती है। 2023 के चुनाव आयुक्त कानून पर उठे सवाल ज़्यादा गंभीर हैं — स्वतंत्र चुनावी संस्था की विश्वसनीयता किसी एक पार्टी की नहीं, लोकतंत्र की ज़रूरत है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उदित राज ने BJP के विदेशी साजिश के दावे पर क्या कहा?
उदित राज ने कहा कि BJP को इस दावे के ठोस प्रमाण पेश करने चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर वाकई कोई विदेशी साजिश है, तो गृह मंत्री अमित शाह, NIA और RAW क्या कर रहे हैं — और ऐसी संवेदनशील बात मीडिया में क्यों आ रही है।
उदित राज ने RSS की विदेशी फंडिंग पर क्या माँग की?
उदित राज ने कहा कि RSS के छह-सात सौ संगठन अमेरिका और इंग्लैंड में पंजीकृत हैं। उनके अनुसार, यदि विदेशी फंडिंग की जाँच होनी है तो RSS मुख्यालय (लगभग ₹300 करोड़) और BJP के 290 से अधिक कार्यालयों के धन की जाँच सबसे पहले होनी चाहिए।
2023 के चुनाव आयुक्त कानून पर उदित राज की क्या आपत्ति है?
उदित राज ने 2023 में बने चुनाव आयुक्तों से संबंधित कानून को 'बेहद खतरनाक' बताया। उनका कहना है कि इस कानून में ऐसी इम्युनिटी दी गई है कि जब तक चुनाव आयुक्त पद पर हैं, उनके विरुद्ध कोई कार्रवाई संभव नहीं।
बीकानेर हाउस में रेहान वाड्रा की तस्वीरें हटाने पर उदित राज ने क्या कहा?
उदित राज ने बीकानेर हाउस से 70 से अधिक तस्वीरें हटाए जाने को BJP सरकार का दबाव बताया। उन्होंने कहा कि कला और पेंटिंग व्यक्ति की अभिव्यक्ति होती है — इस पर 'नीति' का बहाना महज सरकारी पूर्वाग्रह है।
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के बयान पर उदित राज ने क्या प्रतिक्रिया दी?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा था कि CEC को हटाने की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जैसी है। उदित राज ने इस पर कहा कि 2023 का कानून व्यावहारिक रूप से सत्ता परिवर्तन तक चुनाव आयुक्त को अछूत बना देता है, जो लोकतांत्रिक जवाबदेही के विरुद्ध है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले