क्या उत्तर प्रदेश में एसआईआर के जरिए चुनाव जीतने की कोशिश सफल होगी?
सारांश
Key Takeaways
- वीरेंद्र सिंह ने 2027 के चुनाव की तैयारी पर जोर दिया।
- पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक जल्द ही होने वाली है।
- उत्तर प्रदेश में एसआईआर के जरिए चुनाव जीतने की कोशिशों का विरोध होगा।
- सपा के कार्यकर्ता सतर्क हैं।
- सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की तैयारी।
लखनऊ, 20 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद वीरेंद्र सिंह ने मंगलवार को 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के संबंध में पार्टी की आगामी रणनीति पर एक महत्वपूर्ण बयान दिया। उन्होंने कहा कि पार्टी जल्द ही एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रही है, जिसमें चुनाव की तैयारियों और संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान सरकार को किस प्रकार घेरा जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
वीरेंद्र सिंह ने राष्ट्र प्रेस से कहा, "हमारा मुख्य उद्देश्य 2027 के चुनाव की रणनीति को निर्धारित करना है। इसके साथ ही, यह भी चर्चा की जाएगी कि आगामी बजट सत्र में सरकार को जवाबदेह कैसे बनाया जाए। इस बैठक में पार्टी के वरिष्ठ नेता अपने सुझाव और मार्गदर्शन देंगे।"
उनके मुताबिक, यह बैठक पार्टी के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और आने वाले राजनीतिक कदमों की दिशा निर्धारित करेगी। सांसद ने एसआईआर को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि एसआईआर के जरिए चुनाव जीतने की एक असफल कोशिश की जा रही है।
वीरेंद्र सिंह ने कहा, "वह लोग एसआईआर के माध्यम से वही तरीका अपनाना चाहते हैं जो पहले बिहार में अपनाया गया था। वहां लोग पूरी तरह जागरूक नहीं थे और एसआईआर पहली बार लागू हो रहा था, इसलिए कई लोग उनकी चाल को समझ नहीं पाए और वे सफल हो गए।"
उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में ऐसा नहीं होने दिया जाएगा। यूपी में हम उन्हें सफल नहीं होने देंगे। हम हर बूथ पर उनकी कोशिशों को रोकेंगे।
वीरेंद्र सिंह ने यह भी दावा किया कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पूरी तरह से सतर्क हैं और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर खड़े रहेंगे।
वीरेंद्र सिंह के बयान से स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनाव को लेकर पहले से ही सक्रिय हो गई है। एक ओर जहां पार्टी संगठन को मजबूत करने और रणनीति को धार देने की तैयारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार की नीतियों और प्रक्रियाओं पर भी लगातार सवाल उठा रही है।