क्या अमेरिका का विश्वास पाकिस्तान पर कम और भारत पर ज्यादा है? जानिए राष्ट्रपति दौरे

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क्या अमेरिका का विश्वास पाकिस्तान पर कम और भारत पर ज्यादा है? जानिए राष्ट्रपति दौरे

सारांश

अमेरिका और इज़राइल के बीच संघर्ष विराम के लिए पाकिस्तान में होने वाली महत्वपूर्ण बैठक और अमेरिका के राष्ट्रपति द्वारा पाकिस्तान के दौरे की कमी का विश्लेषण। जानिए दोनों देशों के बीच संबंधों का इतिहास और वर्तमान परिदृश्य।

Key Takeaways

  • अमेरिका का पाकिस्तान पर भरोसा कम
  • भारत का अमेरिका के लिए महत्व
  • राष्ट्रपतियों के दौरे का इतिहास
  • ओसामा बिन लादेन का मामला
  • चीन का बढ़ता प्रभाव

नई दिल्ली, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका और इज़राइल के बीच स्थायी संघर्ष विराम को लेकर इस सप्ताह के अंत में पाकिस्तान की मध्यस्थता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। इस बैठक में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस दौरान पाकिस्तान जाने वाले अमेरिकी डेलिगेशन की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं बढ़ गई हैं।

असुरक्षा की भावना और पाकिस्तान पर भरोसे की कमी के चलते, अमेरिका के किसी भी राष्ट्रपति ने 2006 के बाद से पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है। यहां तक कि 2011 के बाद से अमेरिका के उच्च स्तरीय अधिकारी भी पाकिस्तान नहीं आए हैं। इसके विपरीत, भारत के प्रति अमेरिका का विश्वास अधिक दिखाई देता है। दरअसल, अमेरिका के कुल आठ राष्ट्रपतियों ने नौ बार भारत का दौरा किया है, जबकि केवल पांच ने पाकिस्तान का दौरा किया है।

अमेरिका ने आधिकारिक तौर पर भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी। दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध 2 सितंबर 1946 में स्थापित हुए थे। थॉमस एच. विल्सन को 1941 में भारत में पहले अमेरिकी कमिश्नर के रूप में नियुक्त किया गया था। वहीं, अमेरिका और पाकिस्तान के बीच राजनयिक संबंध भी 15 अगस्त 1947 को ही बने थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका में 1789 से अब तक 47 राष्ट्रपति रह चुके हैं। अमेरिका के राष्ट्रपतियों ने पहली बार 1978 में भारत का दौरा किया था। जिम्मी कार्टर ने 1-3 जनवरी, 1978, बिल क्लिंटन ने 19-25 मार्च, 2000, जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने 1-3 मार्च, 2006, बराक ओबामा ने 6-9 नवंबर, 2010 और फिर 6-9 नवंबर, 2010 में भारत का दौरा किया। इसके अलावा, डोनाल्ड ट्रंप ने 24-25 फरवरी 2020 और जो बाइडेन ने 8-10 सितंबर 2023 के बीच भारत का दौरा किया। ट्रंप के फिर से भारत दौरे की भी चर्चा है।

अमेरिका के राष्ट्रपति पहली बार 1959 में पाकिस्तान गए थे। ड्वाइट डी. आइजनहावर ने 7-9 दिसंबर, 1959, लिंडन बी. जॉनसन ने 23 दिसंबर, 1967, रिचर्ड निक्सन ने 1-2 अगस्त, 1969, बिल क्लिंटन ने 25 मार्च, 2000 और जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने 3-4 मार्च, 2006 में पाकिस्तान का दौरा किया था।

2006 के बाद से किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया, जिसका एक कारण अमेरिका में हुए 26/11 का आतंकवादी हमला भी है। अमेरिका को संदेह था कि इस हमले के मास्टरमाइंड ओसामा बिन लादेन को पाकिस्तान ने पनाह दी थी, हालांकि पाकिस्तान ने हमेशा इससे इनकार किया। 2 मई 2011 को अमेरिका ने पाकिस्तान के एबटाबाद में एक गुप्त ऑपरेशन के तहत ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था, जिसके बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आ गई। इस तनाव को कम करने के लिए उस समय की अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने पाकिस्तान का दौरा किया था।

इसके अलावा, पाकिस्तान में चीन का प्रभाव बढ़ता जा रहा है। यही कारण हो सकता है कि अमेरिका इस देश से दूरी बनाए रख रहा है। अब 2011 के बाद अमेरिका का प्रतिनिधिमंडल ईरान से संघर्ष को समाप्त करने के लिए पाकिस्तान जाने वाला है।

Point of View

जिसमें सुरक्षा, विश्वास और राजनयिक संबंधों की गहराई शामिल है।
NationPress
11/04/2026

Frequently Asked Questions

क्यों अमेरिका के राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया?
2006 के बाद से अमेरिका के किसी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा नहीं किया, जो असुरक्षा और विश्वास की कमी का संकेत है।
कितने अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने भारत का दौरा किया है?
अमेरिका के कुल आठ राष्ट्रपतियों ने नौ बार भारत का दौरा किया है।
क्या पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में खटास आई है?
हाँ, ओसामा बिन लादेन के पाकिस्तान में मारे जाने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंधों में तनाव बढ़ गया है।
अमेरिका ने भारत को कब मान्यता दी थी?
अमेरिका ने भारत को 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी थी।
क्या पाकिस्तान में चीन का प्रभाव बढ़ रहा है?
हाँ, पाकिस्तान में चीन का प्रभाव बढ़ता जा रहा है, जो अमेरिका की चिंता का विषय है।
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