क्या भारत की प्रतिभाओं के लिए देश में अवसर बढ़ रहे हैं? : अश्विनी वैष्णव

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क्या भारत की प्रतिभाओं के लिए देश में अवसर बढ़ रहे हैं? : अश्विनी वैष्णव

सारांश

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भारत में प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने डेटा को नया तेल बताते हुए आत्मनिर्भरता के लक्ष्य पर चर्चा की। क्या भारत का 5जी नेटवर्क वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर रहा है? जानें इस विशेष रिपोर्ट में।

मुख्य बातें

भारत की प्रतिभा को देश में अवसर प्रदान करने की आवश्यकता है।
डिजिटल क्रेडिट से वित्तीय सेवाएं सुलभ होंगी।
5जी नेटवर्क ने भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है।
एआई रिसर्च में बढ़ती उपस्थिति को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत का लीडरशिप और महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 18 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को डेटा को नया तेल और डेटा केंद्रों को नई रिफाइनरियां बताया।

'एनडीटीवी वर्ल्ड समिट' में केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने सरकार के आत्मनिर्भरता के दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि भारत आने वाले वर्षों में महत्वपूर्ण खनिजों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में आत्मनिर्भर बनने का लक्ष्य रखता है।

उन्होंने कहा, "हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि हमारे देश का टैलेंट देश के बाहर जाने के बजाय देश में ही अवसरों को पाएं।"

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार तकनीकी के माध्यम से वित्तीय सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के अपने प्रयास के तहत डिजिटल क्रेडिट पर बड़ा कदम उठा रही है।

देश में 5जी नेटवर्क के तेज और कुशल क्रियान्वयन की सराहना करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत की इस उपलब्धि ने दुनिया का ध्यान आकर्षित किया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत ने 5जी को इतनी तेजी से लागू किया कि दुनिया चकित रह गई। हमारे पास दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी नेटवर्क है। इससे हमें दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिली। देश का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा 5जी नेटवर्क से जुड़ा है।"

केंद्रीय मंत्री वैष्णव ने एआई के क्षेत्र में भारत की बढ़ती उपस्थिति पर भी प्रकाश डाला और घोषणा की कि बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप सर्वम इस साल दिसंबर या अगले साल जनवरी तक अपना स्वदेशी एआई मॉडल लॉन्च करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह सर्वम के मॉडल के लॉन्च होने के बाद उसका उपयोग करने के लिए उत्साहित हैं।

केंद्रीय मंत्री ने विशाखापत्तनम में 15 अरब डॉलर के निवेश से एक एआई हब स्थापित करने के गूगल के प्रस्ताव की भी प्रशंसा की और दावा किया कि इससे भारत में एआई रिसर्च के विकास को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा, "हमारे देश में कंप्यूटर सुविधाओं का होना बेहद जरूरी है। इनके उपलब्ध होने के बाद क्वालिटी रिसर्च करने और एआई एप्लीकेशन बनाने की क्षमता में सुधार होगा।"

केंद्रीय मंत्री वैष्णव के अनुसार, दूरसंचार तकनीक के संदर्भ में 6जी, मौजूदा 4जी और 5जी नेटवर्क की पूरी तरह से जगह ले लेगा।

उन्होंने कहा, "6जी पूरी तरह से अलग होगा। आपके हाथ में जो कुछ भी होगा, वह उस नेटवर्क का हिस्सा होगा।"

केंद्रीय मंत्री ने दुनिया भर में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत के नेतृत्व पर जोर दिया और बताया कि वर्तमान में 13 से अधिक देश भारत के यूपीआई फ्रेमवर्क का उपयोग कर रहे हैं और 50 से अधिक देशों ने आधार फ्रेमवर्क को लागू करने में रुचि दिखाई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वे भारत की आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण हैं। सरकार की योजनाएं देश में प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करने और आर्थिक विकास को गति देने की दिशा में हैं। इन पहलों का सकारात्मक प्रभाव देश की आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर पड़ेगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत की प्रतिभाओं को देश में अवसर कैसे मिल सकते हैं?
सरकार विभिन्न योजनाओं और पहलों के माध्यम से देश में प्रतिभाओं को अवसर प्रदान कर रही है, जैसे कि डिजिटल क्रेडिट और तकनीकी सहायता।
5जी नेटवर्क का भारत में क्या महत्व है?
5जी नेटवर्क से न केवल तेज इंटरनेट सेवाएं मिलती हैं, बल्कि यह देश के दूरदराज क्षेत्रों में भी कनेक्टिविटी बढ़ाता है।
क्या भारत में एआई रिसर्च बढ़ रही है?
जी हां, भारत में एआई रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए कई स्टार्टअप और सरकारी पहलें चल रही हैं।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में भारत का लीडरशिप क्या है?
भारत का यूपीआई फ्रेमवर्क और आधार फ्रेमवर्क कई देशों द्वारा अपनाया जा रहा है, जिससे भारत का डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर वैश्विक स्तर पर प्रमुखता प्राप्त कर रहा है।
क्या 6जी नेटवर्क भविष्य में आएगा?
हां, 6जी नेटवर्क तकनीकी विकास का अगला चरण होगा, जो मौजूदा 4जी और 5जी नेटवर्क को प्रतिस्थापित करेगा।
राष्ट्र प्रेस