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क्या ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार बच्चों की आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है?

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क्या ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार बच्चों की आंखों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार बच्चों की आंखों की सेहत के लिए कितना महत्वपूर्ण हो सकता है? एक नए अध्ययन में यह बात सामने आई है कि यह आहार मायोपिया को रोकने में सहायक साबित हो सकता है। जानें कैसे!

मुख्य बातें

ओमेगा-3 से भरपूर आहार बच्चों की आंखों की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है।
यह मायोपिया के जोखिम को कम करने में सहायता कर सकता है।
सैचुरेटेड फैट का अधिक सेवन मायोपिया के खतरे को बढ़ा सकता है।
अध्ययन में बच्चों के आहार का विश्लेषण किया गया था।
सही पोषण बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण है।

नई दिल्ली, 20 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। एक वैश्विक अध्ययन के अनुसार, ओमेगा-3 फैटी एसिड से समृद्ध आहार न केवल बड़ों के लिए लाभकारी है, बल्कि यह बच्चों में मायोपिया (निकट दृष्टि दोष) को रोकने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

ओमेगा-3 मुख्य रूप से मछली के तेल में पाया जाता है और इसे भोजन के माध्यम से प्राप्त किया जा सकता है। यह ड्राई आई डिजीज और उम्र से संबंधित डिजेनेरेशन जैसी समस्याओं को बेहतर करने या रोकने में मदद करता है।

हालांकि, क्या यह मायोपिया को रोकने में सहायक हो सकता है? यह पहले स्पष्ट नहीं था, क्योंकि अब तक के अध्ययन प्रयोगात्मक थे और इनमें लोगों को शामिल नहीं किया गया था।

हांगकांग की चीनी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर जेसन सी. याम ने बताया, "यह अध्ययन पहली बार प्रमाणित करता है कि ओमेगा-3 से भरपूर आहार आंख की एक्सियल लेंथ को कम करने और मायोपिया की संभावना को घटाने में सहायक है।"

एक्सियल लेंथ आंख के सामने के हिस्से (कॉर्निया) से पीछे के हिस्से (रेटिना) तक की दूरी को मापता है, जो मायोपिया की प्रगति को दर्शाता है। मायोपिया, जिसे निकट दृष्टि दोष भी कहा जाता है, तब होता है जब आंख की रोशनी रेटिना के सामने फोकस करती है, जिससे दूर की वस्तुएं धुंधली दिखती हैं।

प्रोफेसर याम ने बताया कि ओमेगा-3 आंखों में रक्त प्रवाह को बढ़ाता है, जिससे पोषक तत्व और ऑक्सीजन आंख के महत्वपूर्ण हिस्से, कोरॉइड तक पहुंचते हैं। इससे आंख के सफेद हिस्से में ऑक्सीजन की कमी (स्क्लेरल हाइपोक्सिया) को रोका जा सकता है, जो मायोपिया का एक मुख्य कारण है।

ब्रिटिश जर्नल ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी में प्रकाशित इस अध्ययन में यह भी पाया गया कि मक्खन, पाम ऑयल और रेड मीट जैसे सैचुरेटेड फैट से भरपूर आहार मायोपिया का खतरा बढ़ा सकते हैं।

इस अध्ययन में चीन के 6-8 वर्ष के 1,005 बच्चों के डेटा का विश्लेषण किया गया। इनमें से 27.5 प्रतिशत (276 बच्चे) मायोपिया से प्रभावित थे। शोध में पाया गया कि जिन बच्चों के आहार में ओमेगा-3 की मात्रा अधिक थी, उनमें मायोपिया का जोखिम कम था, जबकि सैचुरेटेड फैट का अधिक सेवन करने वाले बच्चों में यह जोखिम अधिक था।

हालांकि, यह एक अवलोकन अध्ययन है; यह अध्ययन केवल यह देखता है कि क्या हो रहा है, लेकिन यह स्पष्ट रूप से नहीं बता सकता कि ओमेगा-3 की वजह से ही मायोपिया कम हुआ या नहीं। इसके अलावा, लोगों से उनके खानपान के बारे में पूछे गए सवाल उनकी यादों पर आधारित हैं, जो केवल एक समय की जानकारी प्रदान करते हैं, न कि पूरे समय की।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समझना महत्वपूर्ण है कि बच्चों की आंखों की सेहत पर ध्यान देना कितना आवश्यक है। ओमेगा-3 जैसे पोषक तत्व बच्चों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अध्ययन के परिणाम हमें सही दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करते हैं कि हमें अपने बच्चों के आहार में सुधार लाना चाहिए।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या ओमेगा-3 बच्चों के लिए सुरक्षित है?
हां, ओमेगा-3 बच्चों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होता है, लेकिन इसे उचित मात्रा में लेना चाहिए।
क्या सैचुरेटेड फैट मायोपिया को बढ़ा सकता है?
हाँ, अध्ययन के अनुसार, सैचुरेटेड फैट का अधिक सेवन करने से मायोपिया का खतरा बढ़ सकता है।
कौन से खाद्य पदार्थ ओमेगा-3 से भरपूर होते हैं?
मछली, चिया बीज, और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थ ओमेगा-3 के अच्छे स्रोत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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