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क्या योगी सरकार रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा से फाइलेरिया को मात दे रही है?

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क्या योगी सरकार रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा से फाइलेरिया को मात दे रही है?

सारांश

योगी सरकार ने प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए कई पहल की हैं। रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा के माध्यम से जागरूकता फैलाकर स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान खोजा जा रहा है। क्या यह अभियान प्रदेश में फाइलेरिया के खिलाफ प्रभावी साबित होगा?

मुख्य बातें

फाइलेरिया के प्रति जागरूकता में वृद्धि योगी सरकार का सक्रियता से अभियान रात्रि चौपाल और नुक्कड़ नाटक का महत्व जनभागीदारी और प्रशासन का सहयोग एमडीए यात्रा का प्रभाव

लखनऊ, 21 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए सक्रियता से प्रयासरत है। इसी दिशा में, योगी सरकार के निर्देश पर फाइलेरिया उन्मूलन हेतु सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के अंतर्गत 27 जिलों में विस्तृत जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निगरानी में यह पहल जनसामान्य को फाइलेरिया से सुरक्षा और दवा के सेवन के महत्व के बारे में जागरूक कर रही है।

इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य है कि प्रदेशवासी शत-प्रतिशत दवा का सेवन करें। इसके लिए रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा जैसे विभिन्न उपायों का प्रयोग किया जा रहा है। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग और जनहित में कार्य करने वाली संस्थाएं भी ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया के प्रति जानकारी प्रदान कर रही हैं।

फाइलेरिया उन्मूलन योगी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। यही कारण है कि प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। योगी सरकार ने इस अभियान के माध्यम से राज्य के हर कोने में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार, कानपुर, रायबरेली सहित कई जिलों में प्रधान रात्रि चौपाल के जरिए ग्रामीणों को फाइलेरिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस दौरान जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें समझा रहे हैं कि फाइलेरिया के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को दवा के सेवन से रोका जा सकता है।

कानपुर के बिधनु ब्लॉक के मटियारा गांव में पीएसपी सदस्य प्रधान राहुल चौबे और फाइलेरिया रोगी राकेश ने रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को वीडियो के माध्यम से फाइलेरिया के बारे में बताया और दवाइयों के सेवन का महत्व समझाया।

इसी प्रकार सरसौल ब्लॉक के तिलशहरी बुजुर्ग गांव में सीएचओ आशीष ने लोगों की भ्रांतियों को दूर करते हुए उन्हें दवा लेने के फायदे बताए। घाटमपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी पीएसपी सदस्य प्रधान जयनारायण सिंह और पंचायत सहायक ने लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया।

फाइलेरिया के प्रति नवयुवकों को जागरूक करने के लिए रायबरेली के राजदुलारी तालुकेदारी इंटर कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। कक्षा 12 की छह छात्राओं ने शिक्षकों और पीएसपी सदस्यों के सहयोग से प्रभावशाली नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में एक फाइलेरिया रोगी की यात्रा और उसके परिवार के संघर्षों को दर्शाया गया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि साधारण दवाइयां वर्षों की पीड़ा से लोगों की जान बचा सकती हैं और इससे फाइलेरिया से बचाव संभव है।

अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए एमडीए यात्रा भी निकाली गई। इस यात्रा के माध्यम से पीएसपी सदस्यों ने जनमानस को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया। यात्रा का पहला चरण उन्नाव से रायबरेली तक रहा, जहां पीएसपी सदस्यों ने स्थानीय लोगों से गहन चर्चा की और फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया। इस यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल हुए। एमडीए यात्रा का दूसरा चरण बाराबंकी से सीतापुर के लिए रवाना हुआ।

सीएम योगी के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्यरत है। इसके लिए योगी सरकार ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की सफलता के लिए जनसहयोग की आवश्यकता बताई है और प्रदेश के हर नागरिक से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में अपनी भूमिका निभाएं और दवाइयां अवश्य लें।

राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. एके. चौधरी ने कहा कि अभियान के अंतर्गत अब तक काफी सफलता प्राप्त हुई है और उम्मीद जताई है कि इस बार एमडीए अभियान में हम शत-प्रतिशत लोगों को दवा खिलाने में सफल होंगे। अभियान न केवल फाइलेरिया की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ा रहा है। इस प्रयास को हर नागरिक का समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर समस्या का समाधान किया जा सकेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह स्वास्थ्य जागरूकता को भी बढ़ावा दे रहा है। योगी सरकार का यह प्रयास सभी नागरिकों के लिए लाभदायक साबित होगा। जनभागीदारी और प्रशासनिक प्रयासों के मेल से हम स्वास्थ्य के प्रति एक नई दिशा में अग्रसर हो रहे हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमडीए का क्या मतलब है?
एमडीए का मतलब है 'सर्वजन दवा सेवन' अभियान, जो फाइलेरिया के उन्मूलन के लिए चलाया जा रहा है।
यह अभियान कितने जिलों में चल रहा है?
यह अभियान 27 जिलों में चलाया जा रहा है।
क्या मैं भी इस अभियान में भाग ले सकता हूँ?
जी हाँ, सभी नागरिकों को इस अभियान में भाग लेने और दवा का सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
फाइलेरिया से कैसे बचा जा सकता है?
फाइलेरिया से बचने के लिए नियमित रूप से दवा का सेवन करना और मच्छरों से बचाव करना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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