पश्चिम बंगाल: चुनाव आयोग का बड़ा फैसला, सेक्टर असिस्टेंट को हटाया गया
सारांश
Key Takeaways
- चुनाव आयोग ने बारासात सर्कल के शिक्षक को पद से हटाया।
- उन्हें राजनीतिक दल के साथ संबंध और प्रचार के आरोप लगे हैं।
- अनुशासनहीनता के लिए विभागीय जांच की सिफारिश की गई।
- उनके कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कदाचार हैं।
- उन्हें 24 घंटे में जवाब देने का निर्देश दिया गया है।
कोलकाता, 4 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। चुनाव आयोग ने निष्पक्ष चुनावों की गारंटी के लिए कठोर कदम उठाते हुए बारासात सर्कल के सेक्टर असिस्टेंट (शिक्षक) को तुरंत प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। उन पर आरोप है कि एक सरकारी अधिकारी होने के बावजूद उनके एक राजनीतिक दल के साथ गहरे संबंध हैं। इसके अलावा, उन पर एक राजनीतिक दल के लिए प्रचार करने का भी आरोप लगाया गया है।
पिनहाटी एसी के रिटर्निंग ऑफिसर ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को एक पत्र भेजकर इस मामले में उचित कार्रवाई की सिफारिश की है। पत्र में कहा गया है कि शिक्षक को न केवल निलंबित किया जाना चाहिए, बल्कि उनके खिलाफ अनुशासनहीनता के लिए विभागीय जांच भी शुरू की जानी चाहिए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी को संबोधित पत्र में उल्लेख किया गया है कि चौधरीपारा प्राथमिक विद्यालय में तैनात सहायक शिक्षक अतानु चक्रवर्ती, जो 111–पानीहाटी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत सेक्टर असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है, एक राजनीतिक दल की गतिविधियों से निकटता से जुड़े हुए पाए गए हैं और उन पर राजनीतिक प्रचार से संबंधित गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
चूंकि उनके ये कृत्य लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कदाचार और कर्तव्य की अवहेलना के श्रेणी में आते हैं, जिससे उनके पद की अपेक्षित निष्पक्षता और तटस्थता पर प्रभाव पड़ता है, इसलिए उन्हें तुरंत प्रभाव से सेक्टर असिस्टेंट के पद से हटा दिया गया है। साथ ही, उन्हें 24 घंटे के भीतर कारण बताने का निर्देश भी दिया गया है कि उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।