12 अक्टूबर 2026
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यूपी कांग्रेस कार्यालय में महिलाओं से बदसलूकी: शिकायत मिली तो जांच होगी — महिला आयोग अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान

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यूपी कांग्रेस कार्यालय में महिलाओं से बदसलूकी: शिकायत मिली तो जांच होगी — महिला आयोग अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान

सारांश

यूपी कांग्रेस दफ्तर में महिला कार्यकर्ताओं से कथित बदसलूकी पर महिला आयोग ने दो-टूक कहा — शिकायत आने पर दोनों पक्षों को सुनकर जांच होगी। साथ ही आयोग ने क्यूआर कोड से महिलाओं को सीधे जोड़ने की नई डिजिटल पहल भी पेश की।

मुख्य बातें

यूपी राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर 2026 को कहा कि कांग्रेस कार्यालय बदसलूकी मामले में औपचारिक शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।
कथित तौर पर अजय राय के समर्थकों ने यूपी कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण के दौरान महिला कार्यकर्ताओं से बदतमीजी की — आयोग को अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है।
चौहान ने स्पष्ट किया कि आयोग पीड़िता की पार्टी, जाति या धर्म नहीं देखता और स्वतः संज्ञान लेने का भी अधिकार है।
महिला आयोग ने नई क्यूआर कोड पहल शुरू की है, जिससे महिलाएं घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं।
पहल के प्रचार के लिए रेडियो, एफएम, हैंडबिल और दीवार लेखन का सहारा लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने 12 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि लखनऊ स्थित यूपी कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण समारोह के दौरान महिला कार्यकर्ताओं के साथ कथित बदसलूकी के मामले में यदि औपचारिक शिकायत दर्ज होती है, तो आयोग निश्चित रूप से जांच करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग ने प्रदेश की महिलाओं की समस्याओं के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष क्यूआर कोड पहल शुरू की है।

मुख्य घटनाक्रम

यूपी कांग्रेस कार्यालय में हाल ही में हुए पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच आपसी झड़प की खबरें सामने आई थीं। कथित तौर पर महिला कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अजय राय के समर्थकों ने उनके साथ बदतमीजी की। इस घटना ने राज्य की राजनीतिक पारिस्थितिकी में हलचल मचा दी और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सवाल खड़े किए।

गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा और राजनीतिक दलों में महिला सम्मान का विषय लगातार चर्चा में है।

महिला आयोग की प्रतिक्रिया

अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने कहा कि आयोग के लिए पीड़िता की पार्टी, जाति या धर्म कोई मायने नहीं रखता। उन्होंने कहा, 'मुझे इससे मतलब नहीं है कि महिला किस पार्टी की है, किस संगठन की है, किस जाति या किस धर्म की है, अगर वह महिला है तो वह महिला है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चूँकि दोनों पक्ष एक ही पार्टी से हैं, इसलिए यह मामला 'पारिवारिक विवाद' जैसा प्रतीत होता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि अभी तक उनके पास इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। उनके अनुसार, 'अगर मेरे पास शिकायत आती है तो हम छानबीन करके देखेंगे कि किसकी क्या गलती है। हम स्वतः संज्ञान ले भी सकते हैं, लेकिन सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर हम कोई निर्णय नहीं करते।' दोनों पक्षों को सुने बिना कोई निर्णय न लेना आयोग की स्थापित प्रक्रिया है।

नई क्यूआर कोड पहल: क्या है योजना

चौहान ने बताया कि महिला आयोग एक विशेष क्यूआर कोड आधारित तकनीकी पहल लेकर आया है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की सभी महिलाओं को एक ही डिजिटल मंच से जोड़ना है। इस कोड को स्कैन कर कोई भी महिला अपनी शिकायत या समस्या सीधे आयोग तक पहुँचा सकती है।

उन्होंने कहा, 'इससे न तो हमें महिलाओं के पास जाने की जरूरत होगी और न ही महिलाओं को हमारे पास आने की जरूरत होगी। जो भी शिकायतें आएंगी, हम अपने कार्यालय में बैठकर उससे संबंधित लोगों के साथ उनका निस्तारण करने की कोशिश करेंगे, चाहे वह पुलिस केस से संबंधित हो या किसी अन्य विभाग से।' इस पहल को एक मोबाइल ऐप से भी जोड़ा जाएगा।

प्रचार-प्रसार की रणनीति

अध्यक्ष ने बताया कि इस पहल को जन-जन तक पहुँचाने के लिए विज्ञापन, हैंडबिल वितरण, दीवार लेखन तथा रेडियो और एफएम जैसे जनसंचार माध्यमों का उपयोग किया जाएगा। व्यापक जागरूकता अभियान के ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रदेश के दूरदराज़ के इलाकों में रहने वाली महिलाएं भी इस सुविधा का लाभ उठा सकें।

आगे क्या होगा

यूपी कांग्रेस कार्यालय में बदसलूकी के मामले में अभी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और आयोग की ओर से स्वतः संज्ञान की संभावना बनी हुई है। क्यूआर कोड पहल के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ यह देखना होगा कि ज़मीनी स्तर पर महिलाएं इस डिजिटल माध्यम का कितना लाभ उठा पाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह एक राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामले में आयोग की सक्रियता पर सवाल खड़े करती है। जब घटना सार्वजनिक रूप से चर्चा में है, तो स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया गया — यह प्रश्न अनुत्तरित है। क्यूआर कोड पहल निस्संदेह डिजिटल समावेशन की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, परंतु उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहाँ डिजिटल साक्षरता की खाई अभी भी गहरी है, ऐसी पहलों की ज़मीनी पहुँच सुनिश्चित करना ही असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी कांग्रेस कार्यालय में महिलाओं से बदसलूकी का मामला क्या है?
यूपी कांग्रेस कार्यालय में पदभार ग्रहण समारोह के दौरान कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें महिला कार्यकर्ताओं ने अजय राय के समर्थकों पर बदतमीजी का आरोप लगाया। यह मामला कथित तौर पर एक ही पार्टी के दो गुटों के बीच का आंतरिक विवाद है।
यूपी महिला आयोग इस मामले में क्या कार्रवाई करेगा?
अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान के अनुसार, आयोग के पास अभी तक कोई औपचारिक शिकायत नहीं आई है। यदि शिकायत दर्ज होती है, तो दोनों पक्षों को सुनकर जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
महिला आयोग की नई क्यूआर कोड पहल क्या है?
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग ने एक क्यूआर कोड आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है, जिसे स्कैन करके महिलाएं सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं। इसे एक मोबाइल ऐप से भी जोड़ा जाएगा और रेडियो, एफएम, हैंडबिल तथा दीवार लेखन से इसका प्रचार किया जाएगा।
क्या महिला आयोग स्वतः संज्ञान ले सकता है?
हाँ, अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने खुद कहा कि आयोग स्वतः संज्ञान लेने का अधिकार रखता है। हालाँकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ एक पक्ष की बात सुनकर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा।
इस मामले में अजय राय कौन हैं?
अजय राय उत्तर प्रदेश कांग्रेस से जुड़े नेता हैं, जिनके समर्थकों पर कार्यालय में पदभार ग्रहण के दौरान महिला कार्यकर्ताओं से बदतमीजी करने का आरोप लगाया गया है। मामले में अभी दोनों तरफ से आरोप-प्रत्यारोप जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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