अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने किया कोलकाता के दुर्गा पूजा पंडाल का दौरा, बोले — 'बंगाल की संस्कृति अद्भुत'
सारांश
मुख्य बातें
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने 12 अक्टूबर 2026 को कोलकाता में दुर्गा पूजा पंडालों का दौरा किया और बंगाल की सांस्कृतिक विरासत तथा सामुदायिक उत्साह की मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर तस्वीरें साझा करते हुए दुर्गा पूजा मना रहे सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं।
राजदूत की प्रतिक्रिया और एक्स पर पोस्ट
राजदूत गोर ने एक्स पर लिखा, 'कोलकाता में वापस आकर बहुत अच्छा लगा। कुछ खूबसूरत पंडालों का दौरा किया और अद्भुत रचनात्मकता, सामुदायिक भावना और गर्मजोशी को खुद महसूस किया। मैं समझ सकता हूं कि यह उत्सव इतना खास क्यों है। दुर्गा पूजा मना रहे सभी लोगों को हार्दिक शुभकामनाएं।' यह पोस्ट भारत-अमेरिका के बीच सांस्कृतिक सौहार्द का एक उल्लेखनीय सार्वजनिक प्रदर्शन है।
भारत-अमेरिका संबंधों पर गोर के विचार
पंडाल दौरे के दौरान राजदूत गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के संबंध अत्यंत मधुर हैं और दोनों देश कई मोर्चों पर मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने रक्षा क्षेत्र में हुई प्रगति का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि केवल पिछले दो सप्ताह में तरंग शक्ति अभ्यास में 500 से अधिक जवानों ने भाग लिया और पहली बार राजस्थान में एफ-35 लड़ाकू विमानों की मौजूदगी रही। उन्होंने सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच उल्लेखनीय प्रगति का उल्लेख किया।
फ्रीडम 250 समारोह और ऐतिहासिक संबंध
कोलकाता स्थित अमेरिकी महावाणिज्य दूतावास में फ्रीडम 250 समारोह आयोजित हुआ, जो अमेरिकी स्वतंत्रता के 250 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में था। राजदूत गोर ने इस अवसर पर कहा कि कोलकाता में अमेरिका की राजनयिक उपस्थिति 232 वर्ष पुरानी है — यह एक ऐसी कहानी है जो दो शताब्दियों से भी अधिक पुरानी है। गौरतलब है कि कोलकाता अमेरिकी कूटनीति के लिए भारत के सबसे पुराने केंद्रों में से एक रहा है।
हावड़ा ब्रिज तिरंगे रंग में रोशन
कोलकाता में अमेरिका की महावाणिज्य दूत कैथी जाइल्स-डियाज ने समारोह में पत्तन प्राधिकरण का आभार व्यक्त किया, जिसने हावड़ा ब्रिज को अमेरिकी ध्वज के रंगों — लाल, सफेद और नीले — में रोशन किया। उन्होंने कहा कि इस महत्वपूर्ण पड़ाव का उत्सव कोलकाता में मनाना अत्यंत उपयुक्त है, क्योंकि यह शहर अपनी दृढ़ पहचान को बनाए रखते हुए निरंतर नया रूप धारण करता रहा है।
सांस्कृतिक कूटनीति का संदेश
यह दौरा ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के रणनीतिक संबंध नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। किसी वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक का दुर्गा पूजा पंडाल जाकर उत्सव में सहभागिता करना सांस्कृतिक कूटनीति का एक सशक्त संकेत माना जा रहा है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग और गहरा होने की संभावना है।