25 जून 2026
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तामेश्वरनाथ धाम को मिलेगा भव्य कॉरिडोर, CM योगी ने संत कबीर नगर में ₹475 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास

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तामेश्वरनाथ धाम को मिलेगा भव्य कॉरिडोर, CM योगी ने संत कबीर नगर में ₹475 करोड़ की परियोजनाओं का किया शिलान्यास

सारांश

काशी और अयोध्या की राह पर अब संत कबीर नगर — CM योगी ने बाबा तामेश्वरनाथ धाम के लिए भव्य कॉरिडोर की घोषणा की और ₹475 करोड़ की 139 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। साथ ही 6.18 लाख परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत मकान की स्वीकृति दी गई।

मुख्य बातें

CM योगी आदित्यनाथ ने 25 जून 2025 को बाबा तामेश्वरनाथ धाम के लिए भव्य कॉरिडोर निर्माण की घोषणा की — काशी विश्वनाथ और अयोध्या धाम की तर्ज पर।
संत कबीर नगर और गोरखपुर की ₹475 करोड़ से अधिक लागत की 139 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण किया गया।
धनघटा के लिए ₹225 करोड़ और खजनी के लिए ₹251 करोड़ के विकास कार्य शामिल।
उत्तर प्रदेश के 6 लाख 18 हजार नए पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत।
मगहर में संत कबीर एकेडमी और बखिरा झील को रामसर साइट व इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
CM ने 25 जून 1975 के आपातकाल को 'लोकतंत्र का काला अध्याय' बताते हुए कांग्रेस और सपा पर तीखा हमला किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 जून 2025 को घोषणा की कि बाबा तामेश्वरनाथ धाम को काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम और मां विंध्यवासिनी धाम की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। संत कबीर नगर के कुआनो नदी तट स्थित श्री बैजूनाथ धाम में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने संत कबीर नगर और गोरखपुर की ₹475 करोड़ से अधिक लागत की 139 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया।

कॉरिडोर निर्माण की योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा तामेश्वरनाथ धाम और बाबा बैजूनाथ धाम सहित क्षेत्र के धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण केवल आस्था का सम्मान नहीं, बल्कि उन पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता है जिन्होंने इन धरोहरों की स्थापना की थी। सरकार इस कॉरिडोर निर्माण की योजना पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है और इसके बनने से क्षेत्र का विकास तीव्र गति से होने की उम्मीद है।

मुख्य विकास परियोजनाएँ

इस अवसर पर शिलान्यास की गई परियोजनाओं में धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग ₹225 करोड़ और खजनी विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग ₹251 करोड़ के विकास कार्य शामिल हैं। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ हुई समीक्षा बैठक का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश के 6 लाख 18 हजार नए पात्र परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र और स्वीकृति पत्र भी वितरित किए, जिनमें राधिका और शबनम कुमारी (मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना), रीता उपाध्याय (स्वयं सहायता समूह, ₹5,71,50,000 का चेक), अभिज्ञान राय (मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास, ₹5 लाख का चेक), राम शरण विश्वकर्मा (श्रम सम्मान योजना) और यशुवर्धन पांडेय (अनुदान पत्र) शामिल रहे।

पूर्वांचल में बदलती तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि धनघटा और खजनी — जो कभी सबसे पिछड़े क्षेत्रों में गिने जाते थे — आज पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के माध्यम से राजधानी लखनऊ से सीधे जुड़ चुके हैं। उनके अनुसार, बेलघाट, खजनी और धनघटा के नागरिक अब मात्र दो घंटे में लखनऊ पहुँच सकते हैं। धुरियापार क्षेत्र में ग्रेटर गीडा की स्थापना से नए उद्योग लग रहे हैं और मगहर में संत कबीर एकेडमी, ऑडिटोरियम और महापरिनिर्वाण स्थली के विकास के साथ-साथ औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार से हजारों युवाओं को रोज़गार मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने मेहन्दावल विधानसभा क्षेत्र की बखिरा झील का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र अब रामसर साइट और इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में ऑपरेशन कायाकल्प, प्रोजेक्ट अलंकार, अटल आवासीय विद्यालय और मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय जैसी योजनाओं के ज़रिए नए डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक और आईटीआई खोले जा रहे हैं।

विपक्ष पर सियासी प्रहार

मुख्यमंत्री ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल का उल्लेख करते हुए इसे भारतीय लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और समाजवादी पार्टी (सपा) पर निशाना साधते हुए कहा कि जो दल लोकतंत्र और संविधान की बात करते हैं, वही संविधान के सबसे बड़े अपमान के लिए जिम्मेदार रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

आगे की राह

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था का 'ग्रोथ इंजन' बन चुका है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार का लक्ष्य आने वाली पीढ़ी को आत्मनिर्भर बनाना है। तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर की विस्तृत योजना के सामने आने के साथ, क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और आर्थिक विकास की संभावनाएँ और अधिक मज़बूत होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अयोध्या और विंध्याचल में पहले ही आकार ले चुकी है। यह ऐसे समय में आई है जब पूर्वांचल के कई जिले अभी भी बुनियादी ढाँचे और रोज़गार के मोर्चे पर राज्य के औसत से पीछे हैं — ऐसे में कॉरिडोर की घोषणा आस्था और अर्थव्यवस्था, दोनों को एक साथ साधने की कोशिश लगती है। हालाँकि, काशी विश्वनाथ और अयोध्या कॉरिडोर की तुलना में तामेश्वरनाथ धाम की राष्ट्रीय तीर्थयात्री संख्या और व्यावसायिक आधार अभी सीमित है — इसलिए यह देखना होगा कि भव्य कॉरिडोर का वादा स्थानीय अर्थव्यवस्था में कितना वास्तविक रूपांतरण ला पाता है।
RashtraPress
25 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तामेश्वरनाथ धाम कॉरिडोर क्या है और इसे कैसे विकसित किया जाएगा?
बाबा तामेश्वरनाथ धाम को काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या धाम और मां विंध्यवासिनी धाम की तर्ज पर एक भव्य धार्मिक कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की योजना है। CM योगी आदित्यनाथ ने 25 जून 2025 को संत कबीर नगर में इसकी घोषणा की और कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास को तीव्र गति देगी।
संत कबीर नगर में कितनी लागत की कितनी परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ?
CM योगी ने संत कबीर नगर और गोरखपुर की ₹475 करोड़ से अधिक लागत की 139 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। इनमें धनघटा विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग ₹225 करोड़ और खजनी विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग ₹251 करोड़ के कार्य शामिल हैं।
उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कितने परिवारों को आवास मिला?
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ समीक्षा बैठक के बाद उत्तर प्रदेश के 6 लाख 18 हजार नए पात्र परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत आवास स्वीकृत किए गए। CM योगी ने इसे डबल इंजन सरकार का गरीबों को पक्की छत देने की दिशा में बड़ा कदम बताया।
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से धनघटा और खजनी क्षेत्र को क्या फायदा हुआ है?
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के ज़रिए धनघटा, खजनी और बेलघाट के नागरिक अब मात्र दो घंटे में राजधानी लखनऊ पहुँच सकते हैं, जबकि पहले इन क्षेत्रों को उपेक्षित माना जाता था। CM योगी के अनुसार, इससे ये क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ चुके हैं।
CM योगी ने आपातकाल का उल्लेख क्यों किया और विपक्ष पर क्या आरोप लगाए?
CM योगी ने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का 'काला अध्याय' बताया और कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटा तथा विपक्षी नेताओं को जेल में डाला। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर 2024 के लोकसभा चुनाव में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
राष्ट्र प्रेस
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