ग्रीस में भारतीय राजदूत रवि शंकर की अहम बैठकें — वायु सेना सहयोग, रोजगार और पर्यटन पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
भारत के राजदूत रवि शंकर ने 28 जुलाई 2026 को एथेंस में कई महत्वपूर्ण बैठकें कीं, जिनमें रक्षा सहयोग, भारतीय कामगारों के लिए रोजगार के अवसर और द्विपक्षीय पर्यटन को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। यह बैठकें ऐसे समय में हुई हैं जब भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने की कोशिशें तेज हो रही हैं।
वायु सेना सहयोग पर चर्चा
राजदूत रवि शंकर ने हेलेनिक एयर फोर्स जनरल स्टाफ के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल डेमोस्थेनीस ग्रिगोरियाडिस से मुलाकात की। दोनों के बीच भारत और ग्रीस की वायु सेनाओं के बीच जारी सहयोग तथा नई पहलों पर विचार-विमर्श हुआ।
भारतीय दूतावास के अनुसार, हेलेनिक एयर फोर्स द्वारा आयोजित वार्षिक बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास 'इनियोचोस' में भारत की भागीदारी और भारतीय वायु सेना (IAF) के द्विवार्षिक बहुराष्ट्रीय अभ्यास 'तरंग शक्ति' में ग्रीस की सहभागिता ने दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सैन्य साझेदारी को मजबूत किया है। दूतावास ने एक्स पर लिखा, "'इनियोचोस' में भारत और 'तरंग शक्ति' में ग्रीस की भागीदारी ने आपसी समझ और साझेदारी को और मजबूत किया है।"
वेस्ट मणि क्षेत्र के मेयर से मुलाकात — रोजगार पर फोकस
राजदूत ने वेस्ट मणि क्षेत्र के मेयर जॉर्जोस चिउरियास से भी भेंट की। इस बातचीत में ग्रीस के वेस्ट मणि क्षेत्र और भारत के बीच संभावित सहयोग के अवसरों पर चर्चा हुई, विशेष रूप से भारतीय कामगारों की नियुक्ति के संदर्भ में।
दूतावास के अनुसार, बातचीत में हॉस्पिटैलिटी, निर्माण (कंस्ट्रक्शन) और कृषि क्षेत्रों में भारतीयों के लिए रोजगार के अवसरों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके साथ ही दोनों पक्षों ने भारत-ग्रीस पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर भी विचार किया।
राष्ट्रपति को सौंपा परिचय-पत्र
गौरतलब है कि इससे पहले 16 जुलाई को राजदूत रवि शंकर ने ग्रीस के राष्ट्रपति को अपना लेटर ऑफ क्रेडेंस (परिचय-पत्र) सौंपा था। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय नेतृत्व की ओर से शुभकामनाएं दीं और आश्वासन दिया कि वे भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी को और सुदृढ़ बनाने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करेंगे।
भारत-ग्रीस संबंधों की पृष्ठभूमि
विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, भारत और ग्रीस के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं। दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर एक-दूसरे के महत्वपूर्ण मुद्दों का समर्थन किया है और वरिष्ठ नेतृत्व के स्तर पर भरोसेमंद रिश्ते कायम हैं। यह बैठकें इसी द्विपक्षीय ढाँचे को व्यावहारिक धरातल देने की दिशा में एक और कदम हैं।
आगे की राह
रक्षा अभ्यासों में सहयोग, भारतीय कामगारों के लिए ग्रीस में रोजगार की संभावनाएं और पर्यटन क्षेत्र में साझेदारी — ये तीनों मिलकर भारत-ग्रीस संबंधों को एक नया आयाम दे सकते हैं। आने वाले महीनों में इन विषयों पर ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।