उत्तरकाशी में काशी विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर की घोषणा, CM धामी ने कहा — धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 7 अक्टूबर 2026 को उत्तरकाशी के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित सेवा ज्योति सभा के दौरान श्री काशी विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर के निर्माण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर से उत्तरकाशी में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
घोषणा की पृष्ठभूमि
यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किया गया था, जिसमें सेवा ज्योति कलश यात्रा भी शामिल रही। कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री धामी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर और शक्ति मंदिर में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। उन्होंने नई दिल्ली से प्रसारित विशेष कार्यक्रम का वर्चुअल अवलोकन भी किया।
गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार ने हाल के वर्षों में चारधाम यात्रा सहित धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ करने की दिशा में कई महत्त्वपूर्ण कदम उठाए हैं। काशी विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर इसी क्रम में उत्तरकाशी को एक प्रमुख धार्मिक-सांस्कृतिक गंतव्य के रूप में स्थापित करने की कोशिश है।
उत्तराखंड के विकास के आँकड़े
मुख्यमंत्री ने सभा में बताया कि राज्य की प्रति व्यक्ति आय में 41 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और प्रदेश में 20,000 से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। लखपति दीदी योजना के माध्यम से 3 लाख से अधिक महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त हुई हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष अब तक चारधाम यात्रा में 56 लाख से अधिक श्रद्धालु शामिल हो चुके हैं, जो अब तक का रिकॉर्ड है। उत्तराखंड को एसडीजी इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान मिला है और लगातार चार वर्षों से मोस्ट फिल्म फ्रेंडली राज्य का पुरस्कार प्राप्त हुआ है।
उत्तरकाशी जनपद के लिए विशेष घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि उत्तरकाशी जनपद में ₹200 करोड़ से अधिक लागत की 50 विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया था, जिनमें से 26 योजनाएँ पूर्ण हो चुकी हैं और शेष पर कार्य जारी है। होटल और होमस्टे क्षेत्र में विस्तार से स्थानीय लोगों के लिए रोज़गार के अवसर बढ़े हैं।
धामी ने गाजणा क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी के उच्चीकरण की माँग पर परीक्षण कराने का आश्वासन दिया। भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी भी दी गई। साथ ही डोडीताल, अवाना बुग्याल और हरिमहाराज सौड़ बुग्याल जैसे पर्यटन स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र धौंतरी का नामकरण पूर्व विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत के नाम पर किए जाने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जन-प्रतिनिधि
सभा में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय और मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब उत्तराखंड सरकार तीर्थाटन बुनियादी ढाँचे को और मज़बूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है — काशी विश्वनाथ-शक्ति माता कॉरिडोर इस रणनीति का अगला अध्याय है।