विटामिन-ए से बेहतर होगी आंखों की रोशनी, NHM ने बताए ये जरूरी आहार
सारांश
मुख्य बातें
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) ने आंखों की दीर्घकालिक सेहत के लिए विटामिन-ए युक्त आहार अपनाने की सलाह दी है, यह देखते हुए कि बढ़ता स्क्रीन टाइम, अनियमित खान-पान और जीवनशैली की लापरवाही दृष्टि को तेजी से कमजोर कर रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, रेटिना की कार्यक्षमता, रात की दृष्टि और आंखों की संक्रमण-रोधी क्षमता — तीनों के लिए विटामिन-ए अपरिहार्य है।
आंखों की सेहत पर बढ़ता खतरा
मोबाइल, कंप्यूटर और टेलीविजन स्क्रीन के सामने घंटों बिताने से आंखों में थकान, सूखापन, धुंधलापन और कमजोर दृष्टि जैसी शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। यह समस्या बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर आयुवर्ग को प्रभावित कर रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि 'बेहतर पोषण से ही बेहतर दृष्टि संभव है' — और इसमें विटामिन-ए की भूमिका केंद्रीय है।
विटामिन-ए क्यों है जरूरी
NHM के अनुसार, विटामिन-ए रेटिना को सुचारु रूप से काम करने में सहायता करता है, रात के अंधेरे में देखने की क्षमता बनाए रखता है और आंखों को बैक्टीरियल व वायरल संक्रमण से सुरक्षित रखता है। इस विटामिन की नियमित आपूर्ति आंखों की दीर्घकालिक कमजोरी को रोकने में सहायक है। गौरतलब है कि विटामिन-ए की कमी विश्व स्तर पर बच्चों में रतौंधी का प्रमुख कारण मानी जाती है।
विटामिन-ए के प्रमुख खाद्य स्रोत
गाजर विटामिन-ए का सर्वाधिक लोकप्रिय और सुलभ स्रोत है। रोजाना गाजर का रस या सलाद के रूप में सेवन करने से आंखों की रोशनी तेज होती है और नेत्र-पेशियाँ मजबूत बनती हैं।
पालक, मेथी, सरसों और ब्रोकली जैसी हरी पत्तेदार सब्जियाँ विटामिन-ए से भरपूर हैं। ये न केवल आंखों की सुरक्षा करती हैं, बल्कि शरीर को अन्य आवश्यक पोषक तत्व भी प्रदान करती हैं।
गर्मियों का फल आम भी विटामिन-ए का उत्कृष्ट स्रोत है। मौसमी आम का नियमित सेवन आंखों के स्वास्थ्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है। इसके अतिरिक्त, दूध, दही, छाछ और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद भी विटामिन-ए की पर्याप्त मात्रा प्रदान करते हैं।
विशेषज्ञों की अतिरिक्त सलाह
विशेषज्ञों ने आहार के साथ-साथ स्क्रीन उपयोग की आदतों में सुधार की भी सिफारिश की है। उनके अनुसार, हर 20 मिनट के स्क्रीन उपयोग के बाद 20 सेकंड के लिए कम से कम 20 फुट दूर की किसी वस्तु को देखना चाहिए — इसे 20-20-20 नियम कहा जाता है। आंखों की छोटी-छोटी लापरवाही लंबे समय में गंभीर दृष्टि समस्याओं का कारण बन सकती है।
किसे है सबसे ज्यादा जरूरत
बच्चों, किशोरों और बुजुर्गों में विटामिन-ए की कमी का जोखिम अधिक होता है। NHM ने सभी आयुवर्गों को अपनी दैनिक थाली में उपरोक्त खाद्य पदार्थ शामिल करने की सलाह दी है। संतुलित पोषण और सही जीवनशैली अपनाकर आंखों की दीर्घकालिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।