पश्चिम बंगाल में उद्योग और रोजगार पर BJP का बड़ा प्लान, मंत्री मौमिता बिस्वास ने ममता पर लगाए गंभीर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री मौमिता बिस्वास ने 11 जून 2026 को कोलकाता में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासनकाल में पश्चिम बंगाल में उद्योगों की स्थापना को जानबूझकर विफल किया गया। उन्होंने दावा किया कि अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार राज्य में निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए ठोस कदम उठाएगी।
ममता सरकार पर उद्योग विरोधी नीति का आरोप
मंत्री बिस्वास ने कहा कि जब भी किसी भारतीय या विदेशी निवेशक ने पश्चिम बंगाल में निवेश की योजना बनाई, तत्कालीन सरकार ने उसे साजिशन विफल कर दिया। उन्होंने टाटा समूह का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि एक बार टाटा ने राज्य में निवेश करने का इरादा जताया था, लेकिन तत्कालीन सरकार के रवैये के कारण वे अन्य राज्यों की ओर चले गए।
उन्होंने अमूल का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी ज़माने में चंद महिलाओं ने जो सहकारी संस्था शुरू की, वह आज एक विशाल संगठन बन चुकी है — यह संभावना पश्चिम बंगाल में भी थी, जो कथित तौर पर राजनीतिक इच्छाशक्ति के अभाव में नष्ट हो गई।
विदेशी दौरों पर सवाल, नई कार्ययोजना का ऐलान
मंत्री बिस्वास ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में 30-40 सदस्यीय बड़े प्रतिनिधिमंडल विदेश दौरों पर जाते थे, लेकिन व्यावहारिक निवेश के मामले में कोई ठोस परिणाम नहीं आया। उन्होंने कहा, 'अब हमारा प्रतिनिधिमंडल भी विदेश जाएगा, लेकिन उसमें कुछ ही लोग होंगे जो राज्य के विकास की पूरी कार्ययोजना लेकर जाएंगे और निवेशकों को भारत लाएंगे।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में BJP की नई सरकार बनने के बाद राज्य की औद्योगिक नीति पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
सिंडिकेट और वसूली पर सख्त रुख
मंत्री ने स्पष्ट किया कि पूर्व में उद्योगों की स्थापना में सिंडिकेट की ओर से जो अवरोध उत्पन्न किए जाते थे, वह BJP शासन में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि TMC के दौर में 'गुंडों का राज' रहा और अब सरकार इन सिंडिकेटों पर 'सीधा प्रहार' करेगी।
जमीन हड़पने और वसूली के मामलों पर उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ऐसे लोगों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं होगी।
जूट मिल पुनरुद्धार और श्रमिक हित
मंत्री बिस्वास ने बंद पड़ी जूट मिलों को दोबारा शुरू करने की योजना का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा कि जूट मिलें खुलने से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें अपनी उपज के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
श्रमिक संगठनों पर उन्होंने कहा कि नए दौर में यूनियनें केवल कर्मचारियों और श्रमिकों के हित के लिए काम करेंगी — उद्योगपतियों पर हमले या उन्हें डराने का काम नहीं होगा। सरकार और उद्योग के बीच बेहतर संवाद स्थापित करना भी प्राथमिकता होगी।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में दशकों से औद्योगिक पलायन एक बड़ी चुनौती रही है। BJP सरकार के ये वादे अब क्रियान्वयन की कसौटी पर परखे जाएंगे। मंत्री बिस्वास ने आश्वस्त किया कि राज्य में निर्बाध रूप से उद्योगों की स्थापना सुनिश्चित की जाएगी ताकि रोजगार के अवसर बढ़ें और प्रदेश का समग्र विकास हो।