बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र: दक्षिण बंगाल में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट
सारांश
मुख्य बातें
बंगाल की खाड़ी में 29 अगस्त 2026 को एक नया निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है, जिसके चलते दक्षिण बंगाल के कई जिलों में अगले तीन दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कोलकाता स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने यह चेतावनी जारी की है और मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की सलाह दी है।
मौसमी परिस्थितियाँ और चक्रवाती परिसंचरण
आरएमसी के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक हबीबुर रहमान बिस्वास के अनुसार, फिलहाल बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तट से सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में एक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। इसी के प्रभाव से शनिवार को बंगाल और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना व्यक्त की गई है।
यह स्थिति ऐसे समय में आई है जब मानसून का मौसम अपने चरम पर है और बंगाल की खाड़ी में मौसमी गतिविधियाँ लगातार तेज बनी हुई हैं। गौरतलब है कि यह क्षेत्र हर वर्ष अगस्त-सितंबर में ऐसे निम्न दबाव प्रणालियों के लिए संवेदनशील रहता है।
जिलेवार बारिश का पूर्वानुमान
मौसम विभाग के अधिकारी ने बताया कि अगले 24 घंटों में उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कोलकाता, हुगली, हावड़ा और पूर्वी मिदनापुर जिलों में भी भारी बारिश का अनुमान है।
अगले दिन पूर्वी मिदनापुर, दक्षिण 24 परगना और हावड़ा में बहुत भारी से अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है, जबकि झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। निम्न दबाव के सघन होने से उत्तरी बंगाल की खाड़ी और तटीय इलाकों में तेज हवाएं, गरज और बिजली गिरने की भी आशंका है।
मछुआरों के लिए चेतावनी
मौसम विभाग ने 29 अगस्त से अगले तीन दिनों तक मछुआरों को गहरे समुद्र में न जाने की स्पष्ट सलाह दी है। तटीय जिलों के निवासियों को भी सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
उत्तरी बंगाल और कोलकाता की स्थिति
उत्तरी बंगाल में जलपाईगुड़ी और अलीपुरदुआर जिलों में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन अगले दो-तीन दिनों में वहाँ बारिश की गतिविधि अपेक्षाकृत कम रहेगी। कोलकाता और आसपास के इलाकों में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
शुक्रवार को कोलकाता में अधिकतम तापमान 32.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.1 डिग्री कम रहा। न्यूनतम तापमान 27.2 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.6 डिग्री अधिक है। हवा में सापेक्ष आर्द्रता अधिकतम 94 प्रतिशत और न्यूनतम 69 प्रतिशत रही।
आगे क्या होगा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, निम्न दबाव क्षेत्र के सघन होने की दिशा और गति पर नज़र रखी जा रही है। यदि यह प्रणाली और तीव्र होती है, तो तटीय जिलों में बाढ़ और जलभराव का खतरा बढ़ सकता है। अगले 72 घंटों में स्थिति अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।