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क्या उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ महोत्सव में अपर्णा बिष्ट यादव ने पहाड़ी बेटियों को सशक्त बनाने का आह्वान किया?

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क्या उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ महोत्सव में अपर्णा बिष्ट यादव ने पहाड़ी बेटियों को सशक्त बनाने का आह्वान किया?

सारांश

उत्तरकाशी का चिन्यालीसौड़ महोत्सव, जो संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम है, में अपर्णा बिष्ट यादव ने पहाड़ी बेटियों को सशक्त बनाने की बात की। इस महोत्सव का उद्घाटन और लोकगीतों का प्रदर्शन दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर गया। जानें इस महोत्सव की खासियत और अपर्णा यादव के विचार।

मुख्य बातें

चिन्यालीसौड़ महोत्सव का सांस्कृतिक महत्व अपर्णा बिष्ट यादव का सशक्तिकरण का आह्वान प्राकृतिक सुंदरता और आध्यात्मिक विरासत का सम्मान महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान की आवश्यकता सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास

उत्तरकाशी, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आयोजित तीन दिनों तक चलने वाले चिन्यालीसौड़ महोत्सव का शानदार उद्घाटन हुआ। मुख्य अतिथि, उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेत्री अपर्णा बिष्ट यादव ने दीप प्रज्वलन करके इस कार्यक्रम की शुरुआत की और मंच पर पहाड़ी लोकगीत गाकर दर्शकों का दिल जीत लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर्णा यादव ने कहा, "पहाड़ों की इस पवित्र भूमि पर आकर मन आनंदित हो जाता है। चिन्यालीसौड़ जैसे उत्सव हमारी समृद्ध लोक संस्कृति को संजोने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने का उत्तम साधन हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार उत्तराखंड आकर यहां की अद्वितीय प्राकृतिक सुंदरता, आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहर को विश्व पटल पर रखा है। हमें उनकी तरह अपनी संस्कृति को गर्व के साथ आगे बढ़ाना है।"

अपर्णा बिष्ट यादव ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा, "आज चिन्यालीसौड़ में होना मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है। पहाड़ों की संस्कृति और परंपराओं की देश भर में सराहना हो रही है, और मुझे विश्वास है कि हमें इन्हें और अधिक प्रदर्शित और बढ़ावा देना चाहिए। हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेनी चाहिए, जो बार-बार पहाड़ों पर आए हैं और उनकी अनोखी विरासत, प्राकृतिक सुंदरता और वैश्विक महत्व को उजागर किया है। उन्होंने इस क्षेत्र को इस तरह से प्रस्तुत किया है कि इसकी विशिष्ट पहचान सच में उभर कर आती है।"

उन्होंने बताया, "उत्तर प्रदेश और पूरे देश में, हमारे पास आईटीएसएसओ नामक एक रिपोर्टिंग सिस्टम है- यानी यौन अपराधों के लिए इन्वेस्टिगेशन ट्रैकिंग सिस्टम। पूरे भारत से रिपोर्ट इस सिस्टम में दर्ज की जाती हैं। जब भी कोई व्यक्ति, विशेषकर कोई महिला, यौन अपराध की रिपोर्ट करती है, चाहे वह उत्पीड़न हो, अपमानजनक टिप्पणी हो, या किसी भी प्रकार का यौन दुराचार हो, ऐसे सभी मामलों को यौन अपराधों की श्रेणी में रखा जाता है।"

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि समस्त भारत के लिए एक प्रेरणा है कि हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों को पहचानना और सशक्त करना चाहिए।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चिन्यालीसौड़ महोत्सव क्या है?
चिन्यालीसौड़ महोत्सव उत्तरकाशी में आयोजित एक सांस्कृतिक उत्सव है जो पहाड़ी लोक संस्कृति और परंपराओं का जश्न मनाता है।
इस महोत्सव में कौन मुख्य अतिथि थे?
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष और भाजपा नेत्री अपर्णा बिष्ट यादव इस महोत्सव की मुख्य अतिथि थीं।
महिलाओं को सशक्त बनाने का आह्वान क्यों किया गया?
अपर्णा बिष्ट यादव ने कहा कि पहाड़ी बेटियों को सशक्त बनाना आवश्यक है ताकि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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