पश्चिम बंगाल में 21 सितंबर से भारी बारिश की चेतावनी, बंगाल की खाड़ी में बन रहा डीप डिप्रेसन
सारांश
मुख्य बातें
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (RMC) ने 20 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके चलते 21 सितंबर (मंगलवार) से कोलकाता सहित दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है। इससे पहले तक अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बनी रहेगी।
मौसमी तंत्र का घटनाक्रम
उत्तरी अंडमान सागर के ऊपर समुद्र तल से 7.6 किलोमीटर की ऊँचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है। RMC के अनुसार, यह परिसंचरण पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुँचते-पहुँचते सोमवार तक डिप्रेसन में तब्दील हो सकता है।
मंगलवार तक यह और तीव्र होकर डीप डिप्रेसन का रूप ले सकता है। इसके बाद यह धीरे-धीरे पश्चिम की ओर बढ़ते हुए बुधवार सुबह तक ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तट के करीब पहुँचने की संभावना है।
प्रभावित जिले और बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार से शुक्रवार तक दक्षिण बंगाल के जिलों में भारी बारिश का दौर चलेगा। सबसे पहले प्रभावित होने वाले जिलों में उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना और पूर्वी मिदनापुर शामिल हैं।
बुधवार से शुक्रवार के बीच बीरभूम, पूर्वी बर्दवान, मुर्शिदाबाद और नदिया जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है। शुक्रवार और शनिवार को उत्तर 24 परगना में और गुरुवार को पश्चिम मिदनापुर में आंधी-तूफान की अधिक संभावना बताई गई है।
इस पूरे दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएँ चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।
मछुआरों के लिए विशेष चेतावनी
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार से समुद्र में उथल-पुथल बढ़ने लगेगी। सोमवार को पूर्वी-मध्य और उससे सटे उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में हवाएँ 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
मंगलवार को यह गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुँच सकती है, और मध्य बंगाल की खाड़ी के निकट 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज हो सकती है। अधिकारी ने कहा, 'इस वजह से समुद्र में लहरें तेज रहेंगी। मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे सोमवार से शुक्रवार तक समुद्र में न जाएँ। जो पहले ही जा चुके हैं, उन्हें सोमवार तक तट पर लौट आना चाहिए।'
उत्तर बंगाल और कोलकाता का हाल
फिलहाल उत्तर बंगाल में बारिश की गतिविधि कम है, लेकिन बुधवार से यह फिर बढ़ सकती है। गुरुवार से दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी में तथा शुक्रवार से कलिम्पोंग, अलीपुरद्वार, कूचबिहार और उत्तर दिनाजपुर में भारी बारिश का पूर्वानुमान है। दक्षिण दिनाजपुर और मालदा में कहीं-कहीं गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, हालाँकि भारी बारिश की संभावना वहाँ अभी नहीं है।
कोलकाता में फिलहाल भारी बारिश का कोई तत्काल अनुमान नहीं है। रविवार सुबह शहर में हल्की से मध्यम बारिश हुई जो दोपहर तक जारी रही। रविवार सुबह कोलकाता में न्यूनतम तापमान 26.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.1 डिग्री अधिक था। शनिवार को अधिकतम तापमान 32.4 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.4 डिग्री कम था।
यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की वापसी का मौसम करीब है — मौसम विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर होगी कि क्या यह डीप डिप्रेसन और तीव्र होता है या तट से टकराने से पहले कमज़ोर पड़ता है।