वैश्विक संकटों के बीच भारत की विकास दर FY27 में 6.6% रहने का अनुमान: SBI रिसर्च
सारांश
SBI की नई रिपोर्ट भारत की अर्थव्यवस्था को वैश्विक अस्थिरता के बीच भी लचीला दिखाती है — FY27 में 6.6% विकास दर, मजबूत घरेलू खपत और बैंक ऋण में तेजी से समर्थित। कच्चे तेल की कीमतें जोखिम कारक बनी हुई हैं।
मुख्य बातें
SBI रिसर्च ने FY 2026-27 में भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत का अनुमान लगाया है।
FY 2026 की चौथी तिमाही में विकास दर 7.2 प्रतिशत तक पहुँचने की संभावना है।
FY 2026 में अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के ऋण में 16.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
घरेलू खपत वैश्विक संकटों के बीच सकारात्मक योगदान दे रही है, विशेषकर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में।
कच्चे तेल की कीमत में प्रति बैरल $10 की वृद्धि से मुद्रास्फीति 0.35-0.40 प्रतिशत बढ़ सकती है।
नई दिल्ली, 11 मई। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रिसर्च टीम ने सोमवार को अनुमान लगाया है कि भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जबकि वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में यह 7.2 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वित्त वर्ष 2026 में भारत की विकास दर 7.5 प्रतिशत पर रहने की संभावना है, जो दर्शाता है कि वैश्विक अस्थिरता के बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था अपनी मजबूती बनाए हुए है।
ग्रामीण और शहरी उपभोग में सुधार
SBI के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्या कांति घोष ने कहा,
संपादकीय दृष्टिकोण
लेकिन सावधानी जरूरी है। 6.6% की विकास दर FY26 के 7.5% से एक स्पष्ट मंदी दर्शाती है, भले ही वैश्विक मानकों में यह अभी भी ठोस है। रिपोर्ट घरेलू खपत पर अत्यधिक निर्भर है — यदि शहरी उपभोग में राजकोषीय समर्थन कम होता है या ग्रामीण आय में गिरावट आती है, तो संख्याएँ तेजी से खिसक सकती हैं। कच्चे तेल की कीमत जोखिम कारक के रूप में उजागर किया गया है, लेकिन पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव के विस्तार के संभावित प्रभाव का विश्लेषण सीमित है। RBI के अगले नीति चक्र में ब्याज दर में कटौती करने का दबाव बढ़ेगा यदि विकास दर वास्तव में गिरती है।
RashtraPress
13 मई 2026
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
SBI ने भारत की GDP विकास दर FY27 के लिए क्या अनुमान लगाया है?
SBI रिसर्च ने FY 2026-27 में भारत की विकास दर 6.6 प्रतिशत का अनुमान लगाया है, जबकि FY26 की चौथी तिमाही में यह 7.2 प्रतिशत तक पहुँच सकती है। FY26 में कुल विकास दर 7.5 प्रतिशत पर रहने की उम्मीद है।
बैंक ऋण में कितनी वृद्धि हुई है?
अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (SCB) के बैंक ऋण में FY 2026 में 16.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो FY 2025 में 11.0 प्रतिशत थी। कुल ऋण वृद्धि 29.5 लाख करोड़ रुपए रही, दूसरी छमाही में 24.5 लाख करोड़ रुपए का योगदान था।
ग्रामीण और शहरी उपभोग में कैसी वृद्धि देखी जा रही है?
SBI के प्रमुख आर्थिक सलाहकार के अनुसार, कृषि और गैर-कृषि गतिविधियों से सकारात्मक संकेतों के कारण ग्रामीण उपभोग मजबूत बना हुआ है। राजकोषीय प्रोत्साहन के समर्थन से, शहरी उपभोग में पिछले त्योहारी सीजन से लगातार वृद्धि देखी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमतें भारतीय अर्थव्यवस्था को कैसे प्रभावित कर सकती हैं?
SBI की रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में प्रति बैरल 10 डॉलर की वृद्धि से चालू खाता दर में 0.35 प्रतिशत, मुद्रास्फीति में 0.35-0.40 प्रतिशत और GDP में 0.20-0.25 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
FY27 की पहली छमाही में ऋण वृद्धि कैसी रहने की उम्मीद है?
SBI को उम्मीद है कि FY27 की पहली छमाही में ऋण वृद्धि मजबूत बनी रहेगी, लेकिन उच्च आधार प्रभाव के कारण दूसरी छमाही में इसमें गिरावट आएगी। पूरे वर्ष के लिए ऋण वृद्धि 13-14 प्रतिशत रहने का अनुमान है।