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उडुपी: होसाडू गांव के तालाब में डूबीं कक्षा 7 की दो छात्राएँ, वैशाली और सुनीता की मौत

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उडुपी: होसाडू गांव के तालाब में डूबीं कक्षा 7 की दो छात्राएँ, वैशाली और सुनीता की मौत

सारांश

उडुपी के होसाडू गांव में कपड़े धोने गई दो स्कूली छात्राएँ तालाब में डूब गईं। वैशाली और सुनीता — दोनों कक्षा 7 की छात्राएँ और हावेरी जिले की मूल निवासी — के शव बचाव दल ने बरामद किए। पूरा इलाका सदमे में है।

मुख्य बातें

वैशाली और सुनीता , दोनों कक्षा 7 की छात्राएँ, उडुपी जिले के होसाडू गांव में तालाब में डूबकर मौत हो गई।
दोनों छात्राएँ मल्लिकट्टे राजमार्ग के पास अस्थायी झोपड़ी में रहती थीं और मूल रूप से हावेरी जिले की निवासी थीं।
रिपोर्टों के अनुसार दोनों कपड़े धोने तालाब के पास गई थीं, तभी हादसा हुआ।
दिनेश कार्वी टीम , गंगोली पुलिस , कुंडापुरा अग्निशमन सेवाएँ और टीम HI आपातकालीन प्रतिक्रिया दल ने बचाव अभियान में हिस्सा लिया।
शव कुंडापुरा सरकारी अस्पताल के मॉर्चरी में रखे गए हैं; पुलिस जाँच जारी है।

उडुपी जिले के कुंडापुरा तालुक के होसाडू गांव में रविवार को एक दर्दनाक हादसे में कक्षा 7 की दो छात्राओं — वैशाली और सुनीता — की तालाब में डूबने से मौत हो गई। दोनों लड़कियाँ पास के एक सरकारी स्कूल में पढ़ती थीं और मल्लिकट्टे राजमार्ग के निकट एक अस्थायी झोपड़ी में रहती थीं।

घटनाक्रम

रिपोर्टों के अनुसार, दोनों छात्राएँ तालाब के पास कपड़े धोने गई थीं, तभी यह हादसा हुआ। गंगोली पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस गांव में तालाब तक पहुँचना और बचाव अभियान चलाना अत्यंत चुनौतीपूर्ण रहा।

बताया जाता है कि दोनों छात्राएँ मूल रूप से हावेरी जिले की रहने वाली थीं और अपने परिवार के साथ कुंडापुरा में प्रवासी श्रमिक परिवार के रूप में रह रही थीं।

बचाव अभियान

सूचना मिलते ही गंगोली पुलिस, कुंडापुरा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ, दिनेश कार्वी टीम, टीम HI आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और स्थानीय निवासी बचाव कार्य में जुट गए। अंततः दिनेश कार्वी और उनकी टीम ने दोनों छात्राओं के शव तालाब से बरामद किए।

शवों को आगे की कार्यवाही के लिए कुंडापुरा सरकारी अस्पताल के मॉर्चरी में स्थित कोल्ड स्टोरेज यूनिट में स्थानांतरित कर दिया गया।

समुदाय पर असर

इस घटना से होसाडू गांव और आसपास का पूरा इलाका शोक में डूब गया है। दोनों छात्राओं के माता-पिता, परिजन और स्थानीय निवासी इस असमय मृत्यु से गहरे सदमे में हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब ग्रामीण क्षेत्रों में खुले जलाशयों के पास सुरक्षा उपायों की कमी बच्चों के लिए बार-बार जानलेवा साबित होती है। गौरतलब है कि प्रवासी परिवारों के बच्चे अक्सर ऐसे जोखिमों के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं, क्योंकि उनके पास संसाधनों और जागरूकता की कमी होती है।

आगे क्या होगा

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। शवों का पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। स्थानीय प्रशासन से इस क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को लेकर सवाल उठाए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी नीतिगत ध्यान उनतक सबसे कम पहुँचता है। स्थानीय प्रशासन और पंचायत स्तर पर खुले तालाबों की बाड़बंदी और चेतावनी संकेत लगाना एक सरल लेकिन जीवनरक्षक कदम हो सकता है — जिसे अक्सर अनदेखा किया जाता है।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उडुपी के होसाडू गांव में तालाब हादसे में कौन थीं वे दो छात्राएँ?
मृत छात्राओं की पहचान वैशाली और सुनीता के रूप में हुई है, जो कुंडापुरा तालुक के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 7 में पढ़ती थीं। दोनों मूल रूप से हावेरी जिले की निवासी थीं और मल्लिकट्टे राजमार्ग के पास एक अस्थायी झोपड़ी में रहती थीं।
बचाव अभियान में कौन-कौन शामिल था?
गंगोली पुलिस स्टेशन, कुंडापुरा अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएँ, दिनेश कार्वी टीम, टीम HI आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और स्थानीय निवासियों ने मिलकर बचाव कार्य किया। दिनेश कार्वी और उनकी टीम ने दोनों छात्राओं के शव बरामद किए।
अब शवों का क्या हुआ और जाँच की स्थिति क्या है?
दोनों छात्राओं के शव कुंडापुरा सरकारी अस्पताल के मॉर्चरी की कोल्ड स्टोरेज यूनिट में रखे गए हैं। गंगोली पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
यह हादसा किस बड़े मुद्दे की ओर ध्यान दिलाता है?
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में खुले जलाशयों के पास सुरक्षा उपायों की कमी को रेखांकित करती है, खासकर प्रवासी परिवारों के बच्चों के लिए जो अपरिचित वातावरण में रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि तालाबों के आसपास बाड़बंदी और सुरक्षा चेतावनियाँ ऐसी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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