NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने राहुल गांधी से की मुलाकात, छात्रों पर कथित पुलिस बर्बरता का उठाया मुद्दा
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के अध्यक्ष विनोद जाखड़ बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित 10 जनपथ पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलने पहुँचे और छात्रों के साथ कथित पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। जाखड़ ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में ऐसे हालात बन रहे हैं, जहाँ अपनी बात कहने की कोशिश करने वाले छात्रों को मारपीट का सामना करना पड़ रहा है।
जाखड़ के आरोप और मुख्य दावे
विनोद जाखड़ ने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ किया गया व्यवहार गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि उनकी दो महिला साथियों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई और उन्हें पूरी रात अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा। जाखड़ के अनुसार, छात्र केवल अपनी आवाज़ उठाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उन्हें कथित तौर पर हिंसा का सामना करना पड़ा।
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रा आदिरा का बयान
इस मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा आदिरा ने भी अपने साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई का विवरण दिया। आदिरा ने बताया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान बस में कोई महिला पुलिस अधिकारी मौजूद नहीं थी। उन्होंने कहा कि उन्होंने महिला कॉन्स्टेबल की माँग की थी, परंतु इसके बावजूद बस को आगे बढ़ा दिया गया।
आदिरा के अनुसार, इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने उन्हें सड़क पर घसीटा और बेसमेंट में ले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि बेसमेंट में उनके साथ मारपीट की गई, शरीर के संवेदनशील हिस्सों और पेट के ऊपरी भाग पर भी कथित तौर पर चोट पहुँचाई गई। छात्रा ने यह भी दावा किया कि पिटाई के कारण उनके एक कान की सुनने की क्षमता प्रभावित हो गई। आदिरा ने कहा कि उनके साथ एक इंसान और महिला के रूप में सम्मानजनक व्यवहार नहीं किया गया।
जाखड़ की एक्स पर पोस्ट और माँगें
इससे पहले, विनोद जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा: 'दिल्ली पुलिस की बर्बरता में हमारे साथियों को गंभीर चोटें आई हैं। शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर इस तरह का अत्याचार लोकतंत्र पर हमला है। हम पीछे हटने वाले नहीं हैं! जब तक दोषी पुलिस अधिकारियों को निलंबित नहीं किया जाता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से लेकर दोषियों पर कार्रवाई तक, हम हर जवाब लेकर रहेंगे।'
व्यापक संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब छात्र संगठनों और पुलिस के बीच तनाव को लेकर देशभर में बहस तेज़ है। गौरतलब है कि छात्र प्रदर्शनों के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई के आरोप नए नहीं हैं, परंतु महिला छात्रों के साथ दुर्व्यवहार और महिला पुलिसकर्मी की अनुपस्थिति के दावे इस मामले को विशेष रूप से संवेदनशील बनाते हैं। NSUI ने इस घटना पर सरकार और पुलिस प्रशासन से जवाब माँगने का ऐलान किया है।
आगे क्या होगा
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद NSUI की अगली रणनीति पर नज़र रहेगी। संगठन ने दोषी पुलिस अधिकारियों के निलंबन और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग दोहराई है। पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।