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आरबीआई एमपीसी अगस्त 2026: रेपो रेट स्थिर रहने के संकेत, Q1 जीडीपी वृद्धि 7% से ऊपर रहने का अनुमान

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आरबीआई एमपीसी अगस्त 2026: रेपो रेट स्थिर रहने के संकेत, Q1 जीडीपी वृद्धि 7% से ऊपर रहने का अनुमान

सारांश

SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार RBI की 3-5 अगस्त MPC बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होगा। CPI दो तिमाहियों तक 5% से ऊपर और Q1 जीडीपी 7% से अधिक रहने के अनुमान ने केंद्रीय बैंक के सामने यथास्थिति बनाए रखने की मजबूत वजह पेश की है।

मुख्य बातें

SBI रिसर्च के अनुसार RBI MPC की 3-5 अगस्त 2026 बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं होने की संभावना है।
वित्त वर्ष 2026-27 की Q1 में जीडीपी वृद्धि 7 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान, जो RBI के पहले के 6.6% अनुमान से बेहतर है।
अगले दो तिमाहियों तक खुदरा महंगाई (CPI) 5 प्रतिशत से ऊपर बने रहने की संभावना।
जुलाई 2026 में $35 अरब की पूंजी आमद; 24 जुलाई तक विदेशी मुद्रा भंडार में $12.5 अरब की वृद्धि।
खरीफ बुवाई पिछले वर्ष से केवल 4.7 प्रतिशत कम; मानसून की कमी घटकर 13 प्रतिशत पर।
SBI रिसर्च ने AI बबल बनने के जोखिम पर भी सतर्क किया।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की 3 से 5 अगस्त 2026 के बीच होने वाली बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किए जाने की संभावना है। SBI रिसर्च की 1 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, अगले दो तिमाहियों तक खुदरा महंगाई (CPI) 5 प्रतिशत से ऊपर बने रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में आर्थिक वृद्धि दर 7 प्रतिशत से अधिक रह सकती है। इन दोनों कारकों को देखते हुए केंद्रीय बैंक के लिए फिलहाल ब्याज दरों को यथावत रखना अधिक उचित माना जा रहा है।

मौद्रिक नीति का मौजूदा परिदृश्य

SBI रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि जुलाई 2026 के दौरान $35 अरब की पूंजी आमद (कैपिटल इनफ्लो) दर्ज की गई, जिससे 24 जुलाई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $12.5 अरब बढ़ गया। इसके साथ ही जून के अंत तक तीन महीने की अवधि वाले फॉरवर्ड पोजीशन में $13 अरब की कमी आई, जिससे विदेशी मुद्रा बाज़ार में दबाव में उल्लेखनीय कमी देखी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, रुपये पर दबाव और वैश्विक पूंजी प्रवाह को लेकर बनी अनिश्चितता के चलते केंद्रीय बैंक की ओर से अत्यधिक नरम रुख अपनाने की संभावना कम है।

जीडीपी वृद्धि अनुमान में सुधार

SBI रिसर्च ने बताया कि पिछली तीन मौद्रिक नीति समीक्षाओं में RBI ने पश्चिम एशिया संकट के प्रभाव को देखते हुए वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था। हालाँकि, अब परिस्थितियों में सुधार के संकेत मिल रहे हैं और Q1 की वास्तविक वृद्धि दर पहले के अनुमान से काफी बेहतर, यानी 7 प्रतिशत से अधिक रह सकती है।

यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक रुझान अलग-अलग दिशाओं में हैं। अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अप्रैल-जून 2026 तिमाही के दौरान अपेक्षा से अधिक सुस्ती दर्ज की गई, जबकि पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितता के दौर से गुज़र रही है।

रुपया और विदेशी मुद्रा बाज़ार

रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक मुद्रा बाज़ार में असंतुलन बना हुआ है और मार्च 2026 के दौरान इसका सबसे अधिक असर भारतीय रुपये पर पड़ा। हालाँकि, RBI ने फॉरवर्ड बाज़ार में अपनी रणनीतिक हस्तक्षेप के ज़रिए अल्पकालिक दबाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया, जिससे निर्यातकों और आयातकों की हेजिंग गतिविधियों के कारण रुपये पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में मदद मिली।

मानसून और ग्रामीण अर्थव्यवस्था

मानसून के मोर्चे पर रिपोर्ट में सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। जुलाई 2026 में सामान्य से अधिक वर्षा होने के कारण देशभर में वर्षा की कमी घटकर 13 प्रतिशत रह गई है। जलाशयों का जलस्तर लगभग सामान्य है और खरीफ फसलों की बुवाई पिछले वर्ष की तुलना में केवल 4.7 प्रतिशत कम है, जिससे ग्रामीण माँग को समर्थन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

एआई बबल की चेतावनी

SBI रिसर्च ने अपनी रिपोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षेत्र को लेकर भी सतर्क किया है। रिपोर्ट के अनुसार, हर बड़ी तकनीकी क्रांति की तरह AI क्षेत्र में भी भारी निवेश, तेज़ी से बढ़ती उम्मीदें और सट्टा गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि कई कंपनियाँ वर्तमान में AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़रूरत से ज़्यादा निवेश कर रही हैं, जिससे भविष्य में AI बबल बनने का जोखिम पैदा हो सकता है।

5 अगस्त 2026 को RBI की MPC बैठक के नतीजों की घोषणा होगी, जिस पर बाज़ार और उद्योग जगत की नज़रें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन बाहरी जोखिम अभी भी नीति को जकड़े हुए हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

RBI MPC अगस्त 2026 बैठक में रेपो रेट पर क्या फैसला होने की उम्मीद है?
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, RBI की MPC 3-5 अगस्त 2026 की बैठक में रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं करेगी और यथास्थिति बनाए रखेगी। CPI महंगाई के दो तिमाहियों तक 5% से ऊपर रहने के अनुमान को इसकी प्रमुख वजह बताया गया है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की जीडीपी वृद्धि कितनी रह सकती है?
SBI रिसर्च के अनुसार, Q1 FY2026-27 में भारत की जीडीपी वृद्धि 7 प्रतिशत से अधिक रह सकती है। यह RBI के पहले के 6.6% के अनुमान से बेहतर है, जिसे पश्चिम एशिया संकट के कारण घटाया गया था।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार जुलाई 2026 में कितना बढ़ा?
जुलाई 2026 में $35 अरब की पूंजी आमद के चलते 24 जुलाई तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $12.5 अरब बढ़ गया। साथ ही फॉरवर्ड पोजीशन में $13 अरब की कमी से मुद्रा बाज़ार का दबाव भी कम हुआ।
मानसून 2026 का खरीफ फसलों और ग्रामीण माँग पर क्या असर पड़ेगा?
जुलाई 2026 में सामान्य से अधिक बारिश के कारण वर्षा की कमी घटकर 13 प्रतिशत रह गई है और खरीफ बुवाई पिछले वर्ष से केवल 4.7 प्रतिशत कम है। SBI रिसर्च के अनुसार, इससे ग्रामीण माँग को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
SBI रिसर्च ने AI बबल को लेकर क्या चेतावनी दी है?
SBI रिसर्च की रिपोर्ट के अनुसार, AI क्षेत्र में भारी निवेश, बढ़ती उम्मीदें और सट्टा गतिविधियाँ एक संभावित AI बबल का संकेत दे रही हैं। रिपोर्ट में आशंका जताई गई है कि कई कंपनियाँ AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज़रूरत से अधिक निवेश कर रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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