दिल्ली विश्वविद्यालय में पानी संकट: NSUI की 'पानी अधिकार यात्रा', वीसी को चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 25 अगस्त 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में खाली बोतलें लेकर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों को पीने का साफ पानी न मुहैया कराने का आरोप लगाया। NSUI कार्यकर्ता समर्थ बेनीवाल के नेतृत्व में निकाली गई इस 'पानी अधिकार यात्रा' में छात्रों ने कुलपति (वीसी) को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज़ होगा।
मुख्य घटनाक्रम
NSUI के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेजों और विभागों में छात्रों को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है। संगठन का आरोप है कि केवल 5-6 चुनिंदा कॉलेजों में ही पेयजल की व्यवस्था ठीक है, जबकि बाकी जगहों पर छात्रों को ₹20 से ₹40 खर्च कर बोतलबंद पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर तो पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद बताई जा रही है।
NSUI की माँगें और चेतावनी
समर्थ बेनीवाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा, 'हमारे दिल्ली विश्वविद्यालय में जेन-जी ने प्रदर्शन के ज़रिए एक संदेश दिया है कि डीयू के बच्चों की हालत खाली बोतल जैसी है। जब तक छात्रों को पीने का साफ पानी नहीं मिलेगा, हम अपना अधिकार माँगते रहेंगे। ये कोई चुनावी मुद्दा नहीं है — ये छात्रों का मुद्दा है।' उन्होंने यह भी कहा, 'दिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी से मैं कहना चाहता हूँ कि अगर वो हमारा हक नहीं दे सकते तो हमें अपना अधिकार छीनना भी आता है।'
दस दिनों से जारी है यात्रा
NSUI के अनुसार, यह 'पानी अधिकार यात्रा' पिछले 10 दिनों से चल रही है। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेज परिसरों और विभागों का दौरा कर पेयजल की स्थिति की जाँच कर रहे हैं। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी विशेष छात्र वर्ग तक सीमित नहीं है — 'भले ही वो छात्र हमें वोट देते हों या नहीं, लेकिन वो दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।'
प्रशासन पर गंभीर आरोप
NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन 'जानबूझकर धांधली' कर रहा है। बेनीवाल ने कहा कि जहाँ एक ओर दिल्ली विश्वविद्यालय ने फीस बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी छात्रों को नहीं दी जा रही। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या होगा
NSUI ने संकेत दिया है कि यात्रा आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी और हर कॉलेज व विभाग तक पहुँचाई जाएगी। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिए जाने की चेतावनी दी गई है।