भारत-ग्रीस विदेश परामर्श के 14वें दौर में सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
भारत और ग्रीस ने 5 जून 2026 को नई दिल्ली में आयोजित विदेश कार्यालय परामर्श (Foreign Office Consultation) के 14वें दौर की बैठक में सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। दोनों देशों ने द्विपक्षीय संबंधों को और सुदृढ़ करने तथा रणनीतिक साझेदारी को नई ऊँचाइयों तक ले जाने पर भी सहमति व्यक्त की।
बैठक की अध्यक्षता और प्रमुख प्रतिनिधि
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से पश्चिम मामलों के सचिव सिबी जॉर्ज और ग्रीस की ओर से राजनीतिक मामलों के महानिदेशक एंड्रियास फ्रिगानास ने की। दोनों वरिष्ठ राजनयिकों की उपस्थिति इस बात का संकेत है कि दोनों देश इस संवाद को उच्च प्राथमिकता देते हैं।
मुख्य घटनाक्रम और चर्चा के विषय
बैठक में राजनीतिक एवं रक्षा संबंधों, व्यापार और निवेश, सांस्कृतिक सहयोग तथा लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने माना कि इन क्षेत्रों में सहयोग की गति बढ़ने से भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी और अधिक सुदृढ़ होगी।
क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भी दोनों देशों ने अपने-अपने दृष्टिकोण साझा किए। सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों को और प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
फरवरी की शिखर बैठक की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ग्रीस के प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकिस की मुलाकात AI इम्पैक्ट समिट के दौरान हुई थी। उस बैठक में दोनों नेताओं ने भारत-ग्रीस रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की और व्यापार, रक्षा, सुरक्षा, पर्यटन, संस्कृति तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) समेत उभरती तकनीकों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की थी।
उसी दौरान भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEC) के माध्यम से कनेक्टिविटी सुदृढ़ करने और भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को शीघ्र लागू करने पर भी जोर दिया गया था। मोदी ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत की लड़ाई में ग्रीस के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री मित्सोताकिस का आभार भी व्यक्त किया था।
रक्षा सहयोग का विस्तार
फरवरी में ही रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने नई दिल्ली में ग्रीक नौसेना प्रमुख दिमित्रियोस एलेफ्थेरियोस कतारस से मुलाकात की थी। उस बैठक में समुद्री सुरक्षा, जहाज निर्माण और स्वायत्त रक्षा प्रणालियों पर केंद्रित चर्चा हुई थी, जो दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी की बढ़ती गहराई को दर्शाती है।
आगे की राह
14वें दौर की यह बैठक भारत-ग्रीस संबंधों में एक नियमित और संस्थागत संवाद की परंपरा को आगे बढ़ाती है। दोनों देशों ने रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने तथा रणनीतिक साझेदारी को व्यापक आधार देने की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी विदेश नीति में यूरोपीय भागीदारों के साथ संबंधों को नई प्राथमिकता दे रहा है।