क्या वाराणसी में सर्द हवा और बारिश के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था को बनाए रखेंगे?

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क्या वाराणसी में सर्द हवा और बारिश के बावजूद श्रद्धालु अपनी आस्था को बनाए रखेंगे?

सारांश

वाराणसी में सर्द मौसम और हल्की बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। पौष पूर्णिमा के पवित्र स्नान के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ घाटों पर नज़र आ रही है। जानिए इस धार्मिक अवसर पर श्रद्धालुओं की भावना और प्रशासन की व्यवस्थाएं।

Key Takeaways

  • सर्दी के बावजूद श्रद्धालुओं की भारी संख्या घाटों पर।
  • पौष पूर्णिमा का स्नान धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण।
  • प्रशासन द्वारा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
  • आस्था का कोई मोल नहीं होता, यह मौसम से प्रभावित नहीं होती।

वाराणसी, 3 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पवित्र माघ महीने की शुरुआत शनिवार से हो गई है। पौष पूर्णिमा और माघ मेले की शुरुआत के साथ ही श्रद्धालु भारी संख्या में पवित्र नदियों में स्नान करने पहुंच रहे हैं। कड़कड़ाती सर्दी में भी सुबह से ही वाराणसी और हरिद्वार में श्रद्धालु अपने पितृ पक्ष की शांति के लिए घाटों पर पूजा-पाठ कर रहे हैं।

वाराणसी में आज सुबह से मौसम कई रंग दिखा रहा है। सर्द हवा के साथ कोहरे और हल्की बूंदों की वजह से सर्दी का सितम बढ़ गया है, लेकिन इससे श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है। 11 डिग्री के तापमान और हल्की बारिश में भी घाटों पर भक्त स्नान कर रहे हैं और अपने पितरों की शांति के लिए विशेष अनुष्ठान भी करवा रहे हैं।

राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए एक श्रद्धालु ने बताया कि मौसम सुबह से ही खराब है, लेकिन फिर भी भक्तों की संख्या में कमी नहीं आई है। प्रशासन की तरफ से भी कैम्प लगाए गए हैं और कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम और जगह-जगह अलाव की व्यवस्था की गई है।

एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि आज पौष पूर्णिमा का पवित्र स्नान है। मान्यता के अनुसार, यह पवित्र स्नान कई वर्षों में एक बार होता है। गंगा में स्नान करने से माता गंगा की कृपा प्राप्त होती है और भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद हमारे साथ बना रहता है। स्नान के लिए घाटों पर लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।

वहीं हरिद्वार में भी आस्था का सैलाब देखा जा रहा है। सुबह से ही भक्त देश के विभिन्न राज्यों से गंगा नदी में स्नान करने पहुंच रहे हैं। घाटों पर विशेष पूजा-पाठ और दान-दक्षिणा भी की जा रही है। हरिद्वार का मौसम भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पाया है, बल्कि श्रद्धालु पूरी उमंग के साथ ठंडे पानी में हर-हर महादेव का नाम लेकर डुबकी लगा रहे हैं।

पौष पूर्णिमा को आध्यात्म की दृष्टि से शुभ दिन माना जाता है। माना जाता है कि आज के दिन किया गया दान सौ गुना होकर वापस मिलता है।

Point of View

आज का वाराणसी का दृश्य यह दर्शाता है कि धार्मिक आस्था किस प्रकार मौसम की कठिनाइयों को नकारकर भी मजबूत होती है। श्रद्धालुओं की संख्या इस बात का प्रमाण है कि आस्था और विश्वास मानव जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा हैं।
NationPress
03/01/2026

Frequently Asked Questions

वाराणसी में पौष पूर्णिमा का स्नान क्यों महत्वपूर्ण है?
पौष पूर्णिमा का स्नान धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्यूंकि इस दिन गंगा में स्नान करने से देवी गंगा की कृपा प्राप्त होती है।
क्या वाराणसी में बारिश का मौसम श्रद्धालुओं की संख्या को प्रभावित करता है?
नहीं, वाराणसी में बारिश और सर्द मौसम के बावजूद श्रद्धालुओं की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
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