पीयूष गोयल ने डब्ल्यूटीओ सम्मेलन में छोटे मछुआरों की आजीविका की सुरक्षा पर जोर दिया

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पीयूष गोयल ने डब्ल्यूटीओ सम्मेलन में छोटे मछुआरों की आजीविका की सुरक्षा पर जोर दिया

सारांश

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने डब्ल्यूटीओ के 14वें सम्मेलन में भारत के मत्स्य पालन के जन-केंद्रित दृष्टिकोण का समर्थन किया। उन्होंने छोटे मछुआरों की आजीविका की रक्षा और वैश्विक निर्णयों की निष्पक्षता की आवश्यकता पर जोर दिया।

Key Takeaways

  • मत्स्य पालन में जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है।
  • छोटे मछुआरों की आजीविका की रक्षा करने की आवश्यकता।
  • भारत में मत्स्य पालन खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण स्रोत है।
  • वैश्विक निर्णयों में निष्पक्षता सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है।
  • भारत ने डब्ल्यूटीओ में सुधारों का समर्थन किया है।

नई दिल्ली, 28 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि भारत ने मत्स्य पालन प्रशासन के लिए एक संतुलित और जन-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाया है। यह उन्होंने कैमरून में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (एमसी-14) में चर्चा के दौरान कहा।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्‍स पर जानकारी साझा करते हुए, गोयल ने 'मत्स्य पालन सब्सिडी' पर आयोजित मंत्रिस्तरीय सत्र को संबोधित किया।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत में मत्स्य पालन, आजीविका और खाद्य सुरक्षा का एक अत्यंत महत्वपूर्ण स्रोत है, जो 90 लाख से अधिक मछुआरों का सहारा बनता है। इनमें से अधिकांश मछुआरे छोटे, पारंपरिक और दस्तकारी समुदायों से हैं, जो मत्स्य पालन के लिए सतत तरीकों का उपयोग करते हैं।

गोयल ने संरक्षण के प्रति भारत की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया और इसके लिए मछली पकड़ने पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध जैसे उपायों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश का दृष्टिकोण तब से स्थिरता को प्राथमिकता देता रहा है, जब यह वैश्विक स्तर पर प्राथमिकता नहीं थी।

उन्होंने कहा कि क्षमता से अधिक उत्पादन और अत्यधिक मछली पकड़ने की समस्या मुख्य रूप से भारी सब्सिडी वाले औद्योगिक बेड़ों के कारण है, न कि विकासशील देशों के छोटे मछुआरों के कारण।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि वैश्विक निर्णय निष्पक्ष होने चाहिए और कमजोर समुदायों पर असंतुलित प्रभाव नहीं डालना चाहिए।

केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने मत्स्य पालन सब्सिडी पर मसौदा निर्णय को अपनाने के लिए भारत का समर्थन बढ़ाते हुए कहा कि भविष्य के परिणाम न्यायसंगत और विकास-उन्मुख होने चाहिए, जो समुद्री संसाधनों और आजीविका दोनों की रक्षा करें।

सम्मेलन के दौरान, मंत्री ने अपने कई समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। उन्होंने यूके के व्यापार और वाणिज्य सचिव, पीटर काइल से मुलाकात की और एमसी-14 एजेंडा के तहत प्राथमिकताओं के साथ-साथ जुलाई 2025 में हस्ताक्षरित भारत-यूके व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) की दिशा में प्रगति पर चर्चा की।

गोयल ने कैमरून के व्यापार मंत्री ल्यूक मैग्लोइरे मबार्गा अटांगा से भी बातचीत की और डब्ल्यूटीओ मंत्रिस्तरीय सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए देश को बधाई दी और आयोजन की सराहना की। दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की।

इन चर्चाओं के दौरान, गोयल ने एक रिफॉर्म, प्रासंगिक और प्रभावी विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के लिए भारत के समर्थन को दोहराया, और वैश्विक व्यापार में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सर्वसम्मति-आधारित निर्णय लेने, सबसे पसंदीदा राष्ट्र (एमएफएन) मानदंडों और विशेष एवं विभेदक व्यवहार (एसएंडडीटी) जैसे मूल सिद्धांतों को बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

Point of View

बल्कि वैश्विक व्यापार में निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण है।
NationPress
06/04/2026

Frequently Asked Questions

पीयूष गोयल ने डब्ल्यूटीओ सम्मेलन में क्या कहा?
उन्होंने छोटे मछुआरों की आजीविका की सुरक्षा और भारत के मत्स्य पालन के जन-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर दिया।
भारत का मत्स्य पालन किस प्रकार महत्वपूर्ण है?
यह 90 लाख से अधिक मछुआरों का सहारा बनता है और खाद्य सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण स्रोत है।
डब्ल्यूटीओ सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
यह सम्मेलन वैश्विक व्यापार में निष्पक्षता और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया था।
पीयूष गोयल ने किन देशों के व्यापार मंत्रियों से मुलाकात की?
उन्होंने यूके और कैमरून के व्यापार मंत्रियों से द्विपक्षीय बैठकें कीं।
भारत ने मत्स्य पालन में क्या सुधार करने का समर्थन किया?
भारत ने मत्स्य पालन सब्सिडी पर मसौदा निर्णय को अपनाने का समर्थन किया है।
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