26 अगस्त 2026
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दिल्ली विश्वविद्यालय में पानी संकट: NSUI की 'पानी अधिकार यात्रा', वीसी को चेतावनी

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दिल्ली विश्वविद्यालय में पानी संकट: NSUI की 'पानी अधिकार यात्रा', वीसी को चेतावनी

सारांश

दिल्ली विश्वविद्यालय में साफ पानी का संकट अब सड़क पर आ गया है। NSUI ने खाली बोतलों के साथ 'पानी अधिकार यात्रा' निकाली और वीसी को चेतावनी दी। 5-6 कॉलेजों को छोड़ बाकी जगह पानी नदारद, छात्र जेब से ₹20-40 खर्च करने पर मजबूर।

मुख्य बातें

NSUI ने 25 अगस्त 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय नॉर्थ कैंपस में खाली बोतलें लेकर 'पानी अधिकार यात्रा' निकाली।
संगठन के अनुसार केवल 5-6 चुनिंदा कॉलेजों में ही पेयजल उपलब्ध है, बाकी परिसरों में पानी नहीं।
छात्रों को ₹20 से ₹40 खर्च कर बोतलबंद पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
NSUI कार्यकर्ता समर्थ बेनीवाल ने कुलपति को चेतावनी दी कि माँग पूरी न होने पर आंदोलन तेज़ होगा।
यह यात्रा पिछले 10 दिनों से जारी है और आगे भी हर कॉलेज व विभाग तक पहुँचाई जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) ने 25 अगस्त 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में खाली बोतलें लेकर प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर छात्रों को पीने का साफ पानी न मुहैया कराने का आरोप लगाया। NSUI कार्यकर्ता समर्थ बेनीवाल के नेतृत्व में निकाली गई इस 'पानी अधिकार यात्रा' में छात्रों ने कुलपति (वीसी) को चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज़ होगा।

मुख्य घटनाक्रम

NSUI के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकांश कॉलेजों और विभागों में छात्रों को पीने का साफ पानी उपलब्ध नहीं है। संगठन का आरोप है कि केवल 5-6 चुनिंदा कॉलेजों में ही पेयजल की व्यवस्था ठीक है, जबकि बाकी जगहों पर छात्रों को ₹20 से ₹40 खर्च कर बोतलबंद पानी खरीदने पर मजबूर होना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर तो पानी की आपूर्ति पूरी तरह बंद बताई जा रही है।

NSUI की माँगें और चेतावनी

समर्थ बेनीवाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा, 'हमारे दिल्ली विश्वविद्यालय में जेन-जी ने प्रदर्शन के ज़रिए एक संदेश दिया है कि डीयू के बच्चों की हालत खाली बोतल जैसी है। जब तक छात्रों को पीने का साफ पानी नहीं मिलेगा, हम अपना अधिकार माँगते रहेंगे। ये कोई चुनावी मुद्दा नहीं है — ये छात्रों का मुद्दा है।' उन्होंने यह भी कहा, 'दिल्ली यूनिवर्सिटी के वीसी से मैं कहना चाहता हूँ कि अगर वो हमारा हक नहीं दे सकते तो हमें अपना अधिकार छीनना भी आता है।'

दस दिनों से जारी है यात्रा

NSUI के अनुसार, यह 'पानी अधिकार यात्रा' पिछले 10 दिनों से चल रही है। इस दौरान संगठन के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेज परिसरों और विभागों का दौरा कर पेयजल की स्थिति की जाँच कर रहे हैं। बेनीवाल ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी विशेष छात्र वर्ग तक सीमित नहीं है — 'भले ही वो छात्र हमें वोट देते हों या नहीं, लेकिन वो दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र हैं।'

प्रशासन पर गंभीर आरोप

NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन 'जानबूझकर धांधली' कर रहा है। बेनीवाल ने कहा कि जहाँ एक ओर दिल्ली विश्वविद्यालय ने फीस बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी छात्रों को नहीं दी जा रही। अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे क्या होगा

NSUI ने संकेत दिया है कि यात्रा आने वाले दिनों में भी जारी रहेगी और हर कॉलेज व विभाग तक पहुँचाई जाएगी। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय पर कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिए जाने की चेतावनी दी गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि लाखों रुपये की फीस लेने वाला प्रशासन पेयजल जैसी न्यूनतम ज़िम्मेदारी क्यों नहीं निभा पा रहा — और इसकी जवाबदेही तय करने का कोई तंत्र क्यों नहीं है।
RashtraPress
26 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली विश्वविद्यालय में पानी संकट को लेकर NSUI का प्रदर्शन क्या है?
NSUI ने 25 अगस्त 2026 को दिल्ली विश्वविद्यालय के नॉर्थ कैंपस में खाली बोतलें लेकर 'पानी अधिकार यात्रा' निकाली। इसमें आरोप लगाया गया कि केवल 5-6 कॉलेजों को छोड़कर बाकी जगह छात्रों को साफ पेयजल नहीं मिल रहा।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों को पानी के लिए कितना खर्च करना पड़ रहा है?
NSUI के अनुसार, डीयू के अधिकांश कॉलेजों में साफ पानी न मिलने के कारण छात्रों को ₹20 से ₹40 खर्च कर बोतलबंद पानी खरीदना पड़ रहा है। संगठन ने इसे प्रशासन की 'जानबूझकर धांधली' बताया है।
NSUI की 'पानी अधिकार यात्रा' कब से चल रही है?
NSUI कार्यकर्ता समर्थ बेनीवाल के अनुसार, यह यात्रा 25 अगस्त 2026 से 10 दिन पहले शुरू हुई थी। इस दौरान संगठन विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों और विभागों में जाकर पेयजल की स्थिति की जाँच कर रहा है।
क्या दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने NSUI के आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अभी तक विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। NSUI ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और व्यापक किया जाएगा।
NSUI ने दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति को क्या चेतावनी दी?
NSUI कार्यकर्ता समर्थ बेनीवाल ने कुलपति को सीधे संबोधित करते हुए कहा कि यदि छात्रों को उनका अधिकार नहीं दिया गया तो संगठन उसे 'छीनना' भी जानता है। यात्रा आगे भी हर कॉलेज और विभाग तक जारी रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
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