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लॉन्ग कोविड से प्रभावित व्यक्तियों में हृदय रोग का खतरा: नई स्टडी से खुलासा

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लॉन्ग कोविड से प्रभावित व्यक्तियों में हृदय रोग का खतरा: नई स्टडी से खुलासा

सारांश

लॉन्ग कोविड से पीड़ितों में हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

मुख्य बातें

लॉन्ग कोविड से दिल की समस्याओं का खतरा बढ़ता है।
महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम अधिक है।
लोगों की नियमित जांच आवश्यक है।
लॉन्ग कोविड अब एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है।
अस्पताल में भर्ती हुए बिना भी गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं।

नई दिल्ली, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। लॉन्ग कोविड से प्रभावित व्यक्तियों में दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम काफी बढ़ सकता है। कैरोलिंस्का इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा की गई एक नई अध्ययन में यह महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है।

यह अध्ययन जर्नल 'ईक्लिनिकलमेडिसन' में प्रकाशित हुआ है, जिसमें यह पाया गया कि लॉन्ग कोविड से ग्रसित लोगों में कार्डियक एरिथमिया और कोरोनरी डिजिज जैसी समस्याओं का खतरा अधिक है, यहां तक कि उन लोगों में भी जो संक्रमण के दौरान अस्पताल में भर्ती नहीं हुए थे।

अध्ययन की शोधकर्ता पिया लिंडबर्ग ने कहा कि लॉन्ग कोविड से पीड़ित पुरुषों और महिलाओं दोनों में हृदय संबंधी समस्याएं अधिक देखने को मिलीं। विशेष रूप से महिलाओं में हार्ट फेलियर और पेरिफेरल वैस्कुलर डिजीज का खतरा बढ़ा हुआ पाया गया।

हालांकि, इस शोध में लॉन्ग कोविड और स्ट्रोक के बीच कोई स्पष्ट संबंध नहीं पाया गया।

अध्ययन के अनुसार, लॉन्ग कोविड अब वैश्विक स्तर पर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनता जा रहा है और कई रिसर्च यह संकेत दे रही हैं कि यह आगे चलकर हृदय रोगों का कारण बन सकता है। इस अध्ययन में शोधकर्ताओं ने लॉन्ग कोविड से पीड़ित लोगों में हृदय से जुड़े बड़े घटनाओं की तुलना उन लोगों से की जो इस समस्या से ग्रसित नहीं थे।

करीब 12 लाख (1.2 मिलियन) लोगों पर किए गए इस अध्ययन में लगभग 9,000 लोगों को लॉन्ग कोविड पाया गया, जो कुल का 0.7 प्रतिशत है। इनमें से लगभग दो-तिहाई महिलाएं थीं।

लगभग चार साल के फॉलो-अप के दौरान यह पता चला कि लॉन्ग कोविड वाले लोगों में हृदय रोग का खतरा स्पष्ट रूप से अधिक था। महिलाओं में 18.2 प्रतिशत और पुरुषों में 20.6 प्रतिशत को किसी न किसी प्रकार की हृदय संबंधी समस्या हुई, जबकि बिना लॉन्ग कोविड वाले समूह में यह आंकड़ा महिलाओं में 8.4 प्रतिशत और पुरुषों में 11.1 प्रतिशत था।

शोध के अनुसार, लॉन्ग कोविड से पीड़ित महिलाओं में दिल की बीमारी का खतरा दोगुने से भी अधिक था, जबकि पुरुषों में यह जोखिम लगभग एक-तिहाई ज्यादा पाया गया।

शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि चूंकि कई लोगों को कोविड के दौरान अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ी थी, इसलिए बाद में होने वाली गंभीर बीमारियों को नजरअंदाज किया जा सकता है।

अध्ययन के निष्कर्ष बताते हैं कि लॉन्ग कोविड पहले से स्वस्थ और युवा लोगों के लिए भी हृदय रोग का जोखिम बन सकता है। इस संदर्भ में विशेषज्ञों ने सुझाव दिया है कि मरीजों की नियमित और व्यवस्थित जांच (फॉलो अप) की जाए, खासकर लैंगिक अंतर को ध्यान में रखते हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह अध्ययन लॉन्ग कोविड के प्रभावों को उजागर करता है। यह महत्वपूर्ण है कि हम इस स्वास्थ्य समस्या को गंभीरता से लें और नियमित जांच की आवश्यकता पर ध्यान दें।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लॉन्ग कोविड क्या है?
लॉन्ग कोविड एक ऐसी स्थिति है जिसमें कोविड-19 संक्रमण के बाद भी लक्षण बने रहते हैं।
क्या लॉन्ग कोविड से दिल की बीमारियाँ हो सकती हैं?
हाँ, हाल ही के अध्ययन में यह पाया गया है कि लॉन्ग कोविड से दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
इस अध्ययन में कितने लोगों को शामिल किया गया?
इस अध्ययन में लगभग 12 लाख लोगों को शामिल किया गया।
क्या सभी लॉन्ग कोविड के मरीजों को अस्पताल में भर्ती होना होता है?
नहीं, कई मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती।
क्या महिलाओं में हृदय रोग का खतरा अधिक है?
हाँ, अध्ययन में महिलाओं में हृदय संबंधी समस्याएं अधिक देखी गईं।
राष्ट्र प्रेस
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