बंगाल मतगणना 2026: CEO मनोज अग्रवाल की अपील — कानून-व्यवस्था हाथ में न लें, चुनाव एक त्योहार है

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बंगाल मतगणना 2026: CEO मनोज अग्रवाल की अपील — कानून-व्यवस्था हाथ में न लें, चुनाव एक त्योहार है

सारांश

बंगाल में मतगणना के बीच CEO मनोज अग्रवाल ने नागरिकों को चेताया — चुनाव दुर्गा पूजा जैसा उत्सव है, कानून हाथ में न लें। साथ ही TMC की रिपोलिंग माँग को खारिज करते हुए रिकाउंटिंग की प्रक्रिया स्पष्ट की और भविष्य में एक चरण में चुनाव कराने का भरोसा जताया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के सीईओ मनोज अग्रवाल ने 4 मई 2026 को मतगणना के दौरान नागरिकों से कानून-व्यवस्था हाथ में न लेने की अपील की।
इस बार बंगाल में दो चरणों में चुनाव कराए गए, जबकि परंपरागत रूप से छह-सात चरण होते थे।
सीईओ ने बताया कि वे एक ही चरण में चुनाव कराने के पक्ष में थे और भविष्य में ऐसा होने का भरोसा जताया।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की 1,000 से कम मत वाले केंद्रों पर रिपोलिंग की माँग को खारिज करते हुए रिकाउंटिंग की प्रक्रिया स्पष्ट की गई।
सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए थे।

पश्चिम बंगाल निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) मनोज अग्रवाल ने 4 मई 2026 को कोलकाता में मतगणना के बीच पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट शब्दों में कहा कि नागरिक किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में न लें। उन्होंने लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया की तुलना दुर्गा पूजा जैसे उत्सव से करते हुए कहा कि यह एक ऐसा अवसर है जिसमें सभी नागरिकों को उत्साहपूर्वक भाग लेना चाहिए।

मुख्य घटनाक्रम

सीईओ मनोज अग्रवाल ने कहा कि पूरी चुनावी प्रक्रिया के दौरान निर्वाचन आयोग ने यह सुनिश्चित करने की पूरी कोशिश की कि कोई भी अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो। उन्होंने बताया कि सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई थी और एक सुनियोजित रूपरेखा के तहत हर कदम उठाया गया। उन्होंने नागरिकों से अपील दोहराई कि वे किसी भी हिंसात्मक गतिविधि में संलिप्त न हों।

दो चरणों में चुनाव: परंपरा से हटकर फैसला

पश्चिम बंगाल में आमतौर पर छह से सात चरणों में विधानसभा चुनाव कराए जाते रहे हैं। इस बार यह परंपरा तोड़ते हुए चुनाव केवल दो चरणों में संपन्न कराए गए। सीईओ अग्रवाल ने बताया कि वे तो एक ही चरण में चुनाव कराने के लिए तैयार थे और इस प्रस्ताव को शीर्ष स्तर पर रखा भी गया था। हालाँकि, निर्धारित नियमों को देखते हुए दो चरणों का निर्णय लिया गया। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराए जाएंगे।

रिपोलिंग नहीं, रिकाउंटिंग होगी

तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने माँग उठाई थी कि जहाँ 1,000 से कम मत पड़े हों, वहाँ पुनर्मतदान (रिपोलिंग) कराई जाए। इस पर सीईओ मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि अब रिपोलिंग नहीं बल्कि रिकाउंटिंग होगी, जिसकी प्रक्रिया पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि मौजूदा परिस्थितियाँ रिकाउंटिंग के मानदंडों से मेल खाती हैं, तो आगे उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय में सभी संबंधित निर्वाचन आयोग पहले से अवगत हैं।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में चुनाव-पश्चात हिंसा एक दीर्घकालिक चिंता रही है। गौरतलब है कि राज्य में प्रत्येक चुनावी चक्र के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न उठते रहे हैं। निर्वाचन आयोग का यह सार्वजनिक संदेश इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया प्रतीत होता है। आने वाले दिनों में मतगणना के परिणाम और उसके बाद की स्थिति यह तय करेगी कि आयोग की यह अपील कितनी प्रभावी रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या केवल शब्दों से ज़मीनी हालात बदलेंगे। दो चरणों में चुनाव कराना अपने आप में एक सकारात्मक बदलाव है, परंतु TMC की रिपोलिंग माँग को रिकाउंटिंग से बदलना उन मतदाताओं के लिए पर्याप्त उत्तर नहीं हो सकता जिन्होंने कथित तौर पर दबाव में मतदान किया। जवाबदेही तभी सुनिश्चित होगी जब प्रक्रिया पारदर्शी और सत्यापन-योग्य हो।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पश्चिम बंगाल में मतगणना के दौरान निर्वाचन आयोग ने क्या अपील की?
सीईओ मनोज अग्रवाल ने 4 मई 2026 को नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में कानून-व्यवस्था को अपने हाथ में न लें। उन्होंने चुनाव को दुर्गा पूजा जैसे उत्सव की संज्ञा दी और शांतिपूर्ण भागीदारी का आह्वान किया।
TMC की रिपोलिंग माँग पर निर्वाचन आयोग का क्या रुख है?
सीईओ मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि रिपोलिंग नहीं होगी, बल्कि रिकाउंटिंग की प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो पहले से निर्धारित है। यदि परिस्थितियाँ रिकाउंटिंग के मानदंडों से मेल खाती हैं तो आगे कदम उठाए जाएंगे।
बंगाल में इस बार चुनाव कितने चरणों में हुए और क्यों?
इस बार पश्चिम बंगाल में केवल दो चरणों में विधानसभा चुनाव संपन्न कराए गए, जबकि परंपरागत रूप से छह से सात चरण होते थे। सीईओ ने बताया कि वे एक ही चरण में चुनाव कराने के पक्ष में थे, लेकिन नियमों को देखते हुए दो चरणों का निर्णय लिया गया।
क्या भविष्य में बंगाल में एक चरण में चुनाव होंगे?
सीईओ मनोज अग्रवाल ने भरोसा जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव एक ही चरण में संपन्न कराए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस संबंध में शीर्ष स्तर पर बातचीत पहले ही हो चुकी है।
मतगणना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी?
निर्वाचन आयोग ने सभी संवेदनशील स्थानों पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की थी। सीईओ के अनुसार, एक सुनियोजित रूपरेखा के तहत हर कदम उठाया गया ताकि चुनावी प्रक्रिया के दौरान कोई अप्रिय स्थिति न उत्पन्न हो।
राष्ट्र प्रेस
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