19 अक्टूबर 2026
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जयशंकर ने ग्रीस की राजदूत कौत्सोमितोपोउलो को दी विदाई, द्विपक्षीय संबंधों में योगदान को सराहा

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जयशंकर ने ग्रीस की राजदूत कौत्सोमितोपोउलो को दी विदाई, द्विपक्षीय संबंधों में योगदान को सराहा

सारांश

विदेश मंत्री जयशंकर ने ग्रीस की विदाई ले रहीं राजदूत कौत्सोमितोपोउलो से मुलाकात की और उनके कार्यकाल में हुई द्विपक्षीय प्रगति की सराहना की। यह मुलाकात 2023 की रणनीतिक साझेदारी और 2030 तक व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य की पृष्ठभूमि में अहम है।

मुख्य बातें

जयशंकर ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो से विदाई मुलाकात की।
कौत्सोमितोपोउलो ने 2024 में भारत में राजदूत का पदभार ग्रहण किया था और अपने दो वर्षों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत किया।
अगस्त 2023 में PM मोदी की ग्रीस यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंध 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत हुए थे।
द्विपक्षीय व्यापार 2022-23 में लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर था; 2030 तक इसे दोगुना करने का लक्ष्य है।
दोनों देश इनिओचोस जैसे बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में सहभागी हैं और रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ा रहे हैं।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 19 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भारत में ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो से विदाई मुलाकात की। जयशंकर ने उनके कार्यकाल के दौरान भारत-ग्रीस द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में दिए गए उनके योगदान की विशेष सराहना की।

मुलाकात का विवरण

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा, 'ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो से विदाई मुलाकात करना सुखद रहा। उनके कार्यकाल के दौरान हमारे द्विपक्षीय संबंधों में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। मैंने उनके योगदान की सराहना की और भविष्य के प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं।' कौत्सोमितोपोउलो ने 2024 में भारत में ग्रीस की राजदूत का पदभार ग्रहण किया था।

राजदूत की भूमिका और सक्रियता

अपने दो वर्षों के कार्यकाल में कौत्सोमितोपोउलो ने भारत के राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्वों में सक्रिय रूप से भाग लिया। एक्स पर ग्रीस दूतावास के आधिकारिक अकाउंट के माध्यम से उन्होंने दोनों देशों के बीच जन-संपर्क को मजबूत किया। यह ऐसे समय में आया है जब भारत और ग्रीस अपने संबंधों को नई ऊँचाई देने में लगे हैं।

भारत-ग्रीस संबंधों की पृष्ठभूमि

भारत और ग्रीस के सांस्कृतिक एवं व्यापारिक संबंध 2,000 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। दोनों देशों ने मई 1950 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए। भारत ने मार्च 1978 में एथेंस में स्थायी दूतावास खोला, जबकि नई दिल्ली में ग्रीस का दूतावास फरवरी 2001 में स्थापित हुआ।

गौरतलब है कि अगस्त 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीस की आधिकारिक यात्रा की थी, जिसके दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया — यह इस द्विपक्षीय रिश्ते में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर था।

रक्षा और आर्थिक सहयोग

रक्षा क्षेत्र में दोनों देश औद्योगिक सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यासों में सक्रिय रहे हैं। भारतीय वायुसेना और ग्रीस की वायुसेना बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'इनिओचोस' में नियमित रूप से भाग लेती रही हैं। हाल ही में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात कर सैन्य संबंधों को और मजबूत करने तथा साझा रणनीतिक हितों पर विचार-विमर्श किया।

आर्थिक मोर्चे पर, वर्ष 2022-23 में द्विपक्षीय व्यापार लगभग ₹16,600 करोड़ (करीब 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर) था। दोनों देशों ने 2030 तक इस व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

आगे की राह

कौत्सोमितोपोउलो की विदाई के बाद नए राजदूत की नियुक्ति पर ग्रीस सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। रणनीतिक साझेदारी की रूपरेखा और व्यापार दोगुना करने के लक्ष्य को देखते हुए, उम्मीद है कि नए राजदूत के नेतृत्व में यह गति बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

या यह भी उन द्विपक्षीय महत्वाकांक्षाओं की सूची में जुड़ जाएगा जो कागज़ पर बड़ी दिखती हैं पर क्रियान्वयन में पिछड़ जाती हैं। यूरोप में भारत के रणनीतिक विस्तार के नज़रिए से ग्रीस एक महत्वपूर्ण नौसैनिक और भू-राजनीतिक साझेदार है, जिसे अकसर मुख्यधारा की कवरेज में कम आँका जाता है।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदेश मंत्री जयशंकर और ग्रीस की राजदूत की विदाई मुलाकात क्यों हुई?
ग्रीस की राजदूत अलिकी कौत्सोमितोपोउलो का भारत में कार्यकाल समाप्त होने पर विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने 19 अक्टूबर 2026 को उनसे विदाई मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने उनके कार्यकाल में भारत-ग्रीस द्विपक्षीय संबंधों में हुई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की।
भारत और ग्रीस के बीच 'रणनीतिक साझेदारी' कब और कैसे स्थापित हुई?
अगस्त 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ग्रीस की आधिकारिक यात्रा के दौरान दोनों देशों के संबंधों को 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत किया गया। यह भारत-ग्रीस संबंधों में एक ऐतिहासिक पड़ाव था, क्योंकि दोनों देशों के बीच 2,000 वर्षों से अधिक पुराने सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध रहे हैं।
भारत और ग्रीस के बीच व्यापार का लक्ष्य क्या है?
वर्ष 2022-23 में भारत-ग्रीस द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2 बिलियन अमेरिकी डॉलर था। दोनों देशों ने 2030 तक इस व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
भारत और ग्रीस के बीच रक्षा सहयोग किस स्तर पर है?
भारतीय वायुसेना और ग्रीस की वायुसेना बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'इनिओचोस' में भाग लेती रही हैं। हाल ही में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने ग्रीस के राष्ट्रीय रक्षा जनरल स्टाफ के प्रमुख जनरल दिमित्रियोस से मुलाकात कर सैन्य संबंधों को मजबूत करने और तकनीकी आदान-प्रदान बढ़ाने पर चर्चा की।
भारत और ग्रीस के राजनयिक संबंध कितने पुराने हैं?
दोनों देशों ने मई 1950 में औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित किए। भारत ने मार्च 1978 में एथेंस में स्थायी दूतावास खोला, जबकि नई दिल्ली में ग्रीस का दूतावास फरवरी 2001 में स्थापित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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