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योगी आदित्यनाथ: यूपी अब 'रूल ऑफ माफिया' से मुक्त, कानून का शासन स्थापित — RMLNLU दीक्षांत समारोह

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योगी आदित्यनाथ: यूपी अब 'रूल ऑफ माफिया' से मुक्त, कानून का शासन स्थापित — RMLNLU दीक्षांत समारोह

सारांश

योगी आदित्यनाथ ने RMLNLU के दीक्षांत मंच से सिर्फ उपदेश नहीं दिया — उन्होंने 2017 से अब तक के यूपी के रूपांतरण का दावा पेश किया। 'रूल ऑफ माफिया' से 'रूल ऑफ लॉ' और 2029-30 तक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का संकल्प — युवा वकीलों के कंधों पर विकसित भारत की जिम्मेदारी डाली गई।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने RMLNLU लखनऊ के पंचम दीक्षांत समारोह में कहा कि यूपी अब 'रूल ऑफ माफिया' से मुक्त हो 'रूल ऑफ लॉ' के मार्ग पर है।
2017 से पहले कानून-व्यवस्था और निवेश पर संदेह था; माफिया तत्वों से विकास बाधित था।
प्रदेश को 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की कार्ययोजना तैयार।
प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने, 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क; 'एआई प्रज्ञा' से 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण।
एलएलबी ऑनर्स में तेजस्विनी कौशल और एलएलएम में रुपाली जायसवाल को स्वर्ण पदक।
खन्ना की असहमति का उल्लेख करते हुए सिद्धांतों पर अडिग रहने की प्रेरणा दी।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 18 अक्टूबर 2026 को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (RMLNLU) के पंचम दीक्षांत समारोह में घोषणा की कि प्रदेश अब 'रूल ऑफ माफिया' के युग से बाहर निकलकर 'रूल ऑफ लॉ' के मार्ग पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले कानून-व्यवस्था और निवेश के माहौल को लेकर गहरा संदेह बना रहता था, और माफिया तत्वों के कारण विकास बाधित था। मुख्यमंत्री ने नवस्नातक युवा अधिवक्ताओं से आह्वान किया कि अन्याय के सामने मौन रहना कोई विकल्प नहीं है।

कानून के शासन पर मुख्यमंत्री का संदेश

योगी ने स्पष्ट किया कि कोई भी व्यक्ति या पद संविधान से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार ने विधि के शासन को पुनर्स्थापित कर प्रदेश की राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय छवि को बदला है। उन्होंने 25 जून 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर ने 'रूल ऑफ लॉ' और 'रूलर ऑफ लॉ' के बीच के मूलभूत अंतर को देश के सामने उजागर किया।

न्यायमूर्ति एच. आर. खन्ना की ऐतिहासिक असहमति का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्धांतों के पक्ष में लिया गया साहसी निर्णय इतिहास में अमर हो जाता है। उन्होंने युवा वकीलों से अपेक्षा जताई कि वे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा को अपने जीवन का केंद्र बनाएँ।

विकसित भारत और यूपी की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की परिकल्पना

योगी आदित्यनाथ ने विकसित भारत 2047 के संकल्प को एक मुकदमे की तरह प्रस्तुत किया और कहा कि 140 करोड़ देशवासियों के इस दावे की पैरवी तथ्यों, साक्ष्यों और ईमानदारी से करनी होगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश को 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की कार्ययोजना तैयार है और युवा विधिवेत्ताओं की इसमें सक्रिय भूमिका होगी।

गौरतलब है कि यह लक्ष्य ऐसे समय में निर्धारित किया गया है जब उत्तर प्रदेश लगातार निवेश आकर्षित कर रहा है और प्रदेश की GDP में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की जा रही है।

एआई और साइबर अपराध: न्यायिक चुनौतियाँ

मुख्यमंत्री ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के संदर्भ में कहा कि यह काम आसान कर सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय सदैव मानवीय विवेक पर आधारित होना चाहिए। उन्होंने सचेत किया कि एक लापरवाह मसौदा किसी निर्दोष व्यक्ति की स्वतंत्रता छीन सकता है।

डीपफेक और साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि इससे साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने और 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए हैं। इसके अतिरिक्त 'एआई प्रज्ञा' कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

पदक विजेताओं को सम्मान

दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने मेधावी छात्रों को पदक प्रदान किए। एलएलएम में रुपाली जायसवाल को स्वर्ण, चित्रा सिंह को रजत और सौम्या गिरी को कांस्य पदक मिला। एलएलबी ऑनर्स में तेजस्विनी कौशल को स्वर्ण, ईशा अग्रवाल को रजत और निशा वर्मा को कांस्य पदक से सम्मानित किया गया।

ईशा अग्रवाल को क्रिमिनल लॉ में जस्टिस ओपी प्रधान मेमोरियल पदक, कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ में पद्मावती मोहनलाल जरीवाला पदक और स्टूडेंट ऑफ द ईयर के लिए वीरेंद्र भाटिया स्वर्ण पदक भी प्राप्त हुआ। साइबर लॉ में भास्कर पांडे को स्वर्ण, जयंत अग्रवाल को रजत और चिराग निगम को कांस्य; बौद्धिक संपदा अधिकार में आशी पांडे को स्वर्ण, रितेश मेहता को रजत और ईशा अस्थाना को कांस्य पदक मिला। मीडिया लॉ में अंशुमान सिंह को स्वर्ण और संतुष्ट सोनकर को रजत पदक प्रदान किया गया।

युवा अधिवक्ताओं के लिए संदेश

मुख्यमंत्री ने 'सत्यं वद, धर्मं चर, स्वाध्यायान्मा प्रमदः' की शिक्षा को चैंबर की दीवार नहीं बल्कि हृदय में उतारने का आग्रह किया। उन्होंने डॉ. राम मनोहर लोहिया के विचारों का संदर्भ देते हुए कहा कि विधिवेत्ता में शिव जैसा मस्तिष्क, कृष्ण जैसा हृदय और राम जैसा वचन होना चाहिए।

उन्होंने विद्यार्थियों से गाँवों में जमीन और पारिवारिक विवादों के समाधान में योगदान देने, जड़ों से जुड़े रहने और कभी भी सिद्धांतों से समझौता न करने की अपील की। यह दीक्षांत संदेश उस वक्त आया है जब देश में न्यायिक प्रणाली की गुणवत्ता और वकालत के नैतिक मानकों पर राष्ट्रीय बहस तेज हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे तथ्यात्मक कसौटी पर परखना ज़रूरी है — यूपी में एनकाउंटर की संख्या और संपत्ति ज़ब्ती के आँकड़े तो उपलब्ध हैं, पर न्यायिक दोषसिद्धि दर और माफिया-जुड़े मामलों के अंतिम परिणाम की व्यापक समीक्षा अभी भी अधूरी है। ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, लेकिन इसकी मापन पद्धति और जवाबदेही ढाँचे को लेकर अर्थशास्त्री प्रश्न उठाते रहे हैं। विधि विश्वविद्यालय के मंच से साइबर अपराध और AI जैसे विषयों को छूना प्रासंगिक है, परंतु 10 लाख युवाओं को AI प्रशिक्षण देने की योजना की गुणवत्ता और रोजगार परिणामों की स्वतंत्र निगरानी ही इसे नारे से नीति में बदलेगी।
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

योगी आदित्यनाथ ने 'रूल ऑफ माफिया' से मुक्ति का दावा किस संदर्भ में किया?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने RMLNLU लखनऊ के पंचम दीक्षांत समारोह में कहा कि 2017 से पहले यूपी में माफिया तत्वों के कारण विकास बाधित था और कानून-व्यवस्था पर संदेह रहता था। उनके अनुसार वर्तमान सरकार ने 'रूल ऑफ लॉ' स्थापित कर प्रदेश की छवि बदली है।
उत्तर प्रदेश को ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था कब तक बनाने का लक्ष्य है?
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रदेश को 2029-30 तक एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की कार्ययोजना तैयार है। उन्होंने युवा अधिवक्ताओं से इस लक्ष्य में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
यूपी में साइबर अपराध से निपटने के लिए क्या व्यवस्था की गई है?
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 75 जिलों में साइबर थाने और 1,583 थानों में साइबर हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं। इसके साथ ही 'एआई प्रज्ञा' कार्यक्रम के माध्यम से 10 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
RMLNLU दीक्षांत समारोह में किसे स्वर्ण पदक मिला?
एलएलबी ऑनर्स में तेजस्विनी कौशल और एलएलएम में रुपाली जायसवाल को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। ईशा अग्रवाल को क्रिमिनल लॉ, कॉन्स्टिट्यूशनल लॉ और स्टूडेंट ऑफ द ईयर — तीन अलग-अलग विशेष पदक भी मिले।
न्यायमूर्ति एच. आर. खन्ना का उल्लेख योगी ने किस सन्दर्भ में किया?
मुख्यमंत्री योगी ने आपातकाल (25 जून 1975) के संदर्भ में न्यायमूर्ति एच. आर. खन्ना की ऐतिहासिक असहमति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सिद्धांतों के पक्ष में लिया गया साहसी निर्णय इतिहास में स्थान बनाता है और युवा अधिवक्ताओं को इससे प्रेरणा लेनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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