दुर्गा पूजा 2026: 8,000 से अधिक एनसीसी कैडेटों की निस्वार्थ सेवा पर कोलकाता में मिली प्रशंसा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम निदेशालय के 8,000 से अधिक कैडेटों को दुर्गा पूजा 2026 के दौरान कोलकाता और पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों में की गई अनुकरणीय सामुदायिक सेवा के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को आधिकारिक रूप से सराहा गया। न्यू अलीपुर, कोलकाता स्थित कोर निदेशालय में आयोजित एक विशेष समारोह में निदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) मेजर जनरल एपीएस चहल ने कैडेटों द्वारा प्रदर्शित अनुशासन, समर्पण और जिम्मेदारी की भावना की प्रशंसा की।
मुख्य घटनाक्रम
पूजा उत्सव के छह दिनों के दौरान लड़के और लड़कियों दोनों सहित इन कैडेटों ने भीड़ प्रबंधन, आगंतुकों की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने, पंडालों के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने तथा बुजुर्ग नागरिकों और आम जनता की सहायता करने में स्थानीय पुलिस एवं नागरिक प्रशासन को बहुमूल्य सहयोग प्रदान किया।
गौरतलब है कि उत्सव के दौरान चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में एक दुखद घटना भी हुई। बावजूद इसके, एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, कैडेटों ने उल्लेखनीय साहस और नागरिक प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए अपनी ज़िम्मेदारियाँ बिना रुके निभाईं।
कैडेटों की भूमिका और योगदान
अधिकारियों के अनुसार, कैडेटों के अनुशासित आचरण और सतर्कता ने श्रद्धालुओं और पंडाल दर्शनार्थियों की भारी भीड़ को संभालने में प्रशासन के प्रयासों को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ किया। इन युवा कैडेटों ने एनसीसी के मूल मूल्यों — अनुशासन, निस्वार्थ सेवा, नेतृत्व, प्रतिबद्धता और राष्ट्र सेवा — का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।
मेजर जनरल चहल ने कहा कि उत्सव के दौरान कैडेटों का आचरण एनसीसी की 'एकता और अनुशासन' की भावना को प्रतिबिंबित करता है और यह दर्शाता है कि युवा नागरिक समाज में किस प्रकार सार्थक योगदान दे सकते हैं।
एनसीसी विस्तार पर राज्य सरकार से संवाद
समारोह में एडीजी मेजर जनरल चहल ने यह भी बताया कि निदेशालय पश्चिम बंगाल में एनसीसी को मज़बूत करने के लिए राज्य सरकार के साथ सक्रिय रूप से बातचीत कर रहा है। इस संवाद में बजट, स्टाफिंग, बुनियादी ढाँचे और कैडेटों के लिए प्रोत्साहन जैसे पहलू शामिल हैं।
उन्होंने राज्य की नई सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि सरकार पश्चिम बंगाल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में एनसीसी के विस्तार को लेकर प्रतिबद्ध दिखती है।
विशेषज्ञ और अधिकारी क्या कहते हैं
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इन युवा कैडेटों द्वारा प्रदर्शित निस्वार्थ सेवा राष्ट्र निर्माण, सामुदायिक सेवा और ज़िम्मेदार नागरिकों के विकास के प्रति एनसीसी की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कैडेटों के साथ-साथ एसोसिएट अधिकारियों, स्थायी प्रशिक्षकों और समूह मुख्यालय ने भी इस पूरे अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आगे की राह
एनसीसी निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि वह पश्चिम बंगाल के युवाओं के प्रशिक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सार्वजनिक उत्सवों में कैडेटों की सहभागिता युवाओं में नागरिक बोध और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का एक प्रभावी माध्यम है, और भविष्य में अन्य राज्यों में भी इस मॉडल को अपनाया जा सकता है।