पश्चिम बंगाल में भाजपा का उभार, ममता बनर्जी 4 मई को चुनाव आयोग के बाहर धरने पर बैठेंगी: रोहन गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा की लहर पश्चिम बंगाल में तेज हो रही है।
- ममता बनर्जी की हार का अहसास होने लगा है।
- 4 मई को चुनाव आयोग के बाहर धरना देने की योजना।
- सीआरपीएफ जवानों के प्रति भड़काऊ बयान पर गुप्ता की प्रतिक्रिया।
- संविधान के प्रति आदर की आवश्यकता।
अहमदाबाद, 7 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए टीएमसी और भाजपा नेताओं के बीच सियासी टकराव तेज हो गया है।
भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने यह दावा किया है कि बंगाल में भाजपा की लहर पूर्ववर्ती है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और टीएमसी को अपनी हार का अहसास हो गया है।
गुप्ता ने कहा कि 4 मई को मतगणना के दिन ममता बनर्जी चुनाव आयोग के बाहर धरना देने बैठेंगी।
अहमदाबाद में राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए गुप्ता ने सीआरपीएफ जवानों के संबंध में ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हमारे सीआरपीएफ जवान देश का गौरव हैं और उनके खिलाफ भड़काऊ बयान देना उनकी मानसिकता को दर्शाता है।
गुप्ता ने आगे कहा कि ममता बनर्जी और टीएमसी को यह समझ में आ गया है कि जमीनी हकीकत उनके खिलाफ है। वे चुनाव में बुरी तरह हार रहे हैं, इसलिए वे भड़काऊ राजनीति का सहारा ले रहे हैं। जनता को उनकी हकीकत पता है, और बंगाल की जनता जानती है कि इस बार परिवर्तन आवश्यक है। वे विकास चाहती हैं, और उन्हें पता है कि यह केवल पीएम मोदी के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार ही कर सकती है।
भाजपा नेता ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव खारिज होने पर कहा कि यह उन लोगों को एक ठोस जवाब है जो संविधान का पालन करने का दावा करते हैं, लेकिन अपने स्वार्थ के लिए राजनीति करते हैं।
गुप्ता ने कहा कि संविधान के अनुसार ही काम करना चाहिए। यदि कोई चीज आपके व्यक्तिगत हितों के खिलाफ जाती है, तो आप संविधान को खतरे में नहीं डाल सकते। ऐसी गलत राजनीति अब और नहीं चल सकती। अगर एसआईआर की प्रक्रिया के दौरान आपको लगता है कि कुछ संविधान के खिलाफ है, तो आपको सबूतों के साथ सामने आना चाहिए। बार-बार केवल राजनीतिक आरोप लगाना लोगों को स्वीकार्य नहीं होगा।