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आंध्र विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और सचिन तेंदुलकर सोमवार को विशाखापत्तनम में

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आंध्र विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह: उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और सचिन तेंदुलकर सोमवार को विशाखापत्तनम में

सारांश

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन सोमवार को विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय के 100 साल पूरे होने के ऐतिहासिक समारोह में शामिल होंगे। सचिन तेंदुलकर की उपस्थिति भी संभावित है। 'वारोत्सवम' सप्ताह 18 अप्रैल से जारी है।

मुख्य बातें

राधाकृष्णन सोमवार को विशाखापत्तनम में आंध्र विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह में मुख्य अतिथि होंगे।
दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की भी इस ऐतिहासिक आयोजन में उपस्थिति संभावित है।
1926 में स्थापित आंध्र विश्वविद्यालय अपने 100 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है।
'वारोत्सवम' नामक शताब्दी समारोह सप्ताह 18 अप्रैल से विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित है।
राजा शेखर ने पूर्व छात्रों से 60 सेकंड का वीडियो या आधे पन्ने का लेख शताब्दी स्मारिका के लिए भेजने की अपील की है।
उपराष्ट्रपति ने जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह में युवाओं को नौकरी देने वाले बनने का संदेश दिया।

विशाखापत्तनम, 26 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आंध्र विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक शताब्दी समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन सोमवार को विशाखापत्तनम पहुंचेंगे और छात्रों, शिक्षकों तथा पूर्व छात्रों को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम उनके आंध्र प्रदेश के दो दिवसीय दौरे का पहला पड़ाव होगा। इस समारोह में दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर की उपस्थिति भी संभावित है।

समारोह की मुख्य विशेषताएं

सोमवार को आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन के साथ-साथ क्रिकेट के महानायक सचिन तेंदुलकर और अनेक गणमान्य अतिथियों के शामिल होने की उम्मीद है। आंध्र विश्वविद्यालय की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में यह समारोह विश्वविद्यालय के इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन माना जा रहा है।

विश्वविद्यालय ने शताब्दी वर्ष के तहत ''वारोत्सवम'' यानी शताब्दी समारोह सप्ताह की शुरुआत 18 अप्रैल से की है, जो विश्वविद्यालय परिसर में चल रहा है। इस सप्ताह भर के उत्सव का समापन एक भव्य कार्यक्रम के साथ होगा, जो एक सदी के गौरवशाली इतिहास का उत्सव मनाएगा।

कुलपति की पूर्व छात्रों से अपील

आंध्र विश्वविद्यालय के कुलपति जी.पी. राजा शेखर ने पूर्व छात्रों से आग्रह किया है कि वे विश्वविद्यालय से जुड़ी अपनी यादें, उपलब्धियां और शुभकामनाएं साझा करें। इन्हें शताब्दी स्मारिका का हिस्सा बनाया जाएगा।

कुलपति ने पूर्व छात्रों को 60 सेकंड का वीडियो या आधे पन्ने का लेख भेजने का अनुरोध किया है। उन्होंने अपने बयान में कहा, ''इस कार्यक्रम में देश-विदेश से पूर्व छात्र, शिक्षक, विशिष्ट अतिथि, छात्र और शुभचिंतक शामिल होंगे। यह एक ऐतिहासिक अवसर होगा, जो एक सदी के समापन और नई सदी की शुरुआत का प्रतीक बनेगा।''

राजस्थान विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति का संदेश

इससे पहले शनिवार को जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के 35वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने युवाओं से नौकरी मांगने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने वाले बनने की अपील की।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय निरंतर ऐसे विचारकों, नेताओं और परिवर्तन-दूतों की पीढ़ियां तैयार कर रहे हैं, जो ज्ञान, ईमानदारी और सेवा के मूल्यों के प्रति समर्पित हैं। उन्होंने उत्तीर्ण छात्रों को बधाई देते हुए दीक्षांत समारोह को एक अंत के साथ-साथ नई शुरुआत भी बताया।

उपराष्ट्रपति ने यह भी स्पष्ट किया कि शिक्षा का वास्तविक महत्व तभी है जब उसका उपयोग नवाचार, नैतिक आचरण और समाज की बेहतरी के लिए किया जाए।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक महत्व

आंध्र विश्वविद्यालय की स्थापना 1926 में हुई थी और यह दक्षिण भारत के सबसे पुराने विश्वविद्यालयों में से एक है। 100 वर्षों की यात्रा में इस विश्वविद्यालय ने देश को अनेक वैज्ञानिक, प्रशासक, कलाकार और खिलाड़ी दिए हैं। उपराष्ट्रपति की उपस्थिति इस आयोजन को राष्ट्रीय महत्व का आयोजन बनाती है।

गौरतलब है कि उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन हाल के महीनों में लगातार शैक्षणिक संस्थानों के कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं और युवाओं को उद्यमशीलता व राष्ट्र सेवा का संदेश दे रहे हैं। यह प्रवृत्ति भारत सरकार की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के लक्ष्यों से भी मेल खाती है।

सोमवार के इस समारोह के बाद उपराष्ट्रपति अपने आंध्र प्रदेश दौरे के दूसरे दिन अन्य कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे। देशभर के शिक्षाविदों और पूर्व छात्रों की निगाहें इस ऐतिहासिक आयोजन पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित राष्ट्रीय संदेश है — युवाओं को उद्यमी और राष्ट्र-निर्माता बनाने का। सचिन तेंदुलकर जैसी हस्ती की उपस्थिति इस आयोजन को शैक्षणिक से परे एक सांस्कृतिक राष्ट्रीय उत्सव बनाती है। आंध्र विश्वविद्यालय का 100 साल पूरा करना ऐसे समय में और भी अहम है जब NEP 2020 के तहत उच्च शिक्षा का पुनर्गठन हो रहा है। सवाल यह है कि क्या ये भव्य समारोह विश्वविद्यालयों की जमीनी शैक्षणिक गुणवत्ता और रोजगार परिणामों में भी उतने ही बड़े बदलाव लाते हैं?
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आंध्र विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह कब और कहां होगा?
आंध्र विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह सोमवार, 28 अप्रैल 2025 को विशाखापत्तनम में आयोजित होगा। 'वारोत्सवम' नामक शताब्दी समारोह सप्ताह 18 अप्रैल से विश्वविद्यालय परिसर में चल रहा है।
आंध्र विश्वविद्यालय शताब्दी समारोह में कौन-कौन शामिल होंगे?
इस समारोह में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। दिग्गज क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और अन्य गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति भी संभावित बताई जा रही है।
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने युवाओं को क्या संदेश दिया?
उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में युवाओं से नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि शिक्षा का महत्व तभी है जब उसे नवाचार और समाज की बेहतरी के लिए उपयोग किया जाए।
आंध्र विश्वविद्यालय की स्थापना कब हुई थी?
आंध्र विश्वविद्यालय की स्थापना 1926 में हुई थी और यह दक्षिण भारत के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में से एक है। 2025 में यह अपने 100 वर्ष पूरे कर रहा है।
वारोत्सवम क्या है और इसमें पूर्व छात्र कैसे भाग ले सकते हैं?
'वारोत्सवम' आंध्र विश्वविद्यालय का शताब्दी समारोह सप्ताह है जो 18 अप्रैल से चल रहा है। कुलपति जी.पी. राजा शेखर ने पूर्व छात्रों से 60 सेकंड का वीडियो या आधे पन्ने का लेख भेजने का आग्रह किया है, जिसे शताब्दी स्मारिका में शामिल किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
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