युद्ध का अंत होना चाहिए: अबू आजमी का बयान
सारांश
Key Takeaways
- युद्ध का स्थायी अंत होना चाहिए।
- सीजफायर का स्वागत किया गया।
- विदेश नीति की विफलता का संकेत।
- राजनीतिक चुनाव में संदिग्ध मतदाता मुद्दा।
- बातचीत के माध्यम से समाधान की आवश्यकता।
मुंबई, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के प्रमुख नेता अबू आजमी ने ईरान और अमेरिका के बीच हुए सीजफायर पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि युद्ध का अंत हमेशा के लिए होना चाहिए।
उन्होंने पाकिस्तान के दावों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि वे ऐसा कह रहे हैं, तो यह संकेत करता है कि हमारी विदेश नीति कहीं न कहीं असफल हो रही है, बशर्ते कि यह सत्य हो। हालांकि, अब युद्ध समाप्त हो चुका है, और इसे सदैव के लिए समाप्त होना चाहिए। कहीं भी कोई युद्ध नहीं होना चाहिए। यही हमारी प्रार्थना है।
अबू आजमी ने कहा कि वे इस संघर्ष विराम का स्वागत करते हैं, क्योंकि इससे दुनिया में मची हलचल कुछ हद तक शांत होगी।
युद्ध के दौरान देश में तेल और गैस की कमी पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि कई होटल बंद हो गए हैं और लोग अपने रोजगार से दूर होकर घर लौट रहे हैं। हालांकि, उन्होंने आशा व्यक्त की कि अब युद्ध के थमने से परिस्थितियाँ बेहतर होंगी।
उन्होंने कहा कि हमारे करोड़ों लोग मिडिल ईस्ट में कार्यरत हैं, और हमारी जीडीपी का 25 प्रतिशत वहाँ से आता है। युद्ध बंद होना चाहिए और बातचीत के माध्यम से समाधान निकलना चाहिए। मैं इस फैसले का स्वागत करता हूँ। इसके अलावा, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि बातचीत से ही कोई समाधान निकले। मैं शत्रुता के समाप्त होने का स्वागत करता हूँ।
पश्चिम बंगाल में 30 लाख संदिग्ध मतदाताओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अबू आजमी ने कहा कि यह केवल चुनावी राजनीति है। यह सब भाजपा के खिलाफ वोट बैंक को कमजोर करने के लिए किया जा रहा है। बहुत से गरीब लोग फुटपाथों पर रहते हैं। वे इसी देश के नागरिक हैं, लेकिन शिक्षा की कमी और पक्के घर न होने के कारण उनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं होते। चुनाव आयोग को यह देखना चाहिए कि यदि कोई घुसपैठिया है तो उसे बाहर किया जाना चाहिए। यह भी जांच करनी चाहिए कि उनके पास आधार कार्ड, राशन कार्ड कैसे आया?