वंदे मातरम् शिविर: 6 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश के 150 युवा गांधीनगर में एकत्रित
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर के अडालज स्थित हार्टफुलनेस मेडिटेशन सेंटर में 22 अक्टूबर 2026 को सात दिवसीय 'वंदे मातरम् कैंप' की शुरुआत हुई, जिसमें 6 राज्यों और 1 केंद्रशासित प्रदेश के करीब 150 युवा भाग ले रहे हैं। राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सुशासन के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से आयोजित यह शिविर माय भारत गांधीनगर द्वारा संचालित किया जा रहा है।
शिविर का उद्घाटन और भागीदार राज्य
शिविर का विधिवत उद्घाटन गुजरात की प्राथमिक, माध्यमिक और वयस्क शिक्षा राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा ने किया। उद्घाटन सत्र की शुरुआत सभी प्रतिभागियों द्वारा सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' गायन से हुई। शिविर 28 अक्टूबर 2026 तक चलेगा।
इस कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, केरल और बिहार के अलावा केंद्रशासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव से आए युवा सहभागिता कर रहे हैं। उद्घाटन के अवसर पर केरल के प्रतिभागियों ने पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया, जिसने देश की सांस्कृतिक विविधता को जीवंत रूप में सामने रखा।
मंत्री रिवाबा जडेजा का संबोधन
राज्य मंत्री रिवाबा जडेजा ने युवाओं के साथ सीधे संवाद किया और राष्ट्रीय गीत के महत्व, विकसित भारत के विजन, सुशासन तथा राष्ट्रीय विकास नीतियों पर विचार साझा किए। उन्होंने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान का भी विशेष उल्लेख किया। जडेजा ने प्रतिभागी युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने और राष्ट्र निर्माण व सतत विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में गुजरात राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष धर्मिष्ठा गज्जर, माय भारत गुजरात के निदेशक सचिन शर्मा, सहायक निदेशक श्रेयांश सिंह और उपनिदेशक पंकज यादव भी उपस्थित रहे।
शिविर का कार्यक्रम और शैक्षणिक भ्रमण
माय भारत गांधीनगर के जिला युवा अधिकारी के अनुसार, शिविर में सांस्कृतिक गतिविधियों, संवाद सत्रों और शैक्षणिक यात्राओं के जरिए युवाओं में जागरूकता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर ज़ोर दिया जाएगा। 24 अक्टूबर को प्रतिभागी राज्यपाल आवास का दौरा करेंगे और जिला कलेक्टर के साथ प्रशासनिक व्यवस्था पर संवाद करेंगे।
इसके अतिरिक्त साइंस सिटी और साबरमती के शैक्षणिक भ्रमण भी आयोजित किए गए हैं, ताकि प्रतिभागी गुजरात की वैज्ञानिक, शैक्षणिक और ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू हो सकें।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह पहल देश के विभिन्न क्षेत्रों के युवाओं को एक साझा मंच प्रदान करती है, जहाँ वे अपनी संस्कृति और परंपराओं को साझा करते हुए राष्ट्रीय पहचान की एकता को महसूस कर सकते हैं। गौरतलब है कि माय भारत जैसे राष्ट्रीय युवा मंचों के माध्यम से ऐसे अंतर-राज्यीय शिविर युवाओं को नीति-निर्माण और प्रशासन से जोड़ने का प्रयास करते हैं। आगामी दिनों में शिविर के और कार्यक्रमों के साथ यह आयोजन राष्ट्रीय एकता के संदेश को और मजबूती देगा।