क्या भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए? : उदित राज
सारांश
Key Takeaways
- उदित राज ने भाजपा पर आक्रामक आरोप लगाए हैं।
- प्रियंका गांधी को नई जिम्मेदारी दी गई है।
- अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर उनकी राय स्पष्ट है।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस नेता उदित राज ने भाजपा के आरोपों पर जोरदार प्रतिक्रिया दी है, जिसमें भाजपा ने कहा था कि राहुल गांधी की लोकप्रियता घट रही है, इसलिए प्रियंका गांधी को नई जिम्मेदारी दी गई है। इस पर उदित राज ने कहा कि भाजपा को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा का काम दूसरे के मामलों में दखल देना और लड़ाई कराना है, जो कि कोई नैतिकता नहीं है। यह कांग्रेस का आंतरिक मामला है।
उन्होंने कहा कि भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया है, जबकि पार्टी में बड़े नेता मौजूद हैं। भाजपा को अपने गिरेबान में झांकने की जरूरत है, क्योंकि बड़े नेताओं को किनारे किया गया है। कांग्रेस में ऐसा नहीं होता।
प्रियंका गांधी को असम स्क्रीनिंग कमेटी की जिम्मेदारी दिए जाने पर उदित राज ने कहा कि वह हमारी नेता हैं और असम स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरपर्सन बनी हैं। उनका प्रभाव व्यापक है और वह चुनावी राजनीति में पूरी तरह से सक्रिय रहेंगी।
अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करने पर उदित राज ने कहा कि अमेरिका ने 'लोकतंत्र बहाल करने' के नाम पर कई देशों में दखल दिया है, लेकिन वहाँ स्थिति बुरी हो गई। उन्होंने कहा कि भारत और वेनेजुएला की तुलना नहीं की जा सकती।
उदित राज ने कहा कि यह मामला तेल और ड्रग्स से जुड़ा है। मान लें कि वहां से ड्रग्स सप्लाई हो रही थी, लेकिन किसी दूसरे देश में जाकर राष्ट्रपति को उठाना सही नहीं है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को इस पर बोलना चाहिए और भारत सरकार को भी इस पर अपनी राय देनी चाहिए।
भारत में लोकतंत्र के मुद्दे पर उदित राज ने कहा कि यहाँ लोकतंत्र खत्म हो रहा है। महाराष्ट्र में 70 सीटें निर्विरोध जीत ली गईं हैं, और चुनाव आयोग भी भाजपा के पक्ष में दिखता है। इससे लोकतंत्र की बहाली के लिए सभी को सोचना होगा।
छत्तीसगढ़ और क्रिसमस विवाद पर उन्होंने कहा कि यह एक अंतरराष्ट्रीय मुद्दा बन चुका है। अगर कार्रवाई की जाती तो स्थिति अलग होती।
कांग्रेस नेता ने कहा कि 2014 के चुनाव में सबने कहा था कि नरेंद्र मोदी पीएम बनेंगे और पाकिस्तान में जाकर कार्रवाई करेंगे, लेकिन कुछ नहीं हुआ।