बाराबंकी में CM योगी का विपक्ष पर प्रहार: '₹542 करोड़ की 82 परियोजनाएँ, सनातन सुरक्षित तो देश सुरक्षित'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 20 जुलाई को बाराबंकी में ₹542 करोड़ से अधिक लागत की 82 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी (SP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सनातन संस्कृति, कानून-व्यवस्था, धार्मिक विरासत और रक्षा उत्पादन जैसे मुद्दों पर विपक्ष को घेरते हुए लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर के निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की।
लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर और सांस्कृतिक विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोधेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन कर उन्हें आत्मिक आनंद की अनुभूति हुई। उन्होंने रेखांकित किया कि बाराबंकी की पहचान भगवान लोधेश्वर महादेव, पारिजात वृक्ष और हॉकी के महान खिलाड़ी केडी सिंह बाबू जैसी ऐतिहासिक धरोहरों से है, लेकिन आजादी के बाद लंबे समय तक इन विरासतों की उपेक्षा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में मंदिरों तक विकास की रोशनी नहीं पहुँची, जबकि कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल के लिए धन की कोई कमी नहीं थी।
योगी ने घोषणा की कि भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर निर्माण के लिए सरकार ने धनराशि स्वीकृत कर दी है। उनके अनुसार इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी और क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
केडी सिंह बाबू और विरासत संरक्षण
मुख्यमंत्री ने पूर्व ओलंपियन केडी सिंह बाबू का उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान उनकी हवेली बिकने की नौबत आ गई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने हवेली को बिकने से बचाया, उसका भुगतान कराया और अब उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है। पारिजात वृक्ष के संरक्षण को भी सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
योगी ने राजा बलभद्र सिंह, महाराजा लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों ने देश, संस्कृति और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया और इनकी विरासत को सहेजना सरकार का दायित्व है।
सनातन और विपक्ष पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने कहा, 'सनातन की सुदृढ़ नींव पर ही भारत का उज्ज्वल भविष्य टिका है। सनातन सुरक्षित रहेगा तो देश सुरक्षित रहेगा। यदि सनातन पर खतरा आएगा तो कोई भी सुरक्षित नहीं रह पाएगा।' उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया। उनके अनुसार पूर्ववर्ती सरकारों में अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम, महादेवा, गोला गोकर्णनाथ जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थलों के विकास के लिए धन उपलब्ध नहीं कराया जाता था।
योगी ने आरोप लगाया कि पहले कांवड़ यात्रा, रामनवमी की शोभायात्राओं, जन्माष्टमी और दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों पर पाबंदियाँ लगाना 'धर्मनिरपेक्षता का मानक' माना जाता था। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने इस सोच को बदलते हुए सभी पर्व-त्योहारों को सम्मान और सुरक्षा के साथ मनाने का काम किया है।
कानून-व्यवस्था और रक्षा उत्पादन
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पहले प्रदेश में अवैध कट्टे और बम बनाने का कारोबार होता था, व्यापारियों से रंगदारी वसूली जाती थी और महिलाओं की सुरक्षा खतरे में रहती थी। उन्होंने कहा कि अब उत्तर प्रदेश की पहचान बदल चुकी है। उन्होंने बताया कि आज लखनऊ में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है और उत्तर प्रदेश देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास, विरासत, सुरक्षा और सुशासन को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। इंफ्रास्ट्रक्चर, धार्मिक पर्यटन, सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और निवेश के माध्यम से उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने का अभियान जारी रहेगा। लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर की स्वीकृति इसी दिशा में एक नया कदम मानी जा रही है।