अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026: गुजरात में सामूहिक योग सत्र, मंत्रियों ने योग को दैनिक जीवन का अंग बनाने का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
गांधीनगर में 21 जून 2026 को 12वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस गुजरात भर में व्यापक उत्साह के साथ मनाया गया। मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों, सरकारी अधिकारियों, छात्रों और आम नागरिकों ने सामूहिक योग सत्रों में भाग लिया और एक सुर में यह संदेश दिया कि योग को वार्षिक उत्सव तक सीमित न रखकर रोज़मर्रा की दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए।
पोरबंदर में समुद्र तट पर योग का अनूठा नज़ारा
पोरबंदर में इस वर्ष का योग दिवस समारोह शहर के अरब सागर तट पर आयोजित किया गया, जहाँ सुबह की ताज़ी हवा और समुद्र के विहंगम दृश्य के बीच सैकड़ों लोग एकत्र हुए। गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया ने नागरिकों, योग साधकों और सरकारी अधिकारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर योगाभ्यास किया।
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मोढवाडिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से विश्व को भारत की इस प्राचीन परंपरा से जोड़ने में सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मान्यता दिया जाना देश के लिए गौरव का विषय है।
मंत्री ने यह भी कहा कि पीढ़ियाँ बदलती रहेंगी, लेकिन देश सदैव प्रधानमंत्री मोदी को भारत की योग परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए स्मरण करेगा। उन्होंने योग को भारत की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग बताया और कहा कि यह शरीर, मन और आत्मा के समग्र विकास में सहायक है।
मोढवाडिया ने नागरिकों से आग्रह किया — 'हमें योग को केवल एक दिन के उत्सव तक सीमित नहीं रखना चाहिए; इसे अपनी दैनिक जीवनशैली का अनिवार्य अंग बनाना होगा।' कार्यक्रम में निर्वाचित प्रतिनिधियों, जिला अधिकारियों, तटरक्षक बल और नौसेना के अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय निवासियों ने भी भाग लिया। उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी देखा।
गांधीनगर में 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' थीम पर विशेष आयोजन
गांधीनगर में गुजरात राज्य योग बोर्ड और गांधीनगर नगर निगम ने मिलकर सेंट्रल विस्टा गार्डन में 'स्वस्थ उम्र बढ़ने के लिए योग' थीम पर एक विशेष सत्र का आयोजन किया। वित्त राज्यमंत्री कमलेश पटेल ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया और निवारक स्वास्थ्य देखभाल में योग की भूमिका पर विशेष बल दिया।
कमलेश पटेल ने कहा कि 2014 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा भारत के प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद से योग एक व्यायाम पद्धति से आगे बढ़कर एक वैश्विक जीवनशैली आंदोलन बन चुका है। उन्होंने एक सटीक उपमा देते हुए कहा — 'स्वास्थ्य बीमा बीमार पड़ने पर अस्पताल का बिल भरता है, जबकि योग वह दैनिक प्रीमियम है जो बीमारी को दूर रखता है।'
मंत्री ने एक और सहज उपमा दी — 'जिस तरह स्मार्टफोन को रोज़ चार्ज करना पड़ता है, उसी तरह योग शरीर और मन के लिए एक शक्तिशाली चार्जर है।' उन्होंने विशेष रूप से गृहिणियों से आग्रह किया कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में सरल योगाभ्यास के लिए समय निकालें और प्राणायाम को श्वसन स्वास्थ्य के लिए एक प्राकृतिक उपाय बताया।
सरकार की प्रतिक्रिया और व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2014 में भारत के प्रस्ताव पर 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था, जिसके बाद से यह वैश्विक स्तर पर मनाया जाने लगा। यह ऐसे समय में आया है जब भारत में जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ — मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मानसिक तनाव — तेज़ी से बढ़ रही हैं, और निवारक स्वास्थ्य देखभाल की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।
गुजरात के विभिन्न जिलों में आयोजित इन कार्यक्रमों में एक साझा संदेश उभरा — योग को केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जीवन का स्थायी अनुशासन बनाया जाए।
आगे की राह
राज्य सरकार के मंत्रियों और अधिकारियों की इस सामूहिक भागीदारी से यह संकेत मिलता है कि गुजरात में योग को जन-जन तक पहुँचाने के प्रयास आगे भी जारी रहेंगे। गुजरात राज्य योग बोर्ड के माध्यम से नियमित योग सत्रों और जागरूकता अभियानों को और विस्तार दिए जाने की संभावना है, ताकि यह परंपरा वार्षिक आयोजन से आगे बढ़कर नागरिकों की दैनिक आदत बन सके।