उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लद्दाख के युवाओं से जम्मू में संवाद किया
सारांश
Key Takeaways
- उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लद्दाख से आए युवाओं का स्वागत किया।
- राष्ट्रीय एकता यात्रा कार्यक्रम का उद्देश्य है विभिन्न संस्कृतियों के बीच समझ को बढ़ाना।
- 30 छात्रों ने यात्रा में भाग लिया जो विभिन्न क्षेत्रों से आए हैं।
- मनोज सिन्हा ने एंटी-करप्शन ब्यूरो के मुख्यालय का उद्घाटन किया।
- जम्मू-कश्मीर अब बड़े सपने देखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
जम्मू, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू में रविवार को जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने लद्दाख से आए युवा छात्रों से संवाद किया। यह युवा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के स्टूडेंट्स एक्सपीरियंस इन रीजनल अंडरस्टैंडिंग-राष्ट्रीय एकात्मता यात्रा 2026 कार्यक्रम के तहत जम्मू पहुंचे हैं। यह आयोजन लोक भवन में सम्पन्न हुआ।
इस मुलाकात के दौरान उपराज्यपाल ने युवाओं का गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें विभिन्न संस्कृतियों और अनुभवों से सीखने तथा समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि एसईआरयू जैसे कार्यक्रम विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर युवाओं ने भी एसईआरयू कार्यक्रम से जुड़ी अपनी सीख और अनुभव साझा किए।
इस यात्रा में लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों जैसे नुब्रा, कारगिल, लेह, लामायुरू, शांग, न्योमा और जांस्कर से आए 30 छात्र शामिल हैं। यह टूर एबीवीपी के सहयोग से विद्यार्थी सेवा एजुकेशनल ट्रस्ट और एसईआईएल द्वारा आयोजित किया गया है।
इस यात्रा के दौरान छात्रों को दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू एवं कश्मीर में शैक्षणिक और सांस्कृतिक अनुभव प्राप्त करने का अवसर दिया जा रहा है।
इसके अलावा, मनोज सिन्हा ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर अब औसत स्थिति से संतुष्ट नहीं है और अब बड़े सपने देखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उपराज्यपाल ने जम्मू शहर के सिधरा क्षेत्र में एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) के मुख्यालय का उद्घाटन किया।
उद्घाटन समारोह में उन्होंने बताया कि "जम्मू-कश्मीर अब औसत या साधारण स्थिति से संतुष्ट नहीं है, बल्कि बड़े सपने देखने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।" उन्होंने पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्र में हुए बड़े परिवर्तनों का उल्लेख किया, जिससे व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी है।
मुख्यालय के उद्घाटन के बाद एलजी सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ये इमारतें केवल स्टील, कांच और कंक्रीट की संरचना नहीं हैं, बल्कि सार्वजनिक जीवन में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार-मुक्त केंद्र शासित प्रदेश की मजबूत घोषणा हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 5-6 वर्षों में कई परिवर्तनकारी कदम उठाए गए हैं, जिससे सिस्टम को पारदर्शी बनाकर जनता की सेवा के लिए समर्पित किया गया है।
उनका कहना है कि अब समस्त व्यवस्था कुछ लोगों के लाभ के लिए नहीं, बल्कि केंद्र शासित प्रदेश के हर नागरिक के हित में कार्य कर रही है। जम्मू-कश्मीर अब साधारण स्तर पर रुकने के बजाय बड़े लक्ष्य तय कर रहा है।