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क्या विल्लुण्डी तीर्थम: समंदर के पास मीठे पानी का रहस्यमयी कुआं है, जो मां सीता से जुड़ा है?

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क्या विल्लुण्डी तीर्थम: समंदर के पास मीठे पानी का रहस्यमयी कुआं है, जो मां सीता से जुड़ा है?

सारांश

विल्लुण्डी तीर्थम, जो भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़ा है, रहस्य और आस्था का एक अद्वितीय स्थल है। यहां मीठे पानी का कुआं है जो समुद्र के पास स्थित है। इस रहस्यमयी स्थान का महत्व जानें और इसकी चमत्कारी शक्तियों के बारे में जानें!

मुख्य बातें

विल्लुण्डी तीर्थम माता सीता और भगवान श्रीराम से जुड़ा है।
यह स्थान रामेश्वरम में स्थित है।
यहां का पानी मीठा है, जबकि आसपास का पानी खारा है।
भक्त यहां के पानी को अपने साथ ले जाते हैं।
कुएं के पास त्रयम्बकेश्वर का मंदिर है।

नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। हमारे देश में धर्म और आस्था के केंद्र के रूप में कई प्राचीन, सिद्धपीठ और महाशक्ति पीठ मंदिर हैं, जहां भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार जाते हैं। भारत में कुछ रहस्यमय चमत्कारी कुएं भी विद्यमान हैं। माना जाता है कि कुछ कुएं बड़ी से बड़ी बीमारी को ठीक करने की क्षमता रखते हैं। तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक ऐसा कुआं है, जहां आज भी माता सीता के अस्तित्व के प्रमाण मिलते हैं।

रामेश्वरम में स्थित विल्लुण्डी तीर्थम वह स्थान है, जहां भगवान श्रीराम और माता सीता का आगमन हुआ था। कहा जाता है कि जब भगवान श्रीराम माता सीता को रावण की कैद से मुक्त करके अयोध्या लौट रहे थे, तब इस स्थान पर माता सीता को प्यास लगी थी, और भगवान श्रीराम ने बाण से पानी का झरना बनाया। यह बेहद खास है क्योंकि यह मीठे पानी का स्रोत है, जबकि इसके पास खारा समंदर है। कोई नहीं जानता कि समंदर के पास यह मीठा पानी किस प्रकार आया। भक्तों का मानना है कि यह भगवान श्रीराम का चमत्कार है और इस मीठे जल से शारीरिक रोगों का नाश होता है। भक्त इस जल को अपने साथ भी ले जाते हैं।

इस स्थान को विल्लुण्डी तीर्थम इसलिए कहा गया क्योंकि तमिल भाषा में 'बाण से बने छेद' को 'विल्लुण्डी' कहा जाता है और 'तीर्थम' का अर्थ 'पवित्र स्थान' है। यह कुआं रामेश्वरम के 64 पवित्र कुओं में से एक है। कुएं के दर्शन करने से पहले भक्त भगवान शिव के प्राचीन मंदिर त्रयम्बकेश्वर की पूजा करते हैं, जहां भगवान शिव छोटे से मंदिर में शिवलिंग के रूप में विराजमान हैं।

कहा जाता है कि त्रयम्बकेश्वर मंदिर की स्थापना माता सीता और भगवान श्रीराम ने मिलकर की थी। भक्त जोड़े में त्रयम्बकेश्वर महादेव की पूजा करने के लिए आते हैं।

विल्लुण्डी तीर्थम के पास अन्य कई तीर्थ स्थल भी हैं, जिनके दर्शन किए जा सकते हैं। मंदिर से कुछ किलोमीटर दूर पंचमुखी हनुमानजी, अग्नि तीर्थम, धनुषकोडी और अरुलमिगु रामनाथस्वामी मंदिर भी स्थित हैं। ये सभी रामेश्वरम के प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

विल्लुण्डी तीर्थम का महत्व न केवल धार्मिक दृष्टि से है, बल्कि यह हमारी सांस्कृतिक धरोहर का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां की धार्मिक आस्था और भक्ति भारतीय समाज के मूल तत्वों में से एक है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विल्लुण्डी तीर्थम का महत्व क्या है?
विल्लुण्डी तीर्थम का महत्व भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़ा हुआ है, यह एक पवित्र स्थान है जहाँ मीठे पानी का कुआं है।
इस कुएं का पानी कैसे मीठा है?
यह कुआं समुद्र के पास स्थित है, लेकिन यहां का पानी मीठा होने का कारण भगवान श्रीराम का चमत्कार माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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