नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: ग्रेटर नोएडा में रियल एस्टेट को नई दिशा, बढ़ेगी हाउसिंग डिमांड
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 28 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली-एनसीआर का दूसरा हवाई अड्डा, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को किया, अब ग्रेटर नोएडा के रियल एस्टेट क्षेत्र को एक महत्वपूर्ण प्रेरणा देने जा रहा है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, इससे डेवलपर्स का विश्वास बढ़ेगा और नए आवासीय परियोजनाओं की संख्या में तेजी आएगी।
नाइट फ्रैंक इंडिया की रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि इस हवाई अड्डे की स्थापना ने ग्रेटर नोएडा को एनसीआर के हाउसिंग मार्केट में एक मजबूत स्थिति प्रदान की है। 2025 में एनसीआर के कुल आवासीय लॉन्च में ग्रेटर नोएडा की हिस्सेदारी 28 प्रतिशत रही, जबकि यह 2021 में 19 प्रतिशत थी। यह स्पष्ट है कि डेवलपर्स का विश्वास लगातार बढ़ रहा है और नए परियोजनाओं की पाइपलाइन मजबूत बनी हुई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ग्रेटर नोएडा में नए घरों की वार्षिक लॉन्चिंग 2021 में 4,415 यूनिट से बढ़कर 2025 में 14,000 यूनिट हो गई है, जो इस क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को दर्शाता है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर राजीव विजय ने कहा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की शुरुआत रियल एस्टेट में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी, विशेषकर ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे के आस-पास के क्षेत्रों में।
उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े भूखंडों की उपलब्धता के कारण आने वाले समय में घर खरीदने वालों की मांग में वृद्धि होगी, नए प्रोजेक्ट्स लॉन्च होंगे और प्रॉपर्टी की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिशिर बैजल ने कहा कि यह एयरपोर्ट एनसीआर के एविएशन और शहरी विकास में एक नई दिशा देगा। आने वाले समय में जब इस क्षेत्र में कई बड़े एयरपोर्ट होंगे, तो इससे नए आर्थिक विकास के द्वार खुलेंगे और संतुलित शहरी विस्तार को बढ़ावा मिलेगा।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि ग्रेटर नोएडा का हाउसिंग मार्केट अब स्थिर और परिपक्व होता जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में एनसीआर की कुल हाउसिंग बिक्री में इसका योगदान 22-25 प्रतिशत के बीच रहा है। 2021 में 10,685 घरों की बिक्री हुई थी, जबकि 2025 में यह बढ़कर 12,903 यूनिट हो गई।
नाइट फ्रैंक के विश्लेषण में यह भी कहा गया है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का विकास एनसीआर के एविएशन सिस्टम में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन लाएगा और जेवर को एक प्रमुख सेकेंडरी एयरपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा।
इसके अलावा, सड़क, मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) जैसी मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी इस एयरपोर्ट के आस-पास के क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि गोवा जैसे अन्य राज्यों के अनुभव बताते हैं कि नए एयरपोर्ट कुछ समय बाद बड़ी संख्या में यात्रियों को आकर्षित करते हैं। इसी तरह जेवर एयरपोर्ट में भी बहुत संभावनाएं हैं।
कुल मिलाकर, यह एयरपोर्ट हवाई यातायात को संतुलित करेगा, क्षेत्रीय विकास को प्रोत्साहित करेगा और एनसीआर में एक मल्टी-पोलर आर्थिक व्यवस्था को मजबूत करेगा, जहां एयरपोर्ट आधारित (एरोट्रोपोलिस) विकास तेजी से आगे बढ़ेगा।