11 अगस्त 2026
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सीएम योगी ने गोंडा में ₹4901.65 करोड़ की 1000+ परियोजनाओं को दी मंजूरी, मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ तक 13 मार्गों का होगा विकास

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सीएम योगी ने गोंडा में ₹4901.65 करोड़ की 1000+ परियोजनाओं को दी मंजूरी, मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ तक 13 मार्गों का होगा विकास

सारांश

13 दिनों में दूसरी बार गोंडा पहुँचे सीएम योगी ने ₹4901.65 करोड़ की एक हजार से अधिक परियोजनाओं को हरी झंडी दी। मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ तक 13 मार्गों का विकास और 1602 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें — तराई क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे की बड़ी छलाँग।

मुख्य बातें

सीएम योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को गोंडा में ₹4901.65 करोड़ की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी।
मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ , स्वामीनारायण मंदिर और मखौड़ा धाम को जोड़ने वाले 13 प्रमुख मार्गों के विकास को स्वीकृति।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 810 कार्यों को मंजूरी; ₹1472.83 करोड़ से 1602 किलोमीटर नई ग्रामीण सड़कें बनेंगी।
81 लघु सेतु , 7 बड़े पुल , 2 राज्य राजमार्ग और 12 हेलीपैड के निर्माण को भी हरी झंडी।
33 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों की समीक्षा; प्रत्येक क्षेत्र के लिए लगभग ₹50 करोड़ की परियोजनाएँ।
लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश; गड्ढामुक्त अभियान की प्रगति की भी समीक्षा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को गोंडा का दौरा किया — महज 13 दिनों के अंतराल में यह उनकी दूसरी यात्रा थी — और ₹4901.65 करोड़ की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। इनमें देवीपाटन मंडल की मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 प्रमुख मार्गों का विकास शामिल है।

मुख्य घटनाक्रम

महाराजा सुहेलदेव सभागार में आयोजित दो घंटे के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 33 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन देखा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा की और नई कार्य योजनाओं पर जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-मंथन किया। देवीपाटन मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल तथा लोक निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सड़क, पुल, सेतु और अन्य आधारभूत परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।

धार्मिक कनेक्टिविटी और सड़क विकास

मुख्यमंत्री ने मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनारायण मंदिर से बस्ती के मखौड़ा धाम तथा अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 मार्गों के विकास को हरी झंडी दी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 810 कार्यों को मंजूरी दी गई, जिन पर ₹1472.83 करोड़ व्यय होंगे। इन कार्यों से ग्रामीण अंचलों में 1602 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनाई जाएंगी तथा 50 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण और दुरुस्तीकरण किया जाएगा।

बुनियादी ढाँचे पर बड़े फैसले

मुख्यमंत्री ने दो राज्य राजमार्गों, प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की बेहतर कनेक्टिविटी, 81 लघु सेतुओं और 7 बड़े पुलों के निर्माण को स्वीकृति दी। शहरी क्षेत्रों में यातायात सुगम बनाने के लिए बाईपास मार्गों और ओवरब्रिज के कार्यों को भी मंजूरी मिली। इसके अतिरिक्त जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के लिए लगभग ₹50-50 करोड़ की विकास परियोजनाओं का प्रस्तुतीकरण देखा गया।

समीक्षा क्षेत्र और लंबित कार्य

मुख्यमंत्री ने देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती की सड़क एवं संपर्क मार्ग परियोजनाओं की प्रगति परखी। बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। उन्होंने गड्ढामुक्त अभियान की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। हरदौपट्टी संपर्क मार्ग, कटरा बाजार के पंडितपुरवा-नहवा-परसौरा-वाया-खजुहा संपर्क मार्ग, सुभानपुर-बेलवानोहर मार्ग के चौड़ीकरण तथा चांदपुरडीहा संपर्क मार्ग सहित कई मार्गों की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई।

आगे की राह

यह दौरा ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के विस्तार को प्राथमिकता दे रही है। पिछड़े क्षेत्रों व आकांक्षात्मक ब्लॉक क्षेत्रों में जारी परियोजनाओं की समीक्षा और देवीपाटन मंडल में सड़क सुरक्षा कार्यों के निर्देश यह संकेत देते हैं कि सरकार इस क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। स्वीकृत परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों से पहले तराई-पूर्वांचल क्षेत्र में राजनीतिक उपस्थिति मजबूत करने की स्पष्ट रणनीति है। धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण कनेक्टिविटी का यह संयोजन BJP की 'विकास + आस्था' की दोहरी राजनीतिक भाषा को दर्शाता है। असली परीक्षा यह है कि क्या ये स्वीकृतियाँ जमीन पर समयबद्ध क्रियान्वयन में बदलती हैं — उत्तर प्रदेश में बड़े बुनियादी ढाँचे के ऐलान और उनके वास्तविक निष्पादन के बीच की खाई पुरानी समस्या रही है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएम योगी ने गोंडा में कितने करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी दी?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 19 जून 2026 को गोंडा दौरे के दौरान ₹4901.65 करोड़ की एक हजार से अधिक विकास परियोजनाओं को स्वीकृति दी। इनमें सड़क, पुल, सेतु और ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मां पाटेश्वरी शक्तिपीठ तक कनेक्टिविटी के लिए क्या योजना है?
सीएम योगी ने देवीपाटन मंडल की मां पाटेश्वरी देवी शक्तिपीठ, स्वामीनारायण मंदिर और बस्ती के मखौड़ा धाम सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाले 13 प्रमुख मार्गों के विकास को मंजूरी दी। यह कदम धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया है।
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गोंडा में क्या मंजूरी मिली?
मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 810 कार्यों को मंजूरी दी गई, जिन पर ₹1472.83 करोड़ व्यय होंगे। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में 1602 किलोमीटर लंबी नई सड़कें बनाई जाएंगी और 50 से अधिक सड़कों का चौड़ीकरण किया जाएगा।
गोंडा दौरे में किन जिलों की परियोजनाओं की समीक्षा हुई?
सीएम योगी ने देवीपाटन मंडल के गोंडा, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती तथा बस्ती मंडल के बस्ती, सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की। 33 विधानसभा क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों का प्रेजेंटेशन भी देखा गया।
इस दौरे में पुलों और हेलीपैड के संबंध में क्या फैसले हुए?
मुख्यमंत्री ने 81 लघु सेतुओं और 7 बड़े पुलों के निर्माण को मंजूरी दी। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में 12 हेलीपैड के निर्माण और दो राज्य राजमार्गों के विकास को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
राष्ट्र प्रेस
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