3 अगस्त 2026
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क्या वाराणसी के रोपवे को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है?

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क्या वाराणसी के रोपवे को लेकर किया जा रहा दावा भ्रामक है?

सारांश

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वाराणसी के रोपवे को लेकर किए गए दावों की पुष्टि पीआईबी ने की। जानें क्या है सच और क्या है झूठ।

मुख्य बातें

रोपवे की टेस्टिंग सुरक्षा मानकों के अनुसार की जा रही है।
सोशल मीडिया पर फैली भ्रांतियों से सतर्क रहना चाहिए।
यह रोपवे शहर में यातायात की भीड़ को कम करने का एक प्रयास है।

नई दिल्ली, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वाराणसी के रोपवे को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से फैल रहा है। इस वीडियो में यह दावा किया जा रहा है कि रोपवे बार-बार रुक रहा है और असुरक्षित तरीके से हिल रहा है। इसे यात्रियों के लिए खतरनाक बताया गया है। पीआईबी ने इस वायरल वीडियो का फैक्ट चेक किया है।

पीआईबी के फैक्ट चेक में यह पुष्टि की गई है कि वीडियो में किया गया दावा भ्रामक है। पीआईबी ने बताया कि वीडियो में दिखाया गया रोपवे सुरक्षा नियमों का पालन करने के लिए टेस्टिंग प्रक्रिया का एक हिस्सा है। सर्कुलेट किए गए वीडियो में दिख रहा रोपवे का झूलना सीईएन स्टैंडर्ड के तहत निर्धारित सीमा के भीतर है, और सिस्टम के डिजाइन में इसका ध्यान रखा गया है।

पीआईबी ने यह भी बताया कि ओईएम टीम द्वारा की गई टेस्टिंग के दौरान गोंडोला में इमरजेंसी ब्रेक लगाए गए थे, ताकि मान्य सीमा के अनुसार रोपवे के झूलने की जांच की जा सके। ये झूलने की गतिविधियां गोंडोला के स्प्रिंग-लोडेड सपोर्ट व्यवस्था से नियंत्रित और मॉनिटर की जाती हैं, जो सीईएन और बीआईएस सहित लागू कोड और मानकों में बताई गई सीमाओं के भीतर होती हैं।

पीआईबी ने स्पष्ट किया कि सस्पेंशन सिस्टम में फ्लेक्सिबिलिटी का प्रावधान जानबूझकर किया गया है, ताकि रोपवे के सामान्य संचालन और रुकने के दौरान डायनामिक ऑपरेशनल फोर्स, हवा का लोड और एक्सेलरेशन-डीसेलरेशन इफेक्ट को समायोजित किया जा सके। गोंडोला का झूलना किसी संरचनात्मक, यांत्रिक या संचालनात्मक कमी को नहीं दर्शाता है और यह संचालन के दौरान सभी स्थितियों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जांच का एक हिस्सा है।

अतः यह स्पष्ट हो गया कि सोशल मीडिया पर किया जाने वाला दावा भ्रामक है।

वाराणसी में महत्वाकांक्षी रोपवे परियोजना के तहत भारत का पहला और दुनिया का तीसरा सार्वजनिक परिवहन रोपवे स्थापित किया जा रहा है। यह रोपवे लगभग 4.2 किलोमीटर की दूरी तय करेगा और कैंट रेलवे स्टेशन (वाराणसी जंक्शन) को चर्च स्क्वायर (गोदौलिया) से जोड़ेगा। इसका मुख्य उद्देश्य शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के लिए एक विश्वसनीय और कुशल परिवहन साधन उपलब्ध कराना है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वाराणसी का रोपवे सुरक्षित है?
जी हाँ, पीआईबी ने पुष्टि की है कि रोपवे की टेस्टिंग सुरक्षा मानकों के तहत की जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के दावे का क्या सच है?
वायरल वीडियो में किए गए दावे भ्रामक हैं, पीआईबी ने इसे फैक्ट चेक किया है।
राष्ट्र प्रेस
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