NSUI प्रदर्शन में पुलिस कार्रवाई पर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर का आरोप: अमित शाह के निर्देश पर हो रहा है उत्पीड़न
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 14 अक्टूबर 2026 को एनएसयूआई (NSUI) के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्राओं और युवाओं पर कथित पुलिस उत्पीड़न को लेकर कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधे आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल दिल्ली पुलिस का स्वतंत्र निर्णय नहीं, बल्कि गृह मंत्रालय के निर्देश पर की जा रही कार्रवाई है।
मुख्य आरोप और बयान
माथेर ने कहा, 'लड़कियों को चोटें आई हैं, वो बच्चियां हैं। महिलाओं और युवाओं का उत्पीड़न किया जा रहा है। ये सिर्फ दिल्ली पुलिस का फैसला नहीं है, अमित शाह के निर्देश पर ये हो रहा है।' उन्होंने गुजरात का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि वहाँ कई वर्ष पहले जो तरीका अपनाया गया था, वही तरीका अब दिल्ली में दोहराया जा रहा है।
माथेर ने कहा कि पुलिस को जनता का सुरक्षा कवच बनना चाहिए था, लेकिन यहाँ वह आक्रामक भूमिका में है। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा कि वे युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उनके साथ खड़े हैं।
भाजपा पर प्रहार
कांग्रेस सांसद ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर ध्यान भटकाने की रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भाजपा के पास सिर्फ ध्यान भटकाने की तरकीबें हैं। सब जानते हैं कि राहुल गांधी कौन हैं और वह किस बात के लिए खड़े हैं। भाजपा के पास कोई जवाब नहीं है।' उन्होंने यह भी पूछा कि क्या सड़कों पर उतरे युवा किसी राजनीतिक दल से जुड़े हैं, अपने ही सवाल के जवाब में यह स्थापित करने की कोशिश करते हुए कि ये आंदोलन जनभावना से उपजा है।
NSUI अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है और पुलिस अपने मूल कर्तव्य से भटक गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की प्राथमिकता अब आम नागरिकों और छात्रों की रक्षा नहीं, बल्कि ज्ञानेश कुमार की सुरक्षा और सरकार के विरुद्ध किसी भी प्रदर्शन को रोकना है।
2029 चुनाव पर कांग्रेस का रुख
भाजपा की ओर से 2029 में जीत के दावों पर माथेर ने पलटवार करते हुए कहा कि देश में मौजूदा हालात को देखते हुए इस तरह के दावे बेबुनियाद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा 'चुनाव पर कब्जा' करके जीत का दावा करती है और पार्टी वास्तव में 'डरी और घबराई हुई' है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी प्रश्न उठाने शुरू कर दिए हैं।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि एनएसयूआई का यह प्रदर्शन छात्रों से जुड़े एक व्यापक विमर्श का हिस्सा है, जो हाल के हफ्तों में तेज़ हुआ है। कांग्रेस नेताओं ने संकेत दिया है कि राहुल गांधी के नेतृत्व में यह आंदोलन जारी रहेगा। दिल्ली पुलिस या गृह मंत्रालय की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।