योगी आदित्यनाथ बोले— पारदर्शी भर्ती से बनती है संस्थान की साख, RML स्थापना दिवस पर गिनाईं उपलब्धियाँ
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 13 सितंबर 2026 को लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RML) के स्थापना दिवस समारोह में भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को संस्थान की पहचान और विश्वसनीयता की बुनियाद बताया। उन्होंने 2017 से पहले और अपनी सरकार के कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं एवं चिकित्सा शिक्षा में हुए विस्तार की तुलनात्मक समीक्षा भी की।
संस्थान का कायाकल्प: 2017 का निर्णायक मोड़
मुख्यमंत्री ने स्मरण किया कि जब उनकी सरकार 2017 में सत्ता में आई, तब आरएमएल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता का वातावरण था। उन्होंने कहा, 'साल 2017 में हम सबके सामने यह सवाल था कि क्या यह एक सामान्य अस्पताल बना रहेगा या इसे एक संस्थान में बदल दिया जाएगा। उस समय अनिश्चितता और आपसी मतभेद का माहौल था।' उनके अनुसार तब यह संकल्प लिया गया कि इसे एक सुदृढ़ संस्थान का स्वरूप दिया जाएगा और कर्मचारियों को उनकी इच्छा के अनुसार या तो संस्थान में रखा जाएगा अथवा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित किया जाएगा।
पारदर्शी भर्ती पर मुख्यमंत्री का जोर
योगी आदित्यनाथ ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को संस्थान की दीर्घकालिक साख से सीधे जोड़ा। उनके शब्दों में, 'भर्ती प्रक्रिया जितनी पारदर्शी होगी, नतीजे हमारे लिए उतने ही फायदेमंद होंगे। अगर चयन प्रक्रिया में गड़बड़ी होती है, भेदभाव होता है, पारदर्शिता या ईमानदारी की कमी होती है, तो पूरे संस्थान को उसकी ईमानदारी और पारदर्शिता की जीवन भर कीमत चुकानी पड़ती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि गलती एक व्यक्ति करता है, किंतु उसका खामियाजा पूरे संस्थान को भुगतना पड़ता है।
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई विवाद सामने आए हैं। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री का यह बयान नीतिगत प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है।
9.5 लाख सरकारी नौकरियाँ: सरकार का दावा
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल में हुई नियुक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश सरकार ने 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने दावा किया, 'कोई भी व्यक्ति यह नहीं कह सकता कि इन भर्तियों में किसी तरह का भेदभाव हुआ या भ्रष्टाचार अथवा पैसों का लेन-देन हुआ।' गौरतलब है कि यह आँकड़ा सरकार का स्वयं का दावा है; इसकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
RML की भौगोलिक भूमिका और सुविधाओं में विस्तार
मुख्यमंत्री ने लखनऊ में आरएमएल संस्थान की रणनीतिक स्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से इलाज के लिए आने वाला अधिकांश तबका सबसे पहले इसी संस्थान तक पहुँचता है। उन्होंने बताया कि पहले यहाँ डायलिसिस की ज़रूरत वाले बड़ी संख्या में मरीज आते थे, जबकि अब संस्थान की सुविधाएँ कई गुना बढ़ चुकी हैं।
मेडिकल कॉलेज विस्तार और AIIMS गोरखपुर
मुख्यमंत्री ने अपने सांसद कार्यकाल का अनुभव साझा करते हुए बताया कि 2017 से पहले जब वे गोरखपुर से सांसद थे, तब उन्होंने बार-बार उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने की माँग उठाई थी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस माँग को गंभीरता से लेते हुए पहले चरण में उत्तर प्रदेश के लिए 17 मेडिकल कॉलेज और गोरखपुर के लिए एक AIIMS को मंजूरी दी। आज प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा का अभूतपूर्व विस्तार हो रहा है, जिसका प्रत्यक्ष लाभ आम जनता को मिल रहा है। आने वाले समय में इन संस्थानों की गुणवत्ता और जवाबदेही ही यह तय करेगी कि यह विस्तार सच्चे अर्थों में जन-स्वास्थ्य को मज़बूत करता है या नहीं।