ईरान और अमेरिका के बीच तनाव: पाक प्रधानमंत्री ने ट्रंप से सैन्य कार्रवाई में देरी की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- शहबाज शरीफ ने ट्रंप से समयसीमा बढ़ाने की अपील की।
- व्हाइट हाउस ने प्रस्ताव पर विचार करने के संकेत दिए।
- पाकिस्तान ने ईरान से होर्मुज स्ट्रेट खोलने का अनुरोध किया।
- सभी पक्षों से युद्धविराम लागू करने की अपील की गई।
- ट्रंप ने ईरान पर हमले स्थगित करने का संकेत दिया।
वाशिंगटन, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से एक सार्वजनिक अपील की है कि वे एक महत्वपूर्ण समय-सीमा को दो हफ्ते के लिए बढ़ा दें, ताकि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी रहें। व्हाइट हाउस ने इस प्रस्ताव पर विचार करने के संकेत दिए हैं।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिना लेविट ने राष्ट्र प्रेस को बताया कि राष्ट्रपति को इस प्रस्ताव की जानकारी दे दी गई है और जल्द ही इसका उत्तर दिया जाएगा। यह इस मामले पर अमेरिका की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया है।
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि कूटनीतिक प्रयास लगातार आगे बढ़ रहे हैं और जल्द ही ठोस परिणाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने अमेरिका से अनुरोध किया कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए समय-सीमा दो हफ्ते बढ़ाई जाए।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने क्षेत्र में तुरंत तनाव कम करने की भी अपील की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ईमानदारी से ईरान से अनुरोध करता है कि वह सद्भावना के तौर पर दो हफ्तों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को खोल दे।
इसके साथ ही, उन्होंने सभी लड़ाई में शामिल पक्षों से कहा कि वे दो हफ्तों के लिए हर जगह युद्धविराम लागू करें, ताकि बातचीत के माध्यम से युद्ध को समाप्त किया जा सके और क्षेत्र में लंबे समय तक शांति और स्थिरता बनी रहे।
यह अपील ऐसे समय आई है जब हालात तेजी से बदल रहे हैं। अमेरिका ने एक ओर बातचीत की इच्छा जताई है, वहीं दूसरी ओर जरूरत पड़ने पर सख्त कदम उठाने की चेतावनी भी दी है। पिछले 48 घंटों में ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने साफ कहा है कि आगे क्या होगा, यह ईरान के रुख पर निर्भर करेगा।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अब फैसला ईरान को करना है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका तनाव बढ़ाना नहीं चाहता, लेकिन उसके पास कड़ी कार्रवाई करने की क्षमता है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वैश्विक समुद्री मार्गों में बाधा के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और समुद्री रास्तों की सुरक्षा को बेहद महत्वपूर्ण बताया।
बता दें कि ट्रंप ने ईरान पर सैन्य हमलों को एक सप्ताह के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई है। इसे एक ठोस शांति समझौते की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।