पश्चिम बंगाल में चुनाव होंगे भयमुक्त, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई: ज्ञानेश कुमार
सारांश
Key Takeaways
- पश्चिम बंगाल में चुनाव एक सुरक्षित माहौल में होंगे।
- मतदाता सूची में सभी योग्य मतदाताओं को समाहित किया जाएगा।
- लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- आधिकारिक प्रक्रियाएं सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार चलेंगी।
- राज्य की सभी राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है।
कोलकाता, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों की तैयारियों की गहन समीक्षा की। इसके बाद मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन कर एसआईआर सहित चुनाव से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।
ज्ञानेश कुमार ने कहा, "भारत निर्वाचन आयोग सभी मतदाताओं को यह विश्वास दिलाता है कि आगामी चुनाव एक शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में आयोजित किए जाएंगे। सभी मतदाता स्वतंत्र रूप से मतदान करने के लिए बाहर आएं।"
उन्होंने आगे कहा, "मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वोटर लिस्ट लोकतंत्र की नींव है। कोई भी योग्य मतदाता छूटना नहीं चाहिए, और किसी भी अयोग्य व्यक्ति को मतदाता सूची में स्थान नहीं मिलना चाहिए। हाल ही में 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची जारी की गई, जिसमें कुल 7 करोड़ 8 लाख नाम शामिल हैं।"
मुख्य चुनाव आयुक्त ने स्पष्ट किया, "गणना प्रपत्र प्राप्त होने के बाद यह पाया गया कि जब पिछली बार एसआईआर किया गया था, तब लगभग 4-5%25 मतदाताओं का मिलान 2002 की मतदाता सूचियों से नहीं हो पाया था। इन्हें 'अमान्य मामलों' के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसके साथ ही, लगभग 7-8%25 मतदाताओं ने स्वयं का मिलान किया था, लेकिन या तो गलत तरीके से या संदिग्ध त्रुटियों के साथ।"
ज्ञानेश कुमार ने कहा, "चुनाव आयोग सभी मतदाताओं, विशेषकर पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक अधिकारी चुनाव आयोग के नियमों और निर्देशों का पालन करेगा। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"
उन्होंने बताया, "माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार विचाराधीन नामों के संबंध में प्रक्रिया चल रही है। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर निर्णय ले रहे हैं। मतदाता सूची के संबंध में, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और एसआईआर के आदेशों के अनुसार अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।"
ज्ञानेश कुमार ने कहा, "पिछले दो दिनों में हमने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की है। सभी राजनीतिक पार्टियों, राज्य सरकार के मुख्य सचिव, सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और सभी एसपी ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव शांतिपूर्ण और हिंसा से मुक्त तरीके से संपन्न होंगे।