क्या नया ड्रग बच्चों के जानलेवा कैंसर का उपचार करने में मददगार है?
सारांश
Key Takeaways
- नए उपचार से बच्चों में कैंसर के इलाज की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
- रोमिडेप्सिन के साथ कीमोथेरेपी का संयोजन ट्यूमर की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकता है।
- इस दवा के साथ इलाज में साइड इफेक्ट्स कम हो सकते हैं।
- अधिक परीक्षण और क्लिनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।
नई दिल्ली, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। ऑस्ट्रेलिया के शोधकर्ताओं ने एक नई दवा की खोज की है जो बच्चों के जानलेवा कैंसर न्यूरोब्लास्टोमा का उपचार करने में सहायक हो सकती है। यह दवा कैंसर के इलाज में आने वाली समस्याओं को प्रभावी तरीके से समाप्त करती है।
सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इस खोज के जरिए न्यूरोब्लास्टोमा के उपचार में सुधार हो सकता है। यह बीमारी बच्चों में दिमाग के बाहर होने वाला सबसे आम ठोस ट्यूमर है, जो वर्तमान में 10 में से 9 मरीजों पर दोबारा हमला कर रहा है।
ऑस्ट्रेलिया के गारवन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल रिसर्च के अनुसार, यह दवा ट्यूमर के बनने वाले सेलुलर डिफेंस को बायपास कर सकती है, जिससे दोबारा बीमारी का खतरा कम होता है।
टीम ने यह दिखाया कि मंजूर की गई लिम्फोमा दवा—रोमिडेप्सिन—बच्चों में कीमोथेरेपी-रेसिस्टेंट मामलों में उपचार को बेहतर बनाने में सहायक है, यह अन्य रास्तों से न्यूरोब्लास्टोमा सेल को समाप्त करती है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि कीमोथेरेपी की मानक दवाएं सेल डेथ के लिए जेएनके पाथवे पर निर्भर करती हैं। जब ट्यूमर दोबारा होता है, तो यह स्विच अक्सर काम करना बंद कर देता है, जिससे इलाज प्रभावी नहीं रहता।
जानवरों के मॉडल में किए गए परीक्षणों से ज्ञात हुआ कि स्टैंडर्ड कीमोथेरेपी के साथ रोमिडेप्सिन दूसरे सेल-डेथ पाथवे के जरिए ट्यूमर की वृद्धि को रोकता है और रेसिस्टेंट मामलों में आमतौर पर ब्लॉक्ड जेएनके पाथवे को बायपास करता है।
साइंस एडवांसेज में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, इस कॉम्बिनेशन ने ट्यूमर की वृद्धि को कम किया, बचने की संभावना बढ़ाई और कीमो डोज को कम करने में मदद की, जिससे छोटे बच्चों में साइड इफेक्ट्स कम हो सकते हैं।
गारवन इंस्टीट्यूट के एसोसिएट प्रोफेसर डेविड क्राउचर ने कहा, "फिर से होने वाले हाई-रिस्क न्यूरोब्लास्टोमा के प्रतिरोध को दूर करने का तरीका खोजना मेरी लैब का एक बड़ा लक्ष्य रहा है।"
उन्होंने आगे कहा, "ये ट्यूमर कीमोथेरेपी से कभी-कभी उपचारित नहीं होते, और जब मरीज उस स्थिति में पहुंचते हैं, तो आंकड़े परिवारों के लिए बेहद खराब होते हैं।"
रोमिडेप्सिन को पहले ही अन्य कैंसर के लिए इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल चुकी है और इसे बच्चों में इसकी सेफ्टी के लिए परीक्षण किया जा चुका है, जिससे न्यूरोब्लास्टोमा के लिए एक नए इलाज के विकल्प के रूप में दवा के विकास में तेजी आ सकती है।
हालांकि, क्राउचर ने कहा कि किसी भी क्लिनिकल एप्लीकेशन के लिए न्यूरोब्लास्टोमा में कॉम्बिनेशन की सेफ्टी और प्रभावशीलता साबित करने के लिए अधिक परीक्षणों और क्लिनिकल ट्रायल की आवश्यकता है।